दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा DA का तोहफा? कैबिनेट बैठक में नहीं हुआ ऐलान

दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा DA का तोहफा? कैबिनेट बैठक में नहीं हुआ ऐलान

त्योहारी सीजन के चरम पर पहुंचते ही देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें केंद्र सरकार के उस बड़े फैसले पर टिकी हुई हैं, जिससे उनकी जेब में अतिरिक्त खुशियां आ सकती हैं। हर साल की तरह इस बार भी उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार दुर्गा पूजा और दशहरे से ठीक पहले जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) में बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा कर देगी। हालांकि, हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को तो मंजूरी दे दी गई, लेकिन आम केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग सकी। इस फैसले के टलने से कर्मचारियों के बीच थोड़ी मायूसी जरूर देखी गई, लेकिन रक्षा और वित्त मंत्रालयों के गलियारों में चर्चा तेज है कि सरकार दिवाली से ठीक पहले कर्मचारियों को इस बहुप्रतीक्षित बढ़ोतरी का तोहफा दे सकती है।

कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता? 60% से 64% तक पहुंचने का पूरा समीकरण

वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी का 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। इससे पहले सरकार ने अप्रैल 2026 में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो 1 जनवरी 2026 से लागू हुई थी। अब चर्चा इस बात को लेकर है कि जुलाई 2026 से लागू होने वाली दूसरी छमाही की बढ़ोतरी में सरकार कितने प्रतिशत का इजाफा करेगी। श्रम मंत्रालय के तहत आने वाले लेबर ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के पिछले 12 महीनों के आंकड़ों और महंगाई दर की गणना के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि डीए में कम से कम 3 प्रतिशत और अधिकतम 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है। यदि सरकार 3 फीसदी की वृद्धि करती है तो महंगाई भत्ता बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा, जबकि 4 फीसदी की बढ़ोतरी होने पर यह सीधे 64 प्रतिशत के आंकड़े को छू लेगा।

AICPI-IW आंकड़ों का गणित: कैसे तय होती है डीए की नई दर?

केंद्र सरकार कर्मचारियों की सैलरी पर मुद्रास्फीति और बढ़ती महंगाई के असर को कम करने के लिए साल में दो बार जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते की समीक्षा करती है। इसके लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सूचकांक में 1.2 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह 154.4 पर पहुंच गया है, वहीं सालाना खुदरा महंगाई दर में भी उछाल देखा गया है। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार, जब इन आंकड़ों को सूत्र में पिरोया जाता है, तो गणना 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का स्पष्ट संकेत देती है। हालांकि, यह केवल एक तकनीकी और सांख्यिकीय अनुमान है; अंतिम निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वित्तीय प्रभाव और बजटीय आवंटन का आकलन करने के बाद ही लिया जाता है।

3 महीने के एरियर के साथ आएगी अक्टूबर की सैलरी, खाते में आएगा बंपर पैसा

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे राहत भरी बात यह है कि घोषणा भले ही अक्टूबर महीने में की जाए, लेकिन यह नियम के अनुसार 1 जुलाई 2026 से ही प्रभावी मानी जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई, अगस्त और सितंबर—इन तीन महीनों का बकाया एरियर (Arrears) अक्टूबर महीने की नियमित सैलरी और पेंशन के साथ एकमुश्त क्रेडिट किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक पे ₹18,000 है और 3 फीसदी डीए बढ़ता है, तो उसे प्रतिमाह ₹540 का सीधा लाभ मिलेगा और तीन महीने के एरियर के साथ उसे अतिरिक्त ₹1,620 मिलेंगे। वहीं उच्च वेतन स्तर पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों की बेसिक पे के अनुपात में यह मासिक बढ़ोतरी और एरियर की राशि हजारों रुपये तक पहुंच जाएगी, जिससे त्योहारी खरीदारी के बजट में बड़ा सहारा मिलेगा।

पेंशनर्स को भी मिलेगा महंगाई राहत (DR) का फायदा, अगली कैबिनेट बैठक पर टिकी निगाहें

यह बढ़ोतरी केवल सेवारत कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि केंद्र सरकार के 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को भी इसी दर से महंगाई राहत (DR) का लाभ मिलेगा। बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए भी जुलाई से सितंबर तक का तीन महीने का एरियर उनकी पेंशन में जोड़कर दिया जाएगा। फिलहाल रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा के बाद अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं। वित्तीय जानकारों का मानना है कि चूंकि दिवाली का त्योहार नजदीक है और त्योहारी सीजन में बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ाने और कर्मचारियों का उत्साह बनाए रखने के लिए सरकार आमतौर पर इस तरह के फैसले त्योहार से एक-दो हफ्ते पहले ही करती है, इसलिए अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की पूरी संभावना है।