'घर में ही रहें': सऊदी अरब में बढ़ते हमलों के बीच भारतीय दूतावास की नागरिकों को सख्त एडवाइजरी, तनाव बढ़ा

'घर में ही रहें': सऊदी अरब में बढ़ते हमलों के बीच भारतीय दूतावास की नागरिकों को सख्त एडवाइजरी, तनाव बढ़ा

सऊदी अरब में सीमा पार से हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बढ़ते खतरों और खाड़ी क्षेत्र में गहराते तनाव के बीच रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए एक सख्त और औपचारिक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों, विशेषकर सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में कार्यरत कामगारों और परिवारों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें और जब तक बेहद जरूरी न हो, अपने घरों या सुरक्षित आवासों से बाहर न निकलें। खाड़ी के इस महत्वपूर्ण मुल्क में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर नई दिल्ली से लेकर रियाद तक राजनयिक हलकों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि हाल के दिनों में तेल प्रतिष्ठानों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाने की कोशिशों में तेजी देखी गई है।

अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत

भारतीय मिशन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में नागरिकों को सख्त ताकीद की गई है कि वे अनावश्यक आवाजाही, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और रणनीतिक रूप से संवेदनशील ठिकानों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें। एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि सायरन या मिसाइल इंटरसेप्शन की आवाजें सुनाई दें, तो तुरंत खुली जगहों से हटकर सुरक्षित इमारतों के निचले हिस्सों में शरण लें और खिड़कियों व कांच के दरवाजों से दूर रहें। नागरिकों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे सऊदी सिविल डिफेंस और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले आपातकालीन अलर्ट और सुरक्षा प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दूतावास ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाले हेल्पलाइन नंबर और ईमेल पते भी साझा किए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मुहैया कराई जा सके।

यमन सीमा और दक्षिणी प्रांतों में ड्रोन हमलों से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

सऊदी अरब के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों, खासकर जीजान, नजरान, खमीस मुशैत और असीर प्रांतों में सीमा पार से होने वाले हमलों का खतरा हमेशा से अधिक रहता है। यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों द्वारा अक्सर सऊदी हवाई अड्डों, ऊर्जा संयंत्रों और रिहायशी ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक से लदे आत्मघाती ड्रोनों से निशाना बनाया जाता रहा है। हालांकि सऊदी वायु रक्षा प्रणाली (पेट्रियॉट मिसाइल डिफेंस) अधिकांश हमलों को हवा में ही नाकाम कर देती है, लेकिन हवा में नष्ट किए गए प्रोजेक्टाइल्स और मिसाइलों के गिरते मलबे (श्रापनेल) से जमीन पर भारी जान-माल का नुकसान होने का जोखिम बना रहता है। हालिया हमलों की तीव्रता और बारंबारता में हुई बढ़ोतरी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है, जिसके चलते विदेशी कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजनयिक स्तर पर यह कदम उठाया गया है।

सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहने और पंजीकरण की अपील

भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद भारतीय समुदाय से यह भी आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों, भ्रामक वीडियो और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे फॉरवर्ड करें। स्थानीय कानूनों के तहत सुरक्षा संबंधी अपुष्ट सूचनाएं फैलाने पर कड़े दंड और जेल का प्रावधान है। मिशन ने सभी नागरिकों को केवल आधिकारिक सऊदी समाचार एजेंसी (SPA) और भारतीय दूतावास के सोशल मीडिया हैंडल्स पर दी जाने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, दूतावास ने उन सभी भारतीयों से अपना विवरण दूतावास के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत करने की अपील दोहराई है, जिन्होंने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, ताकि संकट की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति तक सीधे और तुरंत पहुंचा जा सके।