मिशन 2027 : पीएम मोदी के ताबड़तोड़ दौरों का रोडमैप तैयार, जानिए क्या है 18 मंडलों का मेगा प्लान

मिशन 2027 : पीएम मोदी के ताबड़तोड़ दौरों का रोडमैप तैयार, जानिए क्या है 18 मंडलों का मेगा प्लान

उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक मशीनरी और चुनावी रणनीति को पूरी गति से मैदान में उतार दिया है। राज्य में विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी की सक्रियता और नए सामाजिक समीकरणों की काट निकालने के लिए भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने जमीनी अभियान का खाका खींच लिया है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में मुख्य मुकाबला सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के साथ है, ऐसे में दिल्ली या अन्य राज्यों में चल रहे राजनीतिक आंदोलनों का राज्य के मतदाताओं पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इस सीधे मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए भाजपा ने केवल स्थानीय नेताओं पर निर्भर रहने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई चेहरे और केंद्रीय विकास योजनाओं को सीधे जनता के बीच ले जाने का निर्णय लिया है। पार्टी की इस आक्रामक तैयारी ने प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 बड़े दौरे और 18 मंडलों में रैलियों का खाका

पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में सघन संपर्क साधेंगे। इसके तहत राज्य भर में प्रधानमंत्री के करीब 10 से 12 बड़े कार्यक्रमों और विशाल जनसभाओं की रूपरेखा बनाई जा रही है। इन प्रस्तावित दौरों का मुख्य उद्देश्य केवल राजनीतिक भाषणबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार द्वारा पूरी की गई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेजों, हवाई अड्डों और जन-कल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करना होगा। प्रधानमंत्री के इन कार्यक्रमों के जरिए वाराणसी, कानपुर, अयोध्या, चित्रकूट, नोएडा, गोरखपुर और पश्चिमी यूपी के प्रमुख केंद्रों को साधने की मजबूत योजना तैयार की गई है, जिससे हर क्षेत्र के मतदाताओं तक सरकार की उपलब्धियों का सीधा संदेश पहुंचाया जा सके।

25 अक्टूबर को काशी से शंखनाद: नमो घाट पर भव्य एयर शो और विकास कार्यों की सौगात

प्रधानमंत्री के इस सघन चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी से होने जा रही है। 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी पहुंचेंगे, जहां वे पुनर्विकसित नमो घाट पर आयोजित होने वाले भव्य एयर शो में शिरकत करेंगे। इस आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद वाराणसी जाकर गंगा घाटों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सूक्ष्म समीक्षा कर चुके हैं। इस मेगा इवेंट में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सेना और शासन के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। काशी से शुरू होने वाला यह दौरा पूर्वांचल के राजनीतिक माहौल को गरमाने के साथ-साथ यह संदेश देगा कि भाजपा अपने सबसे मजबूत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गढ़ से पूरे प्रदेश में विकास की नई धारा का शंखनाद कर रही है।

पश्चिमी यूपी में जाट-गुर्जर और किसान समीकरण को साधने की साझा रणनीति

पूर्वांचल के साथ-साथ भाजपा का सबसे बड़ा फोकस पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर टिका हुआ है, जहां बृज और वेस्ट यूपी को मिलाकर करीब 136 विधानसभा सीटें राजनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। 2024 के आम चुनाव में सामने आए सामाजिक समीकरणों को दुरुस्त करने के लिए भाजपा ने अपने सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के साथ मिलकर विस्तृत योजना बनाई है। इसी कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर 23 दिसंबर को हापुड़ के नूरपुर में एक ऐतिहासिक संयुक्त रैली का प्रस्ताव रखा गया है। इस मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी एक साथ हुंकार भरते नजर आएंगे। इस साझा मंच के जरिए पश्चिमी यूपी के पारंपरिक जाट, गुर्जर और किसान मतदाताओं को एकजुट रखने और विपक्ष के सामाजिक गठबंधन की घेराबंदी को तोड़ने की मुकम्मल तैयारी की जा रही है।

संगठन शक्ति और विस्तारकों का नेटवर्क: दीपावली से पहले शक्ति केंद्रों की घेराबंदी

चुनावी जमीन को अभेद्य बनाने के लिए भाजपा ने अपने संगठनात्मक ढांचे को भी री-चार्ज करना शुरू कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी और शीर्ष नेताओं की देखरेख में हाल ही में काशी में दो दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर विस्तारकों और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया गया है। दीपावली से पहले सभी क्षेत्रीय प्रभारियों को विधानसभावार बूथों और शक्ति केंद्रों की बैठकों का पहला दौर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। इसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में 98 संगठनात्मक जिलों के लिए नई टीमों का गठन और बूथ समितियों का भौतिक सत्यापन तेजी से चल रहा है। प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के अन्य राष्ट्रीय नेताओं के भी लगातार संगठनात्मक दौरे तय किए गए हैं, ताकि संगठन और सत्ता के बीच तालमेल को जमीनी स्तर पर जीत की गारंटी में बदला जा सके।