UPSTDC ने लॉन्च किया 4 दिन का स्पेशल टूर पैकेज; बोट राइड, विश्वनाथ दर्शन और 3 कैटेगरी में बुकिंग शुरू
भगवान शिव की त्रिशूल पर बसी मोक्षदायिनी और अविनाशी नगरी काशी में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाला देव दीपावली महापर्व अब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व पर्यटन पटल का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आकर्षण बन चुका है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा काशी के सांस्कृतिक वैभव को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के क्रम में पर्यटन विभाग ने इस वर्ष देव दीपावली-2026 के लिए कमर कस ली है। गंगा के 84 ऐतिहासिक घाटों पर प्रज्वलित होने वाले लाखों दीयों की अलौकिक स्वर्णिम आभा, शंखनाद और मां गंगा की महाआरती का नजदीक से साक्षी बनने की इच्छा रखने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और सैलानियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) ने एक बेहद सुनियोजित चार दिन और तीन रात का 'देव दीपावली- दिव्य काशी अनुभव' टूर पैकेज आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। यह पैकेज पर्यटकों को न केवल भीड़-भाड़ की अव्यवस्था से बचाकर सुगम दर्शन कराएगा, बल्कि काशी के कण-कण में रची-बसी सनातन परंपरा का समग्र अनुभव भी कराएगा।
'बजट', 'डीलक्स' और 'प्रीमियम': पर्यटकों की जेब और पसंद के हिसाब से तीन श्रेणियों में पैकेज
पर्यटकों की विभिन्न आर्थिक प्राथमिकताओं और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यूपीएसटीडीसी ने इस चार दिवसीय टूर पैकेज को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी 'बजट पैकेज' की है, जिसमें स्टैंडर्ड स्तर के सुसज्जित होटलों में ठहरने की व्यवस्था की गई है और इसका शुल्क 15,999 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। दूसरी श्रेणी 'डीलक्स पैकेज' की है, जिसमें 3-स्टार श्रेणी के होटलों में शानदार आतिथ्य मिलेगा और इसका शुल्क 21,999 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। तीसरी और सबसे विलासितापूर्ण श्रेणी 'प्रीमियम पैकेज' की है, जिसमें 4-स्टार और 5-स्टार लग्जरी होटलों में ठहराव की व्यवस्था होगी, जिसका प्रति व्यक्ति शुल्क 31,999 रुपये तय किया गया है। पर्यटन निगम ने स्पष्ट किया है कि ये सभी दरें ट्विन-शेयरिंग आधार पर तय हैं और इन पर सरकारी जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। पैकेज के तहत पर्यटकों को तीन रातों का आरामदायक आवास, दैनिक पौष्टिक नाश्ता, पूरे भ्रमण के दौरान वातानुकूलित (एसी) वाहन से परिवहन, सुबह की गंगा बोट राइड, देव दीपावली के दिन की विशेष नौका विहार, दशाश्वमेध घाट की प्रसिद्ध महाआरती का दर्शन, मंदिर दर्शन और सारनाथ भ्रमण के साथ पूरे समय एक प्रशिक्षित टूर एस्कॉर्ट व प्रतिनिधि की व्यक्तिगत सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
एयरपोर्ट पर पारंपरिक स्वागत से शुरू होगी यात्रा: पहले और दूसरे दिन काशी के प्रमुख तीर्थों का दर्शन
टूर पैकेज का पूरा यात्रा कार्यक्रम श्रद्धालुओं की सुविधा और आध्यात्मिक संतुष्टि को ध्यान में रखकर बेहद वैज्ञानिक ढंग से डिजाइन किया गया है। यात्रा के पहले दिन वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (बाबतपुर) अथवा कैंट रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों का पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुसार आत्मीय स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वातानुकूलित वाहनों द्वारा पर्यटकों को उनके चयनित होटलों में चेक-इन कराया जाएगा। शाम के समय नव्य-भव्य काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन और दशाश्वमेध घाट पर होने वाली जगप्रसिद्ध संध्या गंगा आरती के आलौकिक दृश्यों से यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में गंगा की लहरों पर सुबह की शांत बोट राइड के साथ होगी, जहां उगते सूर्य की लालिमा के बीच घाटों की प्राचीन स्थापत्य कला निहारने का अवसर मिलेगा। इसके उपरांत काशी के प्रमुख शक्तिपीठ मां विशालाक्षी मंदिर, मां अन्नपूर्णा मंदिर और काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव मंदिर के सुगम दर्शन कराए जाएंगे। दोपहर बाद पर्यटकों को भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ ले जाया जाएगा, जहां धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और पुरातात्विक संग्रहालय के जरिए भारत की बौद्ध विरासत और शांति के संदेश का अनुभव कराया जाएगा।
तीसरे दिन सजेगी दीपों की नगरी: विशेष बोट राइड से दिखेगा देव दीपावली का विहंगम दृश्य
इस यात्रा का सबसे चरमोत्कर्ष और जादुई पड़ाव तीसरे दिन का देव दीपावली उत्सव होगा। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की इस पावन निशा पर स्वयं तैंतीस कोटि देवी-देवता स्वर्ग से उतरकर काशी के घाटों पर दीपदान और शिव वंदना करते हैं। जब अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक के सभी पक्के घाट 15 लाख से अधिक मिट्टी के दीपों की कतारों से जगमगा उठेंगे, तब पर्यटकों को विशेष 'देव दीपावली गंगा बोट एक्सपीरियंस' के माध्यम से पानी के बीच से यह स्वर्णिम दृश्य देखने का दुर्लभ अवसर मिलेगा। गंगा के अथाह जल पर तैरती दीपमालाएं, घाटों पर होते वैदिक मंत्रोच्चार, चेत सिंह घाट पर लेजर लाइट एंड साउंड शो और गंगा पार की आतिशबाजी का यह नजारा पर्यटकों के मानस पटल पर जीवन भर के लिए अंकित हो जाएगा। गंगा की लहरों के बीच से दीपों से सजी अर्धचंद्राकार काशी का यह दर्शन दुनिया का सबसे अनूठा दृश्य माना जाता है।
यूपीएसटीडीसी पोर्टल पर बुकिंग शुरू: पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया वैश्विक अवसर
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पैकेज की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि देव दीपावली काशी की सनातन परंपरा, भक्ति और सांस्कृतिक वैभव का वैश्विक महाउत्सव है। इस पैकेज का मूल उद्देश्य यह है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना किए बिना काशी की अलौकिक ऊर्जा को आत्मसात कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पैकेज वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की साख को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने रेखांकित किया कि यह पहल धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित कर स्थानीय नाव संचालकों, होटल व्यवसायियों, गाइडों और हस्तशिल्प कारीगरों के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक अवसर और स्वरोजगार सृजित करेगी। इस दिव्य पैकेज का लाभ उठाने के इच्छुक पर्यटक यूपीएसटीडीसी की आधिकारिक वेबसाइट upstdc.co.in पर जाकर सीधे अपनी सीट आरक्षित कर सकते हैं अथवा विशेष हेल्पलाइन नंबर 8303019844 पर संपर्क करके अपनी यात्रा की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं।