SEMICON India 2026 का असर! 10% तक चढ़ गए सेमीकंडक्टर और EMS कंपनियों के शेयर, जानिए क्या है तेजी की बड़ी वजह

SEMICON India 2026 का असर! 10% तक चढ़ गए सेमीकंडक्टर और EMS कंपनियों के शेयर, जानिए क्या है तेजी की बड़ी वजह

राजधानी नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन 'सेमीकॉन इंडिया 2026' (SEMICON India 2026) का आगाज होते ही भारतीय शेयर बाजार में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मेगा इवेंट का उद्घाटन किए जाने और वैश्विक चिप निर्माताओं की भागीदारी के बीच निवेशकों ने चिप डिजाइन, पैकेजिंग और कंपोनेंट बनाने वाली घरेलू कंपनियों पर जमकर दांव लगाया। गुरुवार के कारोबारी सत्र में सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी, कायन्स टेक्नोलॉजी, मॉसचिप टेक्नोलॉजीज और आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों के शेयर 5% से लेकर 10% (और कुछ इंट्रा-डे में 12% से अधिक) तक उछल गए। भारत को ग्लोबल चिप हब बनाने की सरकारी प्रतिबद्धता और नए पूंजी निवेश के संकेतों ने पूरे सेक्टर में जबर्दस्त खरीदारी की लहर पैदा कर दी है।

इन सेमीकंडक्टर शेयरों में देखने को मिला तूफानी एक्शन

गुरुवार को बाजार खुलते ही सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़ी चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में भारी वॉल्यूम के साथ तेजी दर्ज की गई:

  • सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी (Syrma SGS Technology): कंपनी के शेयरों में सबसे जोरदार तेजी देखने को मिली, जहां स्टॉक इंट्रा-डे में करीब 10% उछलकर ₹1,658 के स्तर तक पहुंच गया। कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत नए प्रोजेक्ट अप्रूवल का फायदा कंपनी को मिल रहा है।

  • कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया (Kaynes Technology): गुजरात के साणंद में ₹3,307 करोड़ की लागत से ओसैट (OSAT) और एडवांस्ड पैकेजिंग प्लांट लगा रही इस कंपनी का शेयर करीब 5% की बढ़त के साथ ₹3,563 पर ट्रेड करता दिखा।

  • मॉसचिप टेक्नोलॉजीज (MosChip Technologies): सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के शेयरों में 6.5% से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

  • आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स व अन्य: आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में 12% से अधिक की तेजी देखी गई, जबकि सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस (CG Power) और डिक्सन टेक्नोलॉजीज (Dixon Tech) के शेयरों में भी 2% से 3% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई।

शेयरों में इस तूफानी तेजी के पीछे के 4 बड़े कारण

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में आई इस एकतरफा रैली के पीछे घरेलू नीतियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बड़े घटनाक्रम मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं:

  • 1. SEMICON India 2026 और ग्लोबल दिग्गजों का जमावड़ा:

    नई दिल्ली में आयोजित इस पांचवें संस्करण में दुनिया के 20 से अधिक देशों की 500 से ज्यादा सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइन, मैटेरियल्स और फैब्रिकेशन कंपनियां शिरकत कर रही हैं। इस मंच पर वैश्विक चिप एग्जीक्यूटिव्स की सीधी मौजूदगी से भारतीय साझेदारों को बड़े जॉइंट वेंचर (JV) और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

  • 2. 'सेमीकॉन 2.0' (Semicon 2.0) का मजबूत नीतिगत सहारा:

    केंद्र सरकार ने पहले ₹76,000 करोड़ के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के बाद अब ₹1.27 लाख करोड़ के प्रस्तावित परिव्यय के साथ 'सेमीकॉन 2.0' को आगे बढ़ाया है। इसका फोकस सिर्फ फैब्रिकेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप डिजाइन, इक्विपमेंट, मैटेरियल्स और एडवांस्ड पैकेजिंग के पूरे इकोसिस्टम को सब्सिडी और इंसेंटिव देना है, जिसका सीधा फायदा लिस्टेड घरेलू कंपनियों को मिल रहा है।

  • 3. वैश्विक कंपनियों का भारत में नया निवेश (फूजीफिल्म का ₹800 करोड़ का दांव):

    इवेंट के दौरान जापानी बहुराष्ट्रीय कंपनी फूजीफिल्म (Fujifilm) द्वारा भारत में सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स प्लांट स्थापित करने के लिए लगभग ₹800 करोड़ के नए निवेश की घोषणा ने बाजार का मूड और मजबूत कर दिया। इस तरह के विदेशी निवेश से भारतीय कंपोनेंट सप्लायर्स और पैकेजिंग कंपनियों के लिए सप्लाई चेन के नए रास्ते खुल रहे हैं।

  • 4. भारत में 2030 तक $100 अरब के चिप मार्केट का अनुमान:

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G नेटवर्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में चिप्स की बढ़ती खपत के चलते भारतीय सेमीकंडक्टर बाजार 2024 के $52 अरब से बढ़कर 2030 तक $103 अरब पार करने का अनुमान है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, सीजी पावर और कायन्स के सेमीकंडक्टर प्लांट्स का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ने के कारण यह सेक्टर अब केवल कागजी योजनाओं से निकलकर जमीनी उत्पादन और रेवेन्यू विजिबिलिटी के दौर में प्रवेश कर रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है आउटलुक?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर भारत के औद्योगिक और रक्षा विकास का रणनीतिक कोर बन चुका है। इवेंट के दौरान होने वाले नए एमओयू (MoU) और प्रोजेक्ट घोषणाओं के दम पर शॉर्ट टर्म में इन शेयरों में मोमेंटम बना रह सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस सेक्टर में प्लांट तैयार होने और बड़े पैमाने पर चिप उत्पादन शुरू होने में 2 से 3 साल का समय लगता है, इसलिए केवल इवेंट के उत्साह में भागने के बजाय कंपनियों की ऑर्डर बुक, एग्जीक्यूशन क्षमता और वैल्यूएशन को देखकर ही लंबी अवधि का रुख अपनाना समझदारी होगी।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक और बाजार विश्लेषण के उद्देश्य से है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)