सिलिकॉन वैली का डार्क सीक्रेट: 100 से अधिक कथित यौन शिकारियों की सीक्रेट लिस्ट से टेक जगत में हड़कंप

सिलिकॉन वैली का डार्क सीक्रेट: 100 से अधिक कथित यौन शिकारियों की सीक्रेट लिस्ट से टेक जगत में हड़कंप

दुनिया भर में आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप क्रांति के सबसे बड़े वैश्विक केंद्र यानी अमेरिका की सिलिकॉन वैली से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अरबों डॉलर की फंडिंग और चमचमाते कॉरपोरेट कल्चर के पीछे छिपा एक काला सच अब बेनकाब हो रहा है। हाल ही में सामने आई न्यूयॉर्क पोस्ट की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, सिलिकॉन वैली में काम करने वाली महिला कर्मचारियों और महिला फाउंडर्स के बीच एक अत्यंत गुप्त स्प्रेडशीट (दस्तावेज) साझा की जा रही है। इस सूची में 100 से अधिक ऐसे प्रभावशाली पुरुषों के नाम दर्ज हैं, जिन पर महिला सहकर्मियों को नशीला पदार्थ (ड्रग्स) देने, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे बेहद संगीन आरोप लगे हैं। इस खुलासे के बाद पूरे अमेरिकी टेक वर्ल्ड और वेंचर कैपिटल (VC) इकोसिस्टम में भारी हलचल मच गई है।

यह सूची कोई आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड नहीं, बल्कि डर और करियर बर्बाद होने की आशंका के साए में जी रही महिला टेक प्रोफेशनल्स द्वारा तैयार किया गया एक आत्मरक्षा तंत्र है। इसे तकनीकी गलियारों में 'विस्पर नेटवर्क' (Whisper Network) कहा जा रहा है।

क्या है 'विस्पर नेटवर्क' और कैसे सामने आई यह काली सूची?

विस्पर नेटवर्क दरअसल महिला टेक कर्मचारियों द्वारा आपस में खुफिया और सुरक्षित तरीके से संवेदनशील जानकारी साझा करने का एक अनौपचारिक चैनल है। सिलिकॉन वैली में जब कोई नई युवा महिला इंजीनियर, कोडर या स्टार्टअप फाउंडर अपना करियर शुरू करने आती है, तो उसे इंडस्ट्री के कथित खतरनाक और संदिग्ध चेहरों से आगाह करने के लिए यह निजी लिस्ट पहुंचाई जाती है।

इस नेटवर्क से जुड़ी एक 20 वर्षीय महिला कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब उसने पहली बार इस स्प्रेडशीट को देखा तो उसके होश उड़ गए। सूची में केवल साधारण कर्मचारी नहीं, बल्कि कई नामी-गिरामी वेंचर कैपिटलिस्ट, दिग्गज एंजेल इन्वेस्टर्स, सफल टेक फाउंडर्स और बड़ी एआई कंपनियों से जुड़े बेहद रसूखदार कारोबारी शामिल हैं। ये वही लोग हैं जो दिन में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंसेज में मंच साझा करते हैं और रात में हाई-प्रोफाइल प्राइवेट पार्टियों में महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं।

'हैकर हाउस' कल्चर: नेटवर्किंग की आड़ में दरिंदगी का अड्डा

रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक पहलू सिलिकॉन वैली के तथाकथित 'हैकर हाउस' (Hacker Houses) के कल्चर को लेकर सामने आया है। सैन फ्रांसिस्को और बे एरिया में हैकर हाउस उन कम्युनल लिविंग स्पेसेस को कहा जाता है, जहां युवा फाउंडर्स, टेक इंजीनियर, फ्रीलांसर और इन्वेस्टर्स एक साथ रहते हैं, वहीं बैठकर दिन-रात कोडिंग करते हैं और नेटवर्किंग के जरिए फंड जुटाते हैं।

अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, कई आरोपी इसी अनौपचारिक माहौल का फायदा उठाते हैं। पार्टियों और लेट-नाइट ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशंस के दौरान पहले दोस्ताना व्यवहार बनाकर युवा और बाहरी शहरों या विदेशों से आई युवतियों का भरोसा जीता जाता है। इसके बाद ड्रिंक्स में नशीला पदार्थ मिलाकर उनका यौन शोषण किया जाता है। कई मामलों में पीड़ितों को अगली सुबह यह भी याद नहीं रहता कि उनके साथ क्या हुआ था, जिसके चलते वे तुरंत कानूनी कदम उठाने में असमर्थ रह जाती हैं।

Zette की फाउंडर येहॉन्ग झू का सनसनीखेज खुलासा: पुलिस के बजाय 'वोटिंग' की मिली सलाह

इस पूरे मामले में मीडिया ऐप 'जेट्टे' (Zette) की प्रसिद्ध महिला फाउंडर येहॉन्ग झू (Yehong Zhu) के बयान ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। झू ने सैन फ्रांसिस्को के मशहूर हैकर हाउस 'जेनेसिस' के एक पूर्व कर्मचारी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उन्होंने दिसंबर 2021 में इस संबंध में औपचारिक पुलिस केस भी दर्ज कराया, लेकिन आरोपी फरार हो गया और आज तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

झू ने बताया कि जब उन्होंने उस आरोपी को हैकर हाउस से बाहर निकालने की मांग की, तो हाउस ऑर्गेनाइजर ने मामले को दबाने की कोशिश की। उन्हें पुलिस के पास न जाने की सलाह दी गई और उल्टे यह सुझाव दिया गया कि एक आंतरिक कमेटी बनाकर 'वोटिंग' कराई जाए कि आरोपी को रखा जाए या नहीं। बिजनेस कनेक्शन और फंडिंग रुकने के डर से कई परिचितों ने इस मामले में पीड़िता का साथ देने से साफ इनकार कर दिया।

कानूनी रास्ते से क्यों बचती हैं महिलाएं? करियर खत्म होने का डर

इस रिपोर्ट ने इस बुनियादी सवाल को भी उजागर किया है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने से क्यों बचती हैं। इसके पीछे टेक इंडस्ट्री का वह सिंडिकेट है जहां निवेशकों का दबदबा चलता है।

एक पीड़िता ने बेबाकी से अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा:

"अगर मैं किसी बड़े वीसी या फाउंडर के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ती और जरा सी भी चूक से केस हार जाती, तो शहर का हर बड़ा इन्वेस्टर मुझे ब्लैकलिस्ट कर देता। मेरे स्टार्टअप को एक डॉलर की फंडिंग नहीं मिलती और मेरा पूरा करियर हमेशा के लिए खत्म हो जाता। ऐसे में अपनी पहचान छिपाकर दूसरी लड़कियों को आगाह करना ही हमारे पास एकमात्र सुरक्षित रास्ता बचता है। "

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि ऐसी अनौपचारिक लिस्ट बिना पुलिस जांच के जोखिम भरी हो सकती है, लेकिन यह सिलिकॉन वैली के जहरीले वर्क कल्चर और महिलाओं के लिए सुरक्षित कामकाजी माहौल की भारी कमी का स्पष्ट आईना है। अब यह देखना अहम होगा कि इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियां और शीर्ष टेक कंपनियां इन 100 से अधिक नामों पर क्या कड़ा एक्शन लेती हैं।