पीएम मोदी करेंगे मां पाटेश्वरी विवि और मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण, सीएम योगी ने देवीपाटन में की कार्यों की समीक्षा

पीएम मोदी करेंगे मां पाटेश्वरी विवि और मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण, सीएम योगी ने देवीपाटन में की कार्यों की समीक्षा

उत्तर प्रदेश के तराई अंचल में स्थित बलरामपुर जिले के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी दिसंबर माह में मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के भव्य भवन और अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज का एक साथ लोकार्पण करेंगे। अपने दो दिवसीय बलरामपुर दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह घोषणा की। सीएम योगी ने बताया कि दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के संयुक्त लोकार्पण कार्यक्रम के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से समय मांगा है। इस पहल से न केवल देवीपाटन मंडल बल्कि सीमावर्ती पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत क्षेत्रों के छात्रों और मरीजों को भी उच्च शिक्षा व आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं का सीधा लाभ मिलने लगेगा।

निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर सीएम योगी की नाराजगी, अफसरों को दो टूक चेतावनी

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज परिसर के निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति का बिंदुवार जायजा लिया। सूत्रों के अनुसार, कुछ निर्माण खंडों की अपेक्षित गति से धीमी रफ्तार को देखकर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। सीएम ने निर्माणदायी संस्थाओं, कार्यदायी एजेंसियों और सेतु निर्माण निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि काम में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकार्पण कार्यक्रम तय समय-सीमा के भीतर प्रस्तावित है, लिहाजा मैनपावर और तकनीकी मशीनरी की संख्या बढ़ाकर अवशेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए, और निर्माण सामग्री की निरंतर लैब टेस्टिंग कराई जाए।

देवीपाटन मंडल के उच्चाधिकारियों को फील्ड में उतरकर दैनिक मॉनिटरिंग के निर्देश

परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त और बलरामपुर के जिलाधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम योगी ने प्रशासनिक नेतृत्व को आदेश दिया कि वे नियमित अंतराल पर निर्माण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करें और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन को प्रेषित करें। अस्पताल विंग, फैकल्टी आवास, एकेडमिक ब्लॉक्स, प्रयोगशालाओं और सड़क कनेक्टिविटी के कार्यों को समानांतर रूप से पूरा करने का खाका तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यदायी एजेंसियां संसाधनों की कोई भी कमी सामने आने पर तत्काल शासन से अतिरिक्त बजट या प्रशासनिक समन्वय की मांग कर सकती हैं, लेकिन कार्य की अंतिम समय-सीमा में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में आंधी-तूफान से ठप बिजली व्यवस्था तुरंत बहाल करने का फरमान

बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सदर विधायक ने पिछले दिनों आए आंधी-तूफान व भारी बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त हुए बिजली ढांचे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कई गांवों में विद्युत पोल व तार टूटने से अंधेरा छाए रहने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अभियंताओं की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। सीएम योगी ने मंडलायुक्त और डीएम को स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिरिक्त विद्युत कर्मियों और तकनीकी उपकरणों की तैनाती कर चौबीस घंटे के भीतर ग्रामीण फीडरों की आपूर्ति बहाल की जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि संकट की इस घड़ी में किसी भी ग्रामीण या किसान को बिजली संकट का सामना न करना पड़े, और यदि कहीं उपकरण जलने की शिकायत है तो उसे निर्धारित समयावधि में तत्काल बदला जाए।

बलरामपुर नगर के चार प्रमुख मार्गों को फोरलेन बनाने और रिंग रोड की कार्ययोजना

बलरामपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और स्थानीय प्रतिनिधियों ने शहर के यातायात को सुगम बनाने और जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए चार प्रमुख प्रवेश मार्गों को डिवाइडर सहित फोरलेन बनाने का मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इसके साथ ही जिले के रिंग रोड प्रोजेक्ट और चीनी मिल विस्तार से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन को इन मार्गों के चौड़ीकरण की समग्र विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा ही नए निवेश और स्थानीय व्यापार को पंख लगा सकता है, इसलिए शहरी कनेक्टिविटी को प्राथमिकता के आधार पर संवारा जाएगा।

पिछड़ेपन के दंश से मुक्त हो रहा तराई क्षेत्र, अटल जी की कर्मस्थली को मिला नया आयाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा को याद करते हुए कहा कि एक दौर था जब बलरामपुर को विकास की मुख्यधारा से काटकर पूरी तरह पिछड़ा छोड़ दिया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 1957 में पहली बार बलरामपुर से ही अपनी संसदीय यात्रा शुरू की थी और प्रख्यात समाज सुधारक नानाजी देशमुख ने इस तराई अंचल को अपनी कर्मस्थली बनाया था। सीएम ने कहा कि डबल इंजन की सरकार इन महान विभूतियों के सपनों को साकार कर रही है। जहां कभी बेहतर इलाज के लिए लोगों को लखनऊ या गोरखपुर का रुख करना पड़ता था, वहीं अब अपने ही जिले में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय की स्थापना से युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, रोजगार और आम नागरिकों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के द्वार हमेशा के लिए खुल रहे हैं।