टाटा ने फिर दिखाया एन. चंद्रशेखरन पर भरोसा, 5 साल के लिए मिली कमान; मेगा IPO की आहट से ग्रुप के शेयरों में 14% तक का तूफानी उछाल

टाटा ने फिर दिखाया एन. चंद्रशेखरन पर भरोसा, 5 साल के लिए मिली कमान; मेगा IPO की आहट से ग्रुप के शेयरों में 14% तक का तूफानी उछाल

भारतीय उद्योग जगत के 150 साल से अधिक पुराने दिग्गज 'टाटा समूह' की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के बोर्ड ने एक ऐतिहासिक और रणनीतिक फैसला लेते हुए मौजूदा कार्यकारी चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) पर एक बार फिर अटूट भरोसा जताया है। पिछले महीने फरवरी 2027 में अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद पद छोड़ने की घोषणा करने वाले चंद्रशेखरन के फैसले को बोर्ड के आग्रह पर पलट दिया गया है। बोर्ड ने उन्हें अगले 5 वर्षों के लिए नया कार्यकाल सौंपने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। नेतृत्व में स्थिरता और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के चलते संभावित मेगा लिस्टिंग (IPO) की खबरों के बाहर आते ही शेयर बाजार में टाटा समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में 14% तक का जोरदार उछाल देखने को मिला।

यू-टर्न: पद छोड़ने के फैसले के बाद क्यों मिला 5 साल का नया कार्यकाल?

12 अगस्त को एन. चंद्रशेखरन ने बोर्ड को सूचित किया था कि वे फरवरी 2027 के बाद तीसरे कार्यकाल की मांग नहीं करेंगे। इसके बाद उत्तराधिकारी की तलाश भी शुरू हो गई थी। हालांकि, हाल के दिनों में बदले नियामक हालात ने पूरे समीकरण बदल दिए:

  • आरबीआई का सख्त रुख: पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस के कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन को सरेंडर करने के आवेदन को खारिज कर दिया था। 'अपर-लेयर एनबीएफसी' होने के नाते टाटा संस के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होना कानूनी अनिवार्यता के करीब पहुंच चुका है।

  • बोर्ड की मैराथन बैठक: गुरुवार को आयोजित बोर्ड बैठक में निदेशकों का मानना था कि संभावित ₹10 से ₹12 लाख करोड़ के वैल्यूएशन वाले देश के सबसे बड़े आईपीओ और संरचनात्मक बदलावों के दौर में समूह को चंद्रशेखरन के मजबूत और स्थिर अनुभव की जरूरत है।

  • वोटिंग और फैसला: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस एक्सटेंशन प्रस्ताव के खिलाफ रुख रखा, लेकिन बोर्ड के बाकी सदस्यों ने भारी समर्थन देकर 5 साल के नए कार्यकाल के प्रस्ताव को पारित कर दिया। इसके बाद चंद्रशेखरन ने कमान संभाले रखने पर सहमति दे दी।

शेयर बाजार में जश्न: 14% तक उछले टाटा ग्रुप के शेयर

नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता खत्म होने और होल्डिंग कंपनी के वैल्यू अनलॉकिंग की उम्मीदों के चलते गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर टाटा स्टॉक्स में जोरदार लिवाली देखी गई:

  • टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals): कंपनी के शेयरों में सबसे बड़ी तेजी आई, जहां शेयर 14% तक उछलकर ₹831 के इंट्रा-डे स्तर को छू गया। पिछले 3 दिनों में यह शेयर करीब 36% तक चढ़ चुका है।

  • टाटा टेलीसर्विसेज व टाटा इनवेस्टमेंट: टाटा टेलीसर्विसेज महाराष्ट्र (TTML) में करीब 8% और टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन में 7% की जोरदार तेजी दर्ज की गई।

  • ऑटो, स्टील और पावर सेक्टर: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और कमर्शियल व्हीकल्स के शेयरों में 4 से 6% की बढ़त देखी गई। वहीं टाटा पावर और टाटा स्टील भी 3% से 5% तक मजबूत हुए।

  • टाटा कंज्यूमर: टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर भी 1% से अधिक की तेजी के साथ ₹1,015 के पार निकल गया।

लिस्टिंग को लेकर शेयरधारकों में क्या है समीकरण?

टाटा संस की संभावित लिस्टिंग भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है, लेकिन इसके शेयरधारकों में अलग-अलग राय है:

  • शापूरजी पालोनजी ग्रुप (SP Group): लगभग 18.4% हिस्सेदारी रखने वाला एसपी ग्रुप लंबे समय से अपनी देनदारियां चुकाने के लिए टाटा संस की सार्वजनिक लिस्टिंग की मांग कर रहा है ताकि वे अपनी हिस्सेदारी को बाजार में भुना सकें।

  • टाटा ट्रस्ट्स: 65% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाला टाटा ट्रस्ट्स सार्वजनिक लिस्टिंग से बचने की कोशिश में था ताकि कंपनियों के संचालन में बाहरी हस्तक्षेप और अत्यधिक पब्लिक डिस्क्लोजर से बचा जा सके। लेकिन केंद्रीय बैंक के सख्त रुख के बाद अब बोर्ड को लिस्टिंग की औपचारिक तैयारी का खाका खींचना पड़ रहा है।

चंद्रशेखरन के दौर में बदला टाटा का चेहरा

साल 2017 में साइरस मिस्त्री विवाद के बाद जब एन. चंद्रशेखरन ने टीसीएस से निकलकर टाटा संस की कमान संभाली थी, तब से अब तक समूह ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। उनके नेतृत्व में एयर इंडिया का अधिग्रहण, घाटे में चल रहे टेलीकॉम कारोबार का पुनर्गठन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग (टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स) में अरबों डॉलर का नया निवेश और टाटा डिजिटल (सुपर ऐप) जैसी आधुनिक पहलों को मजबूती मिली है। अब अगले 5 वर्षों के लिए उनका कार्यकाल तय होने से समूह के लाखों निवेशकों को यह स्पष्ट संदेश गया है कि टाटा ग्रुप की विकास यात्रा बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के आगे बढ़ती रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक और समाचार विश्लेषण के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।)