PNB समेत इन 5 सरकारी बैंकों ने दिया ग्राहकों को झटका: लोन ब्याज दरों में 25 bps की बढ़ोतरी

PNB समेत इन 5 सरकारी बैंकों ने दिया ग्राहकों को झटका: लोन ब्याज दरों में 25 bps की बढ़ोतरी

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत रेपो दर (Repo Rate) को 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किए जाने के कुछ ही घंटों भीतर सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों ने कर्ज महंगा करना शुरू कर दिया है। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक ने अपनी रेपो-लिंक्ड लेंडिंग दरों (RLLR / RBLR) में 0.25% की सीधी बढ़ोतरी कर दी है।

यह नई व्यवस्था 8 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है। रेपो रेट से जुड़े सभी प्रकार के फ्लोटिंग रेट लोन—विशेष रूप से होम लोन (Home Loan), ऑटो लोन (Car Loan) और पर्सनल लोन—अब सीधे तौर पर महंगे हो गए हैं।

किन-किन बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरें?

बैंक का नाम लेंडिंग बेंचमार्क पुरानी दर नई संशोधित दर (8 अक्टूबर से)
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) RLLR (Repo Linked Lending Rate) 8.10% 8.35%
बैंक ऑफ इंडिया (BOI) RBLR (Repo Based Lending Rate) 8.10% 8.35%
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) BRLLR (Baroda Repo Lending Rate) 7.90% 8.15%
इंडियन बैंक (Indian Bank) RBLR (Repo Benchmark Rate) 7.95% 8.20%
इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) RLLR (Repo Linked Lending Rate) 8.10% 8.35%

(नोट: PNB ने स्पष्ट किया है कि उसके मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट यानी MCLR और बेस रेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।)

आपकी जेब पर कितना असर? समझें EMI का गणित

जब बैंक अपनी एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट बढ़ाते हैं, तो मौजूदा कर्जधारकों के पास दो विकल्प होते हैं: या तो उनकी मासिक किस्त (EMI) बढ़ जाती है, या बैंक लोन की अवधि (Tenure) बढ़ा देते हैं।

मान लीजिए आपने 20 साल (240 महीने) की अवधि के लिए होम लोन लिया हुआ है:

  • ₹30 लाख का होम लोन:

    • 8.10% ब्याज दर पर पहले मासिक किस्त: ₹25,274

    • 8.35% नई दर पर संशोधित मासिक किस्त: ₹25,749

    • मासिक अतिरिक्त बोझ: ₹475 प्रति माह (20 साल में कुल ₹1,14,000 अतिरिक्त ब्याज)।

  • ₹50 लाख का होम लोन:

    • 8.10% ब्याज दर पर पहले मासिक किस्त: ₹42,123

    • 8.35% नई दर पर संशोधित मासिक किस्त: ₹42,916

    • मासिक अतिरिक्त बोझ: ₹793 प्रति माह (20 साल में कुल ₹1,90,320 अतिरिक्त ब्याज)।

मौजूदा और नए ग्राहकों के लिए क्या सलाह है?

  1. फ्लोटिंग रेट बनाम फिक्स्ड रेट: जिन ग्राहकों का लोन अक्टूबर 2019 के बाद का है, उनका लोन अनिवार्य रूप से एक्सटर्नल बेंचमार्क (EBLR/RLLR) से जुड़ा है। ऐसे सभी ग्राहकों की ब्याज दरें इस महीने की साइकिल से स्वतः बढ़ जाएंगी।

  2. लोन अवधि पर नजर रखें: बैंक अक्सर बिना ईएमआई बढ़ाए लोन की अवधि 12 से 24 महीने तक बढ़ा देते हैं, जिससे कुल ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है। अपने बैंक स्टेटमेंट में जाकर जांचें कि ईएमआई बढ़ी है या अवधि।

  3. पार्ट-पेमेंट (Prepayment) पर विचार करें: बढ़ते ब्याज के असर को बेअसर करने के लिए अपनी बचत या बोनस में से हर साल लोन मूलधन का 5% से 10% एकमुश्त चुकाने का प्रयास करें, जिससे लंबी अवधि में लाखों रुपये का ब्याज बचाया जा सके।