सरोगेसी से पैदा कराए 21 बच्चे, नैनी से कराते थे बर्बरता और CCTV में देख होते थे खुश; अमीर पति-पत्नी गिरफ्तार

सरोगेसी से पैदा कराए 21 बच्चे, नैनी से कराते थे बर्बरता और CCTV में देख होते थे खुश; अमीर पति-पत्नी गिरफ्तार

सरोगेसी के जरिए दर्जनों बच्चों के माता-पिता बनकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बटोरने वाले एक अमीर दंपती को पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में जो रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस दंपती ने चंद वर्षों के भीतर सरोगेसी के जरिए 21 बच्चों को पैदा कराया था। बाहर की दुनिया के लिए वे एक बड़े, खुशहाल और संपन्न परिवार की तस्वीर पेश करते थे, लेकिन उनके आलीशान बंगले की चारदीवारी के भीतर मासूम बच्चों के साथ अमानवीय बर्बरता का खतरनाक खेल खेला जा रहा था।

मामले की जांच कर रही विशेष टास्क फोर्स ने जब दंपती के परिसर पर छापा मारा, तो वहां मौजूद परिस्थितियों को देखकर अनुभवी अधिकारी भी दंग रह गए। दंपती पर न केवल बच्चों के साथ गंभीर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का आरोप है, बल्कि उनके ऊपर वित्तीय अपराधों, मानव तस्करी के संदेह और गैर-कानूनी तरीके से बच्चों को अपने कब्जे में रखने से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रिमांड पर भेज दिया गया है।

नैनी से करवाते थे बच्चों की बेरहमी से पिटाई, CCTV कैमरों में देखकर लेते थे आनंद

जांच में सामने आई सबसे खौफनाक और घिनौनी बात यह है कि दंपती ने बच्चों की देखभाल के लिए दर्जनों आयाओं (नैनी) को काम पर रखा हुआ था, लेकिन उन्हें सख्त हिदायत दी गई थी कि वे बच्चों के साथ कठोर और हिंसक व्यवहार करें। अगर कोई मासूम रोता या खाना खाने में आनाकानी करता, तो नैनी को उसे डराने, मारने और अलग-थलग बंद कमरे में कैद करने के निर्देश थे।

हद तो तब हो गई जब डिजिटल फॉरेंसिक जांच में यह बात उजागर हुई कि घर के हर कोने में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। पति-पत्नी अपने बेडरूम या मोबाइल फोन के जरिए लाइव फुटेज देखते थे और जब नैनी मासूम बच्चों पर जुल्म ढाती थी या बच्चे रोते-बिलखते थे, तो वे उस क्रूरता को देखकर सुकून महसूस करते थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह एक विकृत मानसिकता और संगठित बाल शोषण का ऐसा मामला है, जिसकी मिसाल हाल के वर्षों में देखने को नहीं मिली। कई पूर्व कर्मचारियों ने गवाही दी है कि जो नैनी बच्चों पर सख्ती करने से इनकार करती थी, उसे नौकरी से निकाल दिया जाता था और भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी जाती थी।

सोशल मीडिया पर 'परफेक्ट फैमिली' का ढोंग और 100 बच्चों का सनकी ख्वाब

गिरफ्तार दंपती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेहद सक्रिय था और इंस्टाग्राम व यूट्यूब पर अपने बच्चों के वीडियो पोस्ट कर लाखों फॉलोअर्स बटोर चुका था। वे खुद को दुनिया के सबसे समर्पित माता-पिता के तौर पर पेश करते थे और साक्षात्कार में दावा करते थे कि उनका सपना 100 से अधिक बच्चे पैदा करने का है ताकि वे दुनिया का सबसे बड़ा परिवार बना सकें। इसके लिए उन्होंने पूर्वी यूरोप के देशों में क्लीनिकों को करोड़ों रुपये देकर कमर्शियल सरोगेसी के जरिए एक साथ कई महिलाओं की कोख किराए पर ली थी।

इंटरनेट पर रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चों की तस्वीरें देखकर दुनिया भर के लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते थे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं थी कि कैमरों की चकाचौंध के पीछे मासूमों की जिंदगी किसी नरक से कम नहीं थी। बाल मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इतने कम उम्र के बच्चों को मां-बाप के प्यार से महरूम रखकर पूरी तरह किराए की नैनी के भरोसे अमानवीय माहौल में रखना उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर गहरा आघात पहुंचाता है।

बच्चों को सरकारी संरक्षण में भेजा गया, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े कानूनों की मांग

दंपती की गिरफ्तारी के तुरंत बाद बाल कल्याण विभाग (Child Welfare Services) और स्वास्थ्य टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी 21 बच्चों को अपनी सुरक्षा में ले लिया है। डॉक्टरों की टीम ने बच्चों का प्रारंभिक मेडिकल चेकअप किया है, जिसमें कई बच्चों के शरीर पर चोटों के निशान और कुपोषण के लक्षण पाए गए हैं। सभी बच्चों को विशेष देखरेख केंद्रों में मनोवैज्ञानिक और चिकित्सीय सहायता दी जा रही है।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद दुनिया भर में कमर्शियल सरोगेसी और अमीर लोगों द्वारा बच्चों को 'स्टेटस सिंबल' या खिलौने की तरह इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति पर तीखी बहस छिड़ गई है। मानवाधिकार संगठनों ने मांग की है कि सरोगेसी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनों को बेहद सख्त किया जाए ताकि पैसे के दम पर कोई भी व्यक्ति मासूम जिंदगियों को अपनी सनक और बर्बरता का शिकार न बना सके। अदालत में इस दंपती के खिलाफ जल्द ही फास्ट-ट्रैक ट्रायल शुरू होने जा रहा है, जहां उन्हें उम्रकैद तक की सख्त सजा हो सकती है।