यूक्रेन को मिला नया प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति जेलेंस्की के सबसे भरोसेमंद ऊर्जा दिग्गज सेरगी कोरेट्स्की कौन हैं?
रूस के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन में एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बेहद करीबी और देश के ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े चेहरे सेरगी कोरेट्स्की (Sergii Koretskyi) को यूक्रेन का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। गुरुवार, 16 जुलाई को यूक्रेन की संसद (Verkhovna Rada) ने एक ऐतिहासिक मतदान के दौरान 289 सांसदों के भारी समर्थन से उनके नाम पर मुहर लगा दी। यह फैसला युद्ध के बीच देश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लिया गया है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की का बड़ा दांव, सर्दियों से पहले सौंपी कमान
पिछले कुछ महीनों से राष्ट्रपति जेलेंस्की अपनी कैबिनेट और प्रशासनिक व्यवस्था में लगातार बड़े बदलाव कर रहे हैं। 48 वर्षीय सेरगी कोरेट्स्की के नाम का प्रस्ताव खुद जेलेंस्की ने रखा था। उन्होंने संसद को बताया कि आगामी कड़ाके की सर्दियों में युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन को ऊर्जा संकट से बचाने के लिए कोरेट्स्की से बेहतर और कोई विकल्प नहीं हो सकता।
नए प्रधानमंत्री कोरेट्स्की की 3 सबसे बड़ी प्राथमिकताएं
पदभार संभालने से पहले संसद को संबोधित करते हुए नए प्रधानमंत्री सेरगी कोरेट्स्की ने देश के सामने अपनी तीन मुख्य प्राथमिकताओं को साफ तौर पर रखा:
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यूक्रेन की रक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत करना।
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युद्ध के दौर में देश की चरमराती आर्थिक स्थिरता को बनाए रखना।
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यूक्रेन को यूरोपीय संघ (EU) में शामिल कराने की प्रक्रिया में तेजी लाना।
बिना किसी राजनीतिक बैकग्राउंड के शीर्ष पर पहुंचे कोरेट्स्की
पेशे से इंजीनियर और अर्थशास्त्री सेरगी कोरेट्स्की का कोई पुराना राजनीतिक इतिहास या सरकारी अनुभव नहीं है। वह पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहे हैं, लेकिन बिजनेस और ऊर्जा सेक्टर में उनका 20 साल से ज्यादा का अनुभव उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
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मई 2025 से: यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा दिग्गज कंपनी 'नैफ्तोगाज' (Naftogaz) के सीईओ के रूप में देश की गैस उत्पादन और वितरण व्यवस्था को संभाला।
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इससे पहले: यूक्रेन की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी 'उक्रनाफ्टा' (Ukrnafta) के प्रमुख रहे।
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शुरुआती करियर: वेस्टर्न ऑयल ग्रुप और कॉन्टिनम ग्रुप के सीईओ के रूप में देश की प्रमुख फ्यूल स्टेशन चेन 'WOG' का सफल प्रबंधन किया।
रूसी हमलों के बीच सबसे बड़ी चुनौती
नए प्रधानमंत्री के सामने इस समय सबसे कांटों भरा रास्ता है। पिछले कई महीनों से रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड, सबस्टेशनों और गैस पाइपलाइनों को तबाह कर दिया है। ऐसे में आगामी सर्दियों में देश के नागरिकों तक बिजली और गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करना कोरेट्स्की की सबसे अग्निपरीक्षा होगी।