सोने की कीमतों में भारी गिरावट, ₹1516 लुढ़का 10 ग्राम गोल्ड; जानें क्यों अचानक फीकी पड़ी सराफा बाजार की चमक

सोने की कीमतों में भारी गिरावट, ₹1516 लुढ़का 10 ग्राम गोल्ड; जानें क्यों अचानक फीकी पड़ी सराफा बाजार की चमक

भारतीय सराफा बाजार में नया महीना शुरू होते ही सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। घरेलू वायदा बाजार (MCX) में हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार, 1 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने आज घरेलू बाजार में सोने की चमक को पूरी तरह से फीका कर दिया है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले संभावित शांति समझौते को लेकर जो वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है, उसने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं के भाव पर पड़ा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह-सुबह ही धड़ाम हुए दाम

सोमवार सुबह कारोबार की शुरुआत होते ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के दाम भारी दबाव के साथ खुले। सुबह लगभग 9:28 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में 0.84 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई। इस गिरावट के बाद 10 ग्राम सोने के दाम ₹1516 तक टूट गए और यह फिसलकर ₹1,59,533 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नरमी का रुख रहा। एमसीएक्स पर चांदी का भाव 0.34 प्रतिशत यानी ₹910 प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गया, जिससे चांदी की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को भी बड़ी राहत मिली है।

विदेशी बाजारों में भी टूटा सोना, डॉलर इंडेक्स में आई तेजी

घरेलू बाजार के साथ-साथ अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी आज कीमती धातुओं पर भारी दबाव साफ नजर आया। मजबूत होते डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते अमेरिकी गोल्ड वायदा (US Gold Futures) 0.8 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,558.10 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गया। दरअसल, वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स में आज लगभग 0.20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। नियम के मुताबिक, जब भी डॉलर मजबूत होता है, तो विदेशी मुद्रा वाले अन्य खरीदारों के लिए सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर इसकी मांग घटने लगती है और कीमतें नीचे आ जाती हैं।

कच्चे तेल में लगी आग और महंगाई के डर ने सोने को किया कमजोर

वैश्विक बाजार में दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से भी ज्यादा का तगड़ा उछाल देखने को मिला है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने का सीधा मतलब है कि दुनिया भर में महंगाई (मुद्रास्फीति) के ऊंचे स्तर पर बने रहने का खतरा पैदा हो गया है। जब महंगाई बढ़ती है, तो दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती न करने या मौद्रिक नीति को और सख्त करने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे माहौल में निवेशक सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति (Non-Yielding Asset) से अपना पैसा निकालने लगते हैं, जिससे गोल्ड पर दबाव और ज्यादा बढ़ जाता है।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर संशय का बाजार पर सीधा असर

भू-राजनीतिक घटनाक्रमों की बात करें, तो इन दिनों अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौते को लेकर लगातार बातचीत चल रही है, जिसने बाजार की धारणा को काफी प्रभावित किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच मसौदा समझौते (Draft Agreement) में बदलाव को लेकर कई संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। इस प्रस्तावित महाडील का मुख्य उद्देश्य सीजफॉयर की अवधि को आगे बढ़ाना और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए दोबारा पूरी तरह से खोलना है। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह साफ नहीं हो सका है कि इस बातचीत में कोई ठोस प्रगति हुई है या नहीं।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए साफ किया कि उनकी यह प्रस्तावित डील यह गारंटी देती है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं कर पाएगा। इस पूरे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और अनिश्चितता की वजह से कमोडिटी मार्केट में हलचल तेज है और सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला देखने को मिल रहा है।

 

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