कॉकपिट में चाकूबाजी या कोई खौफनाक आतंकी साजिश? दुबई-तेल अवीव फ्लाइट कांड की जांच में उतरा UAE

कॉकपिट में चाकूबाजी या कोई खौफनाक आतंकी साजिश? दुबई-तेल अवीव फ्लाइट कांड की जांच में उतरा UAE

दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट के भीतर हुए जानलेवा चाकू हमले ने पूरी दुनिया के विमानन और सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया है। 30 सितंबर को बीच हवा में घटी इस सनसनीखेज वारदात के बाद अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने औपचारिक रूप से उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि क्या यह महज दो पायलटों के बीच की कोई अप्रत्याशित हिंसक झड़प थी, या फिर 150 से अधिक यात्रियों से भरे बोइंग 737 मैक्स विमान को हवा में ही तबाह करने की कोई पूर्व-नियोजित आतंकी साजिश रची गई थी। दोनों घायल पायलटों का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहीं यूएई ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले की तह तक जाकर हर छिपे हुए पहलू को बेनकाब करेगा।

यूएई के अटॉर्नी जनरल ने बनाई स्पेशल टीम, आतंकी साजिश के एंगल पर फोकस

यूएई के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश के अटॉर्नी-जनरल काउंसलर डॉ. हमद अल शामसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के विशेषज्ञ सदस्यों की एक विशेष जांच टीम गठित करने का आदेश दिया है। यह टीम घटना से जुड़ी तमाम परिस्थितियों, कारणों और हमले के पीछे के असल मकसद की गहन पड़ताल करेगी।

जांच दल विशेष रूप से इस बिंदु पर केंद्रित है कि क्या इस खौफनाक वारदात के तार किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन, स्लीपर सेल या किसी चरमपंथी विचारधारा से जुड़े हैं। इसके साथ ही फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या को-पायलट ने किसी तीसरे पक्ष के इशारे या बाहरी निर्देशों पर विमान को क्रैश कराने की पूर्व-नियोजित योजना बनाई थी।

बीच हवा में अचानक गिरी ऊंचाई, पहले भेजा कोड 7700 और फिर बज उठा 7500

उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर का घटनाक्रम बेहद भयावह था। आरोप है कि फ्लाइट FZ1073 के को-पायलट ने विमान को क्रैश करने के इरादे से मुख्य पायलट पर अचानक चाकू से हमला बोल दिया। इस हिंसक हाथापाई के दौरान विमान की ऊंचाई में तेजी से अनियंत्रित गिरावट दर्ज की गई।

खतरे को भांपते हुए विमान के ट्रांसपोंडर से पहले सामान्य आपात स्थिति का सूचक 'कोड 7700' प्रसारित किया गया। इसके तुरंत बाद स्थिति की गंभीरता और अवैध कब्जे/दखल को दर्शाने वाला 'कोड 7500' (जो विमानन नियमों में हाईजैक या गैर-कानूनी हस्तक्षेप का संकेत होता है) एक्टिवेट हुआ। गनीमत रही कि केबिन क्रू के सदस्यों ने अदम्य साहस दिखाते हुए समय रहते कॉकपिट में दखल दिया और हमलावर को काबू में किया, जिससे विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपात लैंडिंग करने में सफल रहा।

अंतरराष्ट्रीय सीमा से बाहर घटना, फिर भी UAE के पास है जांच का पूर्ण अधिकार

कानूनी क्षेत्राधिकार पर स्थिति साफ करते हुए यूएई सरकार ने कहा कि देश के न्यायिक अधिकारियों के पास इस पूरे मामले की जांच करने और कानूनी कार्रवाई का पूर्ण विधिक अधिकार है। अंतर्राष्ट्रीय उड्डयन कानून और राष्ट्रीय नियमों के तहत, चूंकि संबंधित बोइंग 737 मैक्स विमान यूएई में पंजीकृत है और वह यूएई के राष्ट्रीय ध्वज के तहत उड़ान भर रहा था, इसलिए विमान के भीतर घटित किसी भी आपराधिक कृत्य पर संयुक्त अरब अमीरात का ही कानून लागू होता है।

यूएई प्रशासन ने इस संकट के समय सऊदी अरब के नागर विमानन अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दिखाए गए त्वरित सहयोग, इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति और चिकित्सीय सहायता के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया है।

तेल अवीव की उड़ानें अस्थायी रूप से बंद, अफवाहों से बचने की अपील

इस अप्रत्याशित संकट के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए फ्लाईदुबई ने इजरायल के तेल अवीव के लिए अपनी सभी उड़ानों के संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। एयरलाइन प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों और क्रू की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यह रोक प्रभावी रहेगी। वहीं, यूएई सरकार ने वैश्विक मीडिया और नागरिकों से अपील की है कि जब तक आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक बिना पुष्टि वाली खबरों और अपुष्ट अफवाहों पर भरोसा न किया जाए।