ओएनजीसी (ONGC) बनाएगी 1.75 MMT का नया पेट्रोलियम रिजर्व, बोर्ड से मिली हरी झंडी
भारत की दिग्गज सरकारी तेल एवं प्राकृतिक गैस कंपनी ओएनजीसी (ONGC) ने देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। ओएनजीसी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कर्नाटक के तटीय शहर मंगलुरु (Mangaluru) में 1.75 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) की विशाल क्षमता वाले एक नए स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve - SPR) के विकास को सैद्धांतिक रूप से अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। शेयर बाजार (Stock Market) को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना और इससे जुड़ी अन्य आधुनिक सुविधाओं का विकास केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत 'राष्ट्रीय महत्व की परियोजना' के रूप में किया जाएगा, जो भविष्य में किसी भी वैश्विक तेल संकट से भारत की रक्षा करेगा।
ओएनजीसी बोर्ड ने दिए व्यावसायिक उपयोग के निर्देश: रेग्युलेटरी सपोर्ट के लिए सरकार से हाथ मिलाएगी कंपनी
9 जुलाई 2026 को आयोजित हुई ओएनजीसी की उच्च स्तरीय बोर्ड बैठक में इस रणनीतिक परियोजना को हरी झंडी दिखाई गई। बोर्ड ने कंपनी प्रबंधन को यह सख्त निर्देश भी जारी किया है कि वह भारत सरकार के साथ मिलकर इस नए एसपीआर (SPR) के व्यावसायिक उपयोग की तमाम संभावनाओं का दायरा बढ़ाए। इसके साथ ही, परियोजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए आवश्यक रेग्युलेटरी सपोर्ट हासिल करने की दिशा में भी त्वरित कदम उठाए जाएं। हालांकि, वर्तमान में कंपनी ने इस मेगा प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत, इसे पूरा करने की अंतिम समय-सीमा या अन्य तकनीकी विवरणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है।
देश में पहले से मौजूद है 5.33 MMT का विशाल भंडार: राज्यसभा में सरकार ने दिया था आंकड़ा
भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) के आपातकालीन भंडारों की स्थिति पर नजर डालें तो पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूर्व में राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान बताया था कि सरकार ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) के माध्यम से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तीन रणनीतिक स्थानों पर कुल 5.33 MMT क्षमता के भंडार पहले ही स्थापित कर दिए हैं। इन भंडारों में कच्चे तेल की उपलब्धता वैश्विक और घरेलू बाजार की परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर बदलती रहती है। आंकड़ों के मुताबिक, हाल ही में इन भंडारों में लगभग 4.094 MMT कच्चा तेल सुरक्षित रखा गया था, जो कि देश की कुल मौजूदा भंडारण क्षमता का लगभग 77 प्रतिशत है।
ओडिशा और कर्नाटक में पीपीपी (PPP) मॉडल पर बन रहे दो नए रिजर्व: ₹14,527 करोड़ का है बजट
देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहले ही जुलाई 2021 में ओडिशा और कर्नाटक में कुल 6.5 MMT क्षमता वाले दो अतिरिक्त कमर्शियल-कम-स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Commercial-cum-Strategic Petroleum Reserve) विकसित करने की मंजूरी दी थी। इन दोनों नई परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी (PPP Model) के तहत बेहद भव्य पैमाने पर विकसित किया जा रहा है। इस पूरी मेगा परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 14,527 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें सरकार की तरफ से दी जाने वाली वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) कुल परियोजना लागत के अधिकतम 60 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य की सुरक्षा के लिए नए स्थानों की पहचान और मूल्यांकन की प्रक्रिया लगातार जारी है।
बाजार में ओएनजीसी के शेयरों में देखी गई मामूली गिरावट: ₹243.49 पर बंद हुआ स्टॉक
इस बड़ी राष्ट्रीय खबर के बीच घरेलू शेयर बाजार में ओएनजीसी के स्टॉक पर भी निवेशकों की नजरें बनी रहीं। गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कारोबार की समाप्ति के समय ओएनजीसी का शेयर 1.42 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज करते हुए 243.49 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस नई रणनीतिक परियोजना के सैद्धांतिक रूप से पास होने के बाद दीर्घकालिक निवेश के लिहाज से कंपनी की स्थिति बाजार में और मजबूत होगी।