WFH Is Back? क्या फिर से शुरू होगा 'वर्क फ्रॉम होम' का दौर? पीएम मोदी की इस अपील ने बदल दी चर्चा की दिशा

WFH Is Back? क्या फिर से शुरू होगा 'वर्क फ्रॉम होम' का दौर? पीएम मोदी की इस अपील ने बदल दी चर्चा की दिशा

Work From Home News: क्या भारत में एक बार फिर ऑफिस जाने की जरूरत खत्म होने वाली है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ताजा बयान के बाद आईटी और कॉर्पोरेट सेक्टर में 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) की वापसी को लेकर बहस छिड़ गई है। तेलंगाना की एक रैली में पीएम मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने और वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया है, जिसमें घर से काम करना भी शामिल है।

ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ती महंगाई का असर

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की कीमतों में भारी उछाल आया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा, "कोरोना काल में हमने घर से काम करना और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे तरीके विकसित किए थे। आज की जरूरत है कि हम उन तरीकों को फिर से अपनाएं ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके।"

विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 'संकल्प' की अपील

संकट की गंभीरता को देखते हुए पीएम मोदी ने केवल 'वर्क फ्रॉम होम' ही नहीं, बल्कि आम जनता से कुछ और बड़े त्याग करने की अपील की है:

  • यात्राओं पर लगाम: एक साल के लिए विदेश यात्राओं और गैर-जरूरी निजी दौरों को टालने का सुझाव।

  • सोने की खरीदारी: विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोने की खरीद स्थगित करने का आह्वान।

  • सार्वजनिक परिवहन: निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो, बस और ट्रेनों का अधिकतम उपयोग और 'कारपूलिंग' को बढ़ावा।

  • डिजिटल मीटिंग्स: ऑफिस की बैठकों को फिजिकल के बजाय डिजिटल माध्यम से करने पर जोर।

क्या कंपनियां फिर से देंगी घर से काम करने की आजादी?

2020 में कोविड महामारी के दौरान WFH एक मजबूरी थी, जो बाद में 'हाइब्रिड मॉडल' (कुछ दिन ऑफिस, कुछ दिन घर) में बदल गई। हालांकि, हाल के महीनों में ज्यादातर कंपनियों ने कर्मचारियों को वापस ऑफिस बुलाना शुरू कर दिया था। अब पीएम मोदी के इस सुझाव के बाद, विशेषकर आईटी और कंसल्टिंग सेक्टर की कंपनियों पर फिर से विचार करने का दबाव बढ़ सकता है। अगर कंपनियां इस सुझाव को मानती हैं, तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

रसोई और जेब पर बढ़ता बोझ

पीएम मोदी ने आगाह किया कि युद्ध का सीधा असर आम आदमी की रसोई पर पड़ रहा है। भारत एलएनजी (LNG) का बड़ा आयातक है, जिससे कमर्शियल सिलेंडरों के दाम पहले ही 1,000 रुपये से अधिक बढ़ चुके हैं। खाने का तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के सामान (FMCG) की कीमतों में भी तेजी आने की आशंका है। ऐसे में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों का उपयोग ही इस संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता है।

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