चीनी के भाव ₹69 प्रति किलो के पार: रिकॉर्ड महंगाई पर केंद्र सरकार का ताबड़तोड़ एक्शन, 10 लाख टन आयात और स्टॉक लिमिट से क्या जल्द गिरेंगे दाम?
आगामी त्योहारी सीजन की आहट के बीच आम जनता की रसोई के बजट पर महंगाई का तगड़ा झटका लगा है। पिछले कुछ दिनों में चीनी की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल देखा गया है, जिससे खुदरा बाजार में चीनी के दाम ₹67 से ₹69 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। कई महानगरों में ब्रांडेड पैकेटबंद चीनी की कीमतें तो ₹80 प्रति किलो का आंकड़ा छू चुकी हैं। प्रमुख थोक मंडियों में भी एक ही दिन में चीनी के भाव ₹400 से ₹525 प्रति क्विंटल तक बढ़ गए। चीनी की मिठास पर बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने और बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह हरकत में आ गई है। सरकार ने रिकॉर्ड कीमतों पर लगाम कसने के लिए दो बड़े और कड़े नीतिगत फैसले लिए हैं।
10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात को मंजूरी
घरेलू बाजार में चीनी की किल्लत को रोकने के लिए सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन तक शुल्क मुक्त कच्ची चीनी (Duty-Free Raw Sugar) के आयात की अनुमति दे दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार, इस कोटे के तहत आयात की जाने वाली कच्ची चीनी को भारतीय रिफाइनरियों में प्रोसेस करके 31 अक्टूबर तक घरेलू बाजार में उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। इस कदम का सीधा उद्देश्य आगामी गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान बाजार में सप्लाई चेन को मजबूत करना है, ताकि किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी न पैदा हो।
डीलरों और बल्क कंज्यूमर्स पर सख्त स्टॉक लिमिट लागू
जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने चीनी के स्टॉक पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। नए आदेश के मुताबिक, जो भी डीलर या बल्क कंज्यूमर्स (जैसे मिठाई और बिस्कुट निर्माता) हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपयोग करते हैं, वे 15 दिनों से अधिक का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकेंगे। यह नियम 1 सितंबर से लागू होकर 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। सरकार के इस कदम से बड़े व्यापारी और थोक खरीदार बाजार से चीनी को रोक नहीं पाएंगे, जिससे खुले बाजार में लिक्विडिटी और आपूर्ति तुरंत बढ़ेगी।
खुदरा और थोक मंडियों में कीमतों का मौजूदा हाल
पिछले एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के प्रमुख शहरों में चीनी की कीमतों में तेज तेजी दर्ज की गई है:
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दिल्ली और मुंबई: खुदरा भाव ₹52-53 से उछलकर ₹67 प्रति किलो तक पहुंचे।
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कोलकाता और कानपुर: खुदरा कीमतें ₹68 प्रति किलो तक दर्ज की गईं।
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गुवाहाटी: देश में सबसे अधिक ₹69 प्रति किलो का खुदरा स्तर छू गया।
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थोक मंडियां: दिल्ली, कोलकाता, कानपुर और कोल्हापुर की थोक मंडियों में कीमतें ₹6,400 से ₹6,560 प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गईं।
क्या सरकार के इन उपायों से बहुत जल्द गिरेंगे चीनी के दाम?
कमोडिटी और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा 10 लाख टन चीनी के आयात और स्टॉक लिमिट की पाबंदी का मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक असर बाजार पर बहुत जल्द देखने को मिलेगा।
जैसे ही आयातित चीनी की खेप भारतीय बंदरगाहों और मिलों तक पहुंचेगी, थोक मंडियों में सट्टेबाजी और अनावश्यक लिवाली पर तुरंत ब्रेक लगेगा। इसके अलावा, 15 दिन की स्टॉक सीमा के कारण थोक व्यापारियों को अपना पुराना माल बाजार में तेजी से निकालना पड़ेगा। इन दोनों कदमों के संयुक्त प्रभाव से अगले 7 से 10 दिनों के भीतर थोक भाव में ₹200 से ₹300 प्रति क्विंटल और खुदरा बाजार में ₹4 से ₹6 प्रति किलो तक की गिरावट आने की प्रबल संभावना है।