CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थलपति विजय का बड़ा दांव: पहली बार कांग्रेस संग सड़कों पर उतरी TVK
तमिलनाडु की सियासत में गुरुवार को एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला, जब अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया। देश भर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों का आंदोलन जारी है। इस बीच विजय की पार्टी पहली बार सहयोगी दल कांग्रेस और इंडिया (INDIA) गठबंधन के अन्य घटक दलों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरी है। चेन्नई के एगमोर स्थित रामाडा सर्कल पर आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में TVK के शीर्ष नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी ने राज्य के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।
स्टालिन के 'बीजेपी से डरते हैं विजय' वाले तंज का जमीन पर दिया जवाब
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का विजय का फैसला ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के प्रमुख एम. के. स्टालिन लगातार उन पर हमलावर थे। स्टालिन ने 2 अक्टूबर को आयोजित एक सार्वजनिक सभा में सीधे तौर पर सवाल उठाया था कि जब देशभर का विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची विवाद पर आवाज उठा रहा है, तब विजय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। स्टालिन ने कड़े शब्दों में पूछा था कि क्या विजय भाजपा से डरते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने सड़कों पर अपनी पूरी ताकत झोंककर और कांग्रेस के साथ साझा मंच साझा करके स्टालिन के 'डर' वाले नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है और यह संदेश दिया है कि वे संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली के खिलाफ खुलकर खड़े होने से नहीं हिचकिचाते।
चेन्नई में इंडिया गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, बी. माणिकम टैगोर ने संभाली कमान
चेन्नई में आयोजित इस 'लोकतंत्र बचाओ' महा-धरने की अगुवाई तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी. माणिकम टैगोर ने की। इस प्रदर्शन में TVK के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन, विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन और एमडीएमके (MDMK) के महासचिव वाइको समेत इंडिया गठबंधन के सभी प्रमुख घटक दलों के सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। माणिकम टैगोर ने इस अवसर पर कहा कि TVK के औपचारिक तौर पर आंदोलन में शामिल होने से तमिलनाडु में विपक्षी एकजुटता को एक नई और अजेय ताकत मिली है। विपक्ष ने एक स्वर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग उठाई।
राहुल गांधी से मुलाकात और DMK से अलगाव के बाद तेजी से बदले समीकरण
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम तमिलनाडु में बदलते गठबंधनों की एक गहरी तस्वीर पेश करता है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और थलपति विजय के बीच चेन्नई में हुई लंबी बैठक और लंच के बाद से ही दोनों दलों के बीच नजदीकी की चर्चाएं जोरों पर थीं। दूसरी तरफ, कांग्रेस और DMK के बीच लंबे समय से जारी तल्खी के चलते जब DMK ने गठबंधन से दूरी बनाई, तो TVK ने उस खाली जगह को तुरंत भर दिया। TVK के इस कदम से यह साफ हो गया है कि वह केवल एक क्षेत्रीय खिलाड़ी बनकर रहने के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा विरोधी मोर्चे में कांग्रेस के सबसे मजबूत और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।