मायावती ने चुनावी सर्वे को बताया फेक और षड्यंत्र, 28 अक्टूबर से आकाश आनंद संभालेंगे चुनावी मोर्चा

मायावती ने चुनावी सर्वे को बताया फेक और षड्यंत्र, 28 अक्टूबर से आकाश आनंद संभालेंगे चुनावी मोर्चा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मीडिया और विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रसारित किए जा रहे चुनावी सर्वे पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने इन सर्वे को पूरी तरह "फेक", भ्रामक और राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताते हुए कहा कि धनबल और दुष्प्रचार के सहारे बसपा के जनाधार को कम आंकने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही बसपा प्रमुख ने चुनावी तैयारियों को रफ्तार देते हुए पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद को सक्रिय चुनावी मैदान में उतारने का बड़ा फैसला किया है। आकाश आनंद 28 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में धुआंधार रैलियां कर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में माहौल बनाएंगे।

'धनबल के दम पर ध्यान भटकाने वाला प्रोपेगैंडा': चुनावी सर्वे पर मायावती का प्रहार

सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के जरिए मायावती ने चुनावी सर्वे को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से काफी पहले ही सुनियोजित साजिश के तहत धनबल के दुरुपयोग के दम पर जनता का ध्यान भटकाने वाले फर्जी सर्वे का दौर शुरू कर दिया गया है।

बसपा प्रमुख ने कहा कि इन कथित सर्वे में बसपा को जानबूझकर कमजोर दिखाना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और बहुजन समाज के लोगों को आगाह किया कि विरोधी दल 'साम, दाम, दंड, भेद' की नीति अपनाकर मतदाताओं को गुमराह करने का प्रयास करेंगे। मायावती ने आह्वान किया कि कार्यकर्ता किसी बहकावे में न आएं और उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनाने तथा 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के संवैधानिक संकल्प को पूरा करने के लिए जी-जान से जुट जाएं।

28 अक्टूबर से आकाश आनंद का चुनावी मिशन: अनूपशहर से होगा शंखनाद

पार्टी संगठन में वापसी और नेशनल कोआर्डिनेटर का पदभार संभालने के बाद आकाश आनंद अब सीधे जनता के बीच मोर्चा संभालेंगे। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, आकाश आनंद 28 अक्टूबर से विभिन्न मंडलों में विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे और पार्टी के संभावित विधानसभा प्रत्याशियों के नामों की औपचारिक घोषणा भी करेंगे:

  • 28 अक्टूबर (अनूपशहर, बुलंदशहर): पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर स्थित अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र में पहली बड़ी रैली होगी, जहां पार्टी उम्मीदवार मनोज कुमार प्रधान के समर्थन में जनसभा आयोजित की जाएगी।

  • 2 नवंबर (नकुड़, सहारनपुर): सहारनपुर मंडल के नकुड़ में आकाश आनंद जनसभा करेंगे और नरेश कुमार सैनी की उम्मीदवारी की घोषणा करेंगे। इन दोनों पश्चिमी यूपी रैलियों के संयोजन की कमान पूर्व सांसद मुनकाद अली को सौंपी गई है।

  • 20 नवंबर (बीकापुर, अयोध्या): अयोध्या के बीकापुर में पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू की उम्मीदवारी के समर्थन में बड़ी चुनावी रैली होगी।

  • 22 नवंबर (आगरा मंडल): दलित राजनीति के अहम केंद्र आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए जनसभा प्रस्तावित है।

  • 29 नवंबर (बिल्हौर, कानपुर): कानपुर मंडल के बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी कार्यक्रम तय किया गया है।

यूपी के साथ पंजाब और उत्तराखंड का भी करेंगे रुख

आकाश आनंद का यह चुनावी अभियान केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहेगा। पार्टी द्वारा तय रूपरेखा के मुताबिक वे 26 नवंबर को पंजाब में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के हरिद्वार में विशाल रैली को संबोधित करेंगे।

युवाओं को लामबंद करने और संगठन में नई ऊर्जा फूंकने की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आकाश आनंद की आक्रामक और आधुनिक प्रचार शैली युवाओं के बीच खासी पसंद की जाती है। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के पश्चिमी यूपी में बढ़ते प्रभाव और सपा के 'पीडीए' समीकरण को संतुलित करने के लिए बसपा का यह कदम रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव से काफी पहले प्रत्याशियों के नाम घोषित करने और आकाश आनंद की सभाओं के जरिए बसपा अपने कैडर वोट बैंक को लामबंद करने और जमीनी स्तर पर चुनावी माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की तैयारी में है।