Jio Platforms IPO: देश के सबसे बड़े 30,213 करोड़ रुपये के इश्यू की तारीख तय, ग्रे मार्केट में 219 रुपये तक उछला GMP
भारतीय शेयर बाजार में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) दस्तक देने जा रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा 'जियो प्लेटफॉर्म्स' (Jio Platforms) का बहुचर्चित आईपीओ निवेशकों के सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुलने जा रहा है। प्राथमिक बाजार में इस मेगा इश्यू को लेकर लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई थी, जो अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यदि यह निर्गम इसी आकार में आता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के पिछले भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। दलाल स्ट्रीट के विश्लेषक और खुदरा निवेशक इस इश्यू को रिलायंस समूह द्वारा वैल्यू अनलॉकिंग के सबसे बड़े कदम के रूप में देख रहे हैं।
21 अक्टूबर से खुलेगा सब्सक्रिप्शन, 28 अक्टूबर को संभावित लिस्टिंग
बाजार से जुड़े जानकारों और ड्राफ्ट दस्तावेजों के हवाले से सामने आए संभावित कार्यक्रम के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर को आम निवेशकों की बोली के लिए खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा। बोली समाप्त होने के बाद शेयरों के आवंटन (अलॉटमेंट) को सोमवार, 26 अक्टूबर तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद असफल बोलीदाताओं को रिफंड की प्रक्रिया और सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयरों का ट्रांसफर 27 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयरों की धमाकेदार लिस्टिंग बुधवार, 28 अक्टूबर को होने की प्रबल संभावना जताई गई है।
प्राइस बैंड और लॉट साइज: खुदरा निवेशकों को लगाने होंगे कम से कम 14,547 रुपये
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का संभावित प्राइस बैंड तय किए जाने की चर्चा है, जिसका अंकित मूल्य (फेस वैल्यू) 10 रुपये प्रति इक्विटी शेयर होगा। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 13 शेयरों का रखा गया है। इसका मतलब है कि ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये के हिसाब से एक लॉट के लिए आवेदन करने वाले खुदरा निवेशक को न्यूनतम 14,547 रुपये का निवेश करना होगा। खुदरा श्रेणी में निवेशक अधिकतम 13 लॉट तक के लिए अपनी बोली लगा सकते हैं। इस मेगा इश्यू में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए 50 प्रतिशत, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII/HNI) के लिए 15 प्रतिशत और खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (RII) के लिए कुल इश्यू का 35 प्रतिशत कोटा आरक्षित रखा गया है।
ग्रे मार्केट में गरमाया माहौल: जीएमपी ₹219 के करीब, 19% लिस्टिंग गेन के संकेत
आईपीओ के औपचारिक आगाज से पहले ही अनौपचारिक ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर जबर्दस्त हलचल देखी जा रही है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगातार मजबूत रुख दिखा रहा है और अलग-अलग ट्रैकर्स के मुताबिक यह 210 रुपये से 219 रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर यदि मौजूदा 210-219 रुपये के प्रीमियम को देखा जाए, तो यह लगभग 19 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन की ओर इशारा कर रहा है। ग्रे मार्केट के इन आंकड़ों के मुताबिक शेयर की अनुमानित लिस्टिंग 1,329 रुपये से 1,338 रुपये के आसपास हो सकती है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जीएमपी पूरी तरह से अनधिकृत और अनियंत्रित बाजार का रुझान होता है, इसलिए निवेशकों को केवल इसके भरोसे फैसला लेने के बजाय कंपनी के बुनियादी वित्तीय आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए।
टेलीकॉम दिग्गज से संपूर्ण डिजिटल टेक पावरहाउस बनने का सफर
जियो प्लेटफॉर्म्स केवल एक पारंपरिक टेलीकॉम सेवा प्रदाता नहीं है, बल्कि यह एक विशालकाय डिजिटल ईकोसिस्टम का संचालन करती है। इसके पोर्टफोलियो में 52 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ देश की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के अलावा ब्रॉडबैंड (जियोफाइबर और एयरफाइबर), एंटरप्राइज कनेक्टिविटी, क्लाउड सॉल्यूशंस, डिजिटल एंटरटेनमेंट और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। कंपनी का समग्र वैल्यूएशन लगभग 106 अरब डॉलर (करीब 8.8 से 9 लाख करोड़ रुपये) आंका जा रहा है। वैश्विक स्तर पर मेटा (फेसबुक) और गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों की पूर्व हिस्सेदारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वसनीयता प्रदान की है।
कंपनी के वित्तीय नतीजे और ग्रोथ आउटलुक
कंपनी के वित्तीय बहीखाते इसकी तेज रफ्तार विकास गाथा की गवाही देते हैं। वित्तीय वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल राजस्व 1,49,759 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो वित्तीय वर्ष 2025 के 1,29,333 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। वहीं, कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी उछलकर 30,052 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। प्रति यूजर औसत आय (ARPU) में लगातार बढ़ोतरी, 5G नेटवर्क का देशव्यापी विस्तार और डेटा खपत में भारी उछाल कंपनी के मुनाफे को मजबूत सहारा दे रहे हैं।
रिलायंस शेयरधारकों के लिए संभावित कोटा और विशेषज्ञों की राय
बाजार में इस बात की भी पुरजोर चर्चा है कि क्या मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के मौजूदा शेयरधारकों के लिए इस इश्यू में कोई विशेष शेयरहोल्डर रिजर्वेशन कोटा रखा जाएगा। अंतिम रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जारी होने के बाद ही इस आरक्षण की स्थिति पूरी तरह साफ होगी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के निरंतर विस्तार के दौर में जियो प्लेटफॉर्म्स एक दीर्घकालिक वेल्थ क्रिएटर साबित हो सकती है। जो निवेशक भारत के डिजिटलीकरण, 5G क्रांति और उभरते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में लंबी अवधि की हिस्सेदारी चाहते हैं, उनके लिए यह ऐतिहासिक निर्गम एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।