72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2026: 'अमरन' के लिए जीवी प्रकाश को मिला तीसरा राष्ट्रीय पुरस्कार

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2026: 'अमरन' के लिए जीवी प्रकाश को मिला तीसरा राष्ट्रीय पुरस्कार

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (72nd National Film Awards 2026) का भव्य आयोजन गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में हुआ, जहां भारतीय सिनेमा जगत की कई दिग्गज प्रतिभाओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया। इस प्रतिष्ठित समारोह में तमिल सिनेमा के जाने-माने संगीतकार, गायक और अभिनेता जी. वी. प्रकाश कुमार (G. V. Prakash Kumar) ने फिल्म 'अमरन' (Amaran) के दमदार बैकग्राउंड स्कोर के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन का राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया। यह जी. वी. प्रकाश के करियर का तीसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और संगीत जगत के सबसे सम्मानित परिवार से उनके संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कौन हैं जी. वी. प्रकाश कुमार और ऑस्कर विजेता ए. आर. रहमान से क्या है नाता?

जी. वी. प्रकाश कुमार भारतीय सिनेमा, विशेषकर दक्षिण भारतीय व तमिल फिल्म इंडस्ट्री के बेहद चर्चित और बहुमुखी संगीतकार हैं। संगीत की दुनिया में उनका संबंध बेहद खास और ऐतिहासिक घराने से है। वे ऑस्कर विजेता मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान के सगे भांजे हैं। उनकी मां ए. आर. रेहाना खुद एक जानी-मानी पार्श्व गायिका और संगीतकार हैं, जो ए. आर. रहमान की बड़ी बहन हैं। बचपन से ही संगीत के माहौल में पले-बढ़े प्रकाश ने बहुत छोटी उम्र में रहमान के संगीत निर्देशन में गाकर अपने सफर की शुरुआत की थी।

फिल्म 'अमरन' से पहले जी. वी. प्रकाश कुमार दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं। उन्हें सबसे पहले साल 2020 में अभिनेता सूर्या की सुपरहिट फिल्म 'सोरारई पोट्रु' (Soorarai Pottru) के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (बैकग्राउंड स्कोर) का नेशनल अवॉर्ड मिला था। इसके बाद अभिनेता धनुष की फिल्म 'वाती' (Vaathi / Sir) के बेहतरीन गानों के लिए उन्हें बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। अब निर्देशक राजकुमार पेरियासामी की बायोग्राफिकल वॉर-ड्रामा फिल्म 'अमरन' के लिए तीसरी बार राष्ट्रीय सम्मान पाकर उन्होंने खुद को देश के शीर्ष संगीतकारों की कतार में सबसे आगे खड़ा कर दिया है।

'अमरन' के लिए पुरस्कार जीतने पर भावुक हुए जी. वी. प्रकाश कुमार

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जी. वी. प्रकाश कुमार ने अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना केवल एक ट्रॉफी जीतना नहीं है, बल्कि यह खुद अवॉर्ड की परिभाषा से कहीं ज्यादा बड़ा सम्मान है। यह किसी भी कलाकार की उस निरंतर मेहनत, निष्ठा और समर्पण की ईमानदार पहचान है जो पर्दे के पीछे बिना थके काम करता है।

प्रकाश ने कहा, "हर पुरस्कार अपने साथ एक अलग यात्रा और अनुभव लेकर आता है, लेकिन फिल्म 'अमरन' मेरे दिल के बेहद करीब और खास है। इस फिल्म का संगीत एक ऐसी कहानी के लिए तैयार किया गया था जिसमें मानवीय भावनाओं की असाधारण गहराई, अदम्य साहस और देशभक्ति का सच्चा जज्बा छिपा हुआ था।" उन्होंने बताया कि जब भी वह पर्दे पर मेजर मुकुंद वरदराजन और इंदु की सच्ची कहानी के दृश्य देखते थे, तो उनके अंदर से संगीत की धुनें अपने आप निकलने लगती थीं।

मेजर मुकुंद और इंदु की कहानी: भावनाओं और देशभक्ति का अनूठा कैनवास

फिल्म 'अमरन' के बैकग्राउंड स्कोर को जीवंत बनाने की प्रक्रिया पर बात करते हुए जी. वी. प्रकाश ने बताया कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए तकनीकी से ज्यादा भावनात्मक परीक्षा था। उन्होंने कहा, "शहीद मेजर मुकुंद वरदराजन और उनकी पत्नी इंदु की प्रेम और शौर्य से भरी कहानी एक ऐसे स्कोर की मांग करती थी, जिसमें असीम प्रेम, अलगाव का दर्द, पारिवारिक त्याग और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान का संतुलन हो। एक दृश्य में जहां सरहद पर जंग का तनाव था, वहीं दूसरे ही पल एक परिवार का गहरा भावनात्मक जुड़ाव दिखाना जरूरी था।"

संगीतकार ने फिल्म के मुख्य कलाकारों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि अभिनेता शिवकार्तिकेयन और अभिनेत्री साई पल्लवी ने अपने शानदार अभिनय से कहानी में जो गहराई भरी, उसने संगीत के लिए एक बहुत मजबूत भावनात्मक कैनवास तैयार कर दिया। जब पर्दे पर अभिनेता इतने स्वाभाविक ढंग से अपने किरदार को जीते हैं, तो एक संगीतकार के लिए हर दृश्य के भाव को बैकग्राउंड म्यूजिक के जरिए दर्शकों के दिलों तक पहुंचाना बेहद सहज और प्रभावशाली हो जाता है।

कमल हासन और फिल्म की पूरी टीम के प्रति जताया आभार

जी. वी. प्रकाश कुमार ने अपनी इस बड़ी जीत का श्रेय फिल्म के निर्माताओं और पूरी तकनीकी टीम को दिया। उन्होंने दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता कमल हासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके बैनर 'राज कमल फिल्म्स इंटरनेशनल' ने इस भव्य फिल्म का निर्माण किया था। प्रकाश ने कहा, "मैं आदरणीय कमल हासन सर और पूरी प्रोडक्शन टीम का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर अटूट भरोसा जताया और मुझे पूरी रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Freedom) दी ताकि मैं अमरन की संगीतमय दुनिया को बिना किसी समझौते के गढ़ सकूं।"

अंत में उन्होंने जूरी सदस्यों, साथी वादकों, तकनीशियनों और दर्शकों का धन्यवाद करते हुए कहा, "मैं राष्ट्रीय पुरस्कार जूरी, मेरे साथ दिन-रात काम करने वाले संगीतकारों, साउंड इंजीनियरों, फिल्ममेकर्स और सबसे बढ़कर उस प्यारे दर्शक वर्ग का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने वर्षों से मेरे हर संगीत प्रयोग पर अपना अटूट विश्वास बनाए रखा है। यह ऐतिहासिक सम्मान उन सभी लोगों को समर्पित है जिन्होंने अमरन के संगीत को इस मुकाम तक पहुंचाने में अपना योगदान दिया।"