ग्रे मार्केट में मची लूट! 80% के पार पहुंचा GMP, 247 गुना से ज्यादा बिडिंग के साथ IPO ने तोड़े सारे रिकॉर्ड; बंपर लिस्टिंग गेन की तैयारी में निवेशक
भारतीय शेयर बाजार के प्राथमिक बाजार (Primary Market) में इन दिनों ऐतिहासिक उत्साह और रिकॉर्ड-तोड़ निवेश का माहौल बना हुआ है। हाल ही में बोली के लिए खुले एक धमाकेदार आईपीओ (IPO) ने दलाल स्ट्रीट पर ऐसा जलवा बिखेरा है जिसकी मिसाल हाल के महीनों में देखने को नहीं मिली। तीन दिनों की बोली प्रक्रिया के दौरान इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों का इतना आक्रामक और अभूतपूर्व समर्थन मिला कि यह 247 गुना से भी अधिक सब्सक्राइब होकर बंद हुआ।
शुरुआती घंटों से ही इस आईपीओ के लिए संस्थागत और खुदरा निवेशकों के बीच बोलियां लगाने की होड़ सी मच गई थी। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बेंगलुरु, कोलकाता, जयपुर और इंदौर समेत देश भर के शेयर बाजार निवेशकों ने इस इश्यू में दिल खोलकर पैसा लगाया है। बोली के आखिरी दिन शाम 5 बजे तक बोलियों का अंबार लग गया और शेयरों की कुल उपलब्धता के मुकाबले 247 गुना से ज्यादा की भारी डिमांड दर्ज की गई। यह जबरदस्त आंकड़ा साबित करता है कि मौजूदा समय में मजबूत फंडामेंटल और आकर्षक वैल्यूएशन वाली कंपनियों के लिए बाजार में लिक्विडिटी और भरोसे की कोई कमी नहीं है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 80% के पार: बंपर लिस्टिंग के मिल रहे मजबूत संकेत
आईपीओ के बंद होने के बाद अनऑफिशियल मार्केट यानी ग्रे मार्केट (Grey Market) में इस शेयर के प्रीमियम में रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिल रही है। बाजार के जानकारों और शीर्ष ग्रे मार्केट ट्रैकर्स के मुताबिक, इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इश्यू प्राइस के मुकाबले 80 प्रतिशत से भी अधिक के स्तर को पार कर चुका है। कुछ प्रमुख अनलिस्टेड मार्केट डीलरों का दावा है कि यह प्रीमियम लिस्टिंग के दिन तक 85 से 90 प्रतिशत तक भी पहुंच सकता है।
ग्रे मार्केट का यह अप्रत्याशित उछाल साफ तौर पर संकेत दे रहा है कि जिस भाग्यशाली निवेशक को इस आईपीओ में शेयर अलॉट होंगे, उसे लिस्टिंग वाले दिन ही अपनी पूंजी पर लगभग दोगुना मुनाफा (Bumper Listing Gain) मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी निवेशक ने ₹15,000 का एक लॉट अप्लाई किया है, तो 80% से अधिक के प्रीमियम के हिसाब से उसे पहले ही दिन ₹12,000 से ₹13,000 तक का शुद्ध मुनाफा मिलने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है। बाजार के एनालिस्ट्स का कहना है कि मजबूत सब्सक्रिप्शन और हाई जीएमपी मिलकर लिस्टिंग डे पर स्टॉक को नए शिखर पर पहुंचाने का काम करेंगे।
रिटेल, एनआईआई और क्यूआईबी का बेजोड़ रिस्पॉन्स: हर कैटेगरी में टूटे पुराने रिकॉर्ड
इस आईपीओ की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसे बाजार के हर वर्ग के निवेशकों से समान रूप से भरपूर प्यार मिला। आमतौर पर किसी आईपीओ में केवल रिटेल या केवल संस्थागत निवेशक ही ज्यादा सक्रिय दिखते हैं, लेकिन इस पब्लिक इश्यू में तीनों प्रमुख श्रेणियों ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं:
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योग्य संस्थागत खरीदार (QIBs): विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs), घरेलू म्यूचुअल फंड्स और बीमा कंपनियों की इस कैटेगरी में अंतिम दिन बोलियों का भारी तूफान आया। यह हिस्सा 180 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जो यह दर्शाता है कि बड़े फंड हाउस कंपनी के भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
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गैर-संस्थागत निवेशक (NII / HNI): हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की कैटेगरी में सबसे आक्रामक बिडिंग देखी गई। इस कोटे को 350 गुना से भी अधिक ओवरसब्सक्राइब किया गया, जिससे यह साफ होता है कि बड़े अमीर निवेशक इस शेयर से भारी लिस्टिंग मुनाफे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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खुदरा व्यक्तिगत निवेशक (Retail Quota): आम खुदरा निवेशकों ने भी अपने कोटे को 150 गुना से ज्यादा भरकर अपनी जबरदस्त भूख का प्रदर्शन किया। छोटे शहरों के युवाओं और पहली बार डीमैट खाता खुलवाने वाले निवेशकों ने भी बढ़-चढ़कर इस इश्यू में लॉट लगाए।
कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल और वित्तीय सेहत: क्यों फिदा हुए निवेशक?
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि केवल हवा-हवाई दावों पर 247 गुना की बोली नहीं लगती; इस भारी मांग के पीछे कंपनी के शानदार वित्तीय आंकड़े और भविष्य की विकास योजनाएं मुख्य वजह हैं। कंपनी जिस सेक्टर में काम करती है, वहां मांग लगातार बढ़ रही है और कंपनी के पास एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त (Competitive Moat) हासिल है।
पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान कंपनी के राजस्व (Revenue) और शुद्ध लाभ (PAT) में सालाना आधार पर 35 से 45 प्रतिशत की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से जबर्दस्त वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा कंपनी पर कर्ज का बोझ न के बराबर है और उसकी ऑर्डर बुक बेहद मजबूत स्थिति में है। मैनेजमेंट की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ट्रैक रिकॉर्ड भी काफी साफ-सुथरा रहा है। इसी वजह से लगभग सभी प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स और स्वतंत्र रिसर्च हाउसों ने इस आईपीओ को 'लॉन्ग टर्म और लिस्टिंग गेन' दोनों के लिए बिना किसी झिझक के 'सब्सक्राइब' करने की स्पष्ट रेटिंग दी थी।
अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें और क्या होनी चाहिए लिस्टिंग डे की रणनीति?
चूंकि आईपीओ 247 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ है, इसलिए खुदरा निवेशकों के लिए शेयरों का अलॉटमेंट पूरी तरह से कम्प्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम के जरिए तय किया जाएगा। भारी ओवरसब्सक्रिप्शन के चलते अलॉटमेंट पाना काफी मुश्किल और भाग्य पर निर्भर होगा। निवेशक रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे Link Intime, KFintech या Bigshare) अथवा बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना पैन (PAN) नंबर या एप्लीकेशन नंबर डालकर अलॉटमेंट की स्थिति आसानी से देख सकते हैं।
शेयर बाजार के दिग्गज ट्रेडर्स ने उन निवेशकों के लिए स्पष्ट रणनीति सुझाई है जिन्हें शेयर अलॉट होंगे। जो निवेशक केवल अल्पकालिक लिस्टिंग गेन (Short-term Listing Gain) के लिए आए थे, वे लिस्टिंग के पहले ही घंटे में 75 से 80 प्रतिशत मुनाफा बुक करके अपनी सुरक्षित पूंजी बाहर निकाल सकते हैं। वहीं जो निवेशक लंबी अवधि (Long-term Wealth Creation) के नजरिए से कंपनी में बने रहना चाहते हैं, वे अपने इश्यू प्राइस से 20-25 प्रतिशत नीचे का कड़ा स्टॉपलॉस लगाकर अपने शेयर्स को होल्ड कर सकते हैं, क्योंकि फंडामेंटली मजबूत कंपनियां लिस्टिंग के बाद भी मल्टीबैगर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।
आईपीओ बूम और नए निवेशकों के लिए सतर्कता का पाठ
हालांकि 80% का जीएमपी और 247 गुना सब्सक्रिप्शन निश्चित रूप से जश्न मनाने की बात है, लेकिन बाजार के जानकारों ने नए और अनुभवहीन निवेशकों को एक महत्वपूर्ण सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम पूरी तरह से अनऑफिशियल और बिना किसी नियामक (SEBI) की निगरानी के चलने वाला बाजार होता है, जिसमें मांग और आपूर्ति के आधार पर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
निवेशकों को कभी भी केवल जीएमपी देखकर किसी शेयर में आंख मूंदकर कूदने से बचना चाहिए। लिस्टिंग के दिन बाजार के समग्र मूड, वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और निफ्टी-सेंसेक्स की चाल का भी असर शुरुआती कीमतों पर पड़ता है। फिर भी, इस आईपीओ के मौजूदा आंकड़े और निवेशकों का अविश्वसनीय रुझान यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि भारतीय इक्विटी बाजार का बुल रन अभी पूरी ताकत से जारी है और सही कंपनियों की पहचान करने वाले निवेशकों के लिए प्राथमिक बाजार कमाई का सबसे बड़ा माध्यम बना हुआ है।