शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन हाहाकार: सेंसेक्स 1400 अंक लुढ़का, निफ्टी 22850 के नीचे फिसला
भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे सत्र में भारी गिरावट देखने को मिली। दलाल स्ट्रीट पर दिन की शुरुआत में दिखी मामूली रिकवरी ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं सकी और चौतरफा बिकवाली के चलते दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी अपने अहम मनोवैज्ञानिक स्तर 22,850 के नीचे फिसल गया, वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 1,400 अंक तक गोता लगा गया। कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 फीसदी की कमजोरी के साथ 73,709.69 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक निफ्टी 77.60 अंक अथवा 0.34 प्रतिशत टूटकर 22,811.35 के स्तर पर आकर रुका। बाजार में इस तीखी गिरावट की मुख्य वजह ऊपरी स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली, बैंकिंग एवं ऑटो शेयरों में भारी डंपिंग और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग रही।
निफ्टी 22,850 के नीचे फिसला: बजाज फाइनेंस, आयशर और ट्रेंट रहे टॉप लूजर्स, आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा
बाजार के प्रमुख लार्जकैप शेयरों में आज भारी उठापटक देखी गई। निफ्टी के 50 शेयरों में से बिकवाली का सबसे ज्यादा दबाव बजाज फाइनेंस, आयशर मोटर्स, इटर्नल, ट्रेंट और मारुति सुजुकी जैसी दिग्गज कंपनियों पर पड़ा, जो दिन के टॉप लूजर्स में शुमार रहे। खासकर ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से धारणा पूरी तरह कमजोर नजर आई। दूसरी तरफ, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा देने की पूरी कोशिश की। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक्नोलॉजीज और सीमेंट दिग्गज अल्ट्राटेक सीमेंट दिन के टॉप गेनर्स बनकर उभरे। आईटी इंडेक्स में 2.5 फीसदी का शानदार उछाल देखा गया, जिसने निफ्टी को और बड़ी गिरावट में जाने से काफी हद तक थामे रखा। हालांकि बाकी सभी सेक्टरों में गिरावट इतनी तेज थी कि आईटी की तेजी भी बाजार का मूड पॉजिटिव करने में नाकाफी साबित हुई।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 2% से ज्यादा टूटे: ऑटो, एनर्जी और प्राइवेट बैंकों में मची भगदड़
सेक्टोरल मोर्चे पर नजर डालें तो बाजार का व्यापक ढांचा काफी कमजोर रहा। केवल पांच सेक्टोरल इंडेक्स ही हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे, जबकि शेष सभी इंडेक्स बिकवाली के शिकार हुए। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मीडिया, मेटल, फार्मा, रियल्टी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1 से 2 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार यानी ब्रॉडर मार्केट की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक रही, जहां मुनाफावसूली की तेज लहर के कारण निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स दोनों ही 2 फीसदी से ज्यादा टूट गए। मिड-कैप शेयरों में दिन के दौरान करीब 1% और स्मॉल-कैप में 1% से अधिक की सीधी फिसलन ने रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो को तगड़ा झटका दिया है।
कच्चे तेल ने बढ़ाई सिरदर्दी: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से ब्रेंट क्रूड $110 के पार
भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट को बिगाड़ने में सबसे बड़ा हाथ कच्चे तेल की बेलगाम कीमतों का रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 110 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर के पार बना हुआ है। इसका मुख्य कारण फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सीधा सैन्य तनाव और हमलों का दौर है। तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा आयात करता है, ऐसे में 110 डॉलर के पार निकला कच्चा तेल देश में चालू खाता घाटा (CAD), मुद्रास्फीति और कॉरपोरेट मुनाफे पर सीधा दबाव डालता है। इसी भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने घरेलू और विदेशी निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भागने पर मजबूर कर दिया है।
बैंक निफ्टी दिन के हाई से 2% टूटा: 54,800 के नीचे पहुंचा, यस बैंक और इंडसइंड बैंक बने कमजोर कड़ी
बैंकिंग सेक्टर में आई कमजोरी ने पूरे बाजार का मूड बिगाड़ने में सबसे अहम भूमिका निभाई। निफ्टी बैंक इंडेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से 2 फीसदी का भारी गोता लगाते हुए 54,800 के स्तर से नीचे लुढ़क गया। प्राइवेट बैंकों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिसमें यस बैंक और इंडसइंड बैंक सबसे बड़े नुकसान में रहे। वित्तीय शेयरों में लगातार दूसरे दिन आई इस भारी गिरावट से स्पष्ट हो गया है कि कर्ज की लागत और तिमाही नतीजों से पहले बड़े फंड्स अपने बैंकिंग एक्सपोजर को हल्का करने में लगे हुए हैं। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण ही बेंचमार्क इंडेक्स दिन के शुरुआती बढ़त को गंवाकर भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
इंडिया विक्स (India VIX) 7.5% चढ़ा: 23,100 बना निफ्टी के लिए सबसे बड़ा रोड़ा, आगे क्या है तकनीकी रुख?
बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता को मापने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' (India VIX) 21 अक्टूबर को 7.5 फीसदी उछल गया। विक्स में यह तेज बढ़त इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार पर दबाव और उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,100 का स्तर एक बेहद मजबूत तकनीकी बाधा (रेजिस्टेंस) बन चुका है। बाजार में बुल्स की वापसी के लिए निफ्टी को 23,100 के स्तर को वॉल्यूम के साथ पार करना होगा। इसके अलावा सोमवार का 23,175 का उच्चतम स्तर भी अहम रेजिस्टेंस है। यदि निफ्टी 23,175 के पार निकलने में कामयाब होता है, तो यह पिछले दो हफ्तों के पुलबैक को आगे बढ़ाते हुए 23,500 के स्तर तक रैली दिखा सकता है, जो हालिया 24,774 से 22,180 की गिरावट का 50% रिट्रेसमेंट लेवल है। लेकिन जब तक निफ्टी 22,800-22,850 के दायरे से नीचे फंसा है, तब तक बाजार में 'सेल ऑन राइज' यानी उछाल पर बिकवाली का रुख हावी रहने की पूरी संभावना है।