100 करोड़ की बंपर ओपनिंग के बाद वीकडेज में औंधे मुंह गिरी यश की 'टॉक्सिक', 7वें दिन कमाए महज 8 करोड़

100 करोड़ की बंपर ओपनिंग के बाद वीकडेज में औंधे मुंह गिरी यश की 'टॉक्सिक', 7वें दिन कमाए महज 8 करोड़

कन्नड़ सिनेमा के पैन-इंडिया सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित और महा-बजट एक्शन ड्रामा फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' ने सिनेमाघरों में अपना पहला हफ्ता पूरा कर लिया है, लेकिन टिकट खिड़की से आ रहे आंकड़े फिल्म निर्माताओं और वितरकों के माथे पर गहरी चिंता की लकीरें खींच रहे हैं। 26 अगस्त को दुनिया भर के सिनेमाघरों में अभूतपूर्व क्रेज और आतिशबाजी के बीच रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन 100 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक ओपनिंग लेकर भारतीय बॉक्स ऑफिस को हिलाकर रख दिया था। हालांकि, शुरुआती वीकेंड का खुमार उतरते ही सोमवार से शुरू हुए कामकाजी दिनों (वीकडेज) में फिल्म की रफ्तार अचानक बेहद सुस्त पड़ गई है। ट्रेड ट्रैकिंग वेबसाइट सैकनिल्क (Sacnilk) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुधवार यानी अपनी रिलीज के सातवें दिन फिल्म देश भर में सभी भाषाओं को मिलाकर केवल 7.85 करोड़ से 8.20 करोड़ रुपये का ही नेट कलेक्शन दर्ज कर सकी है। जो फिल्म अपने पहले दिन हर घंटे करोड़ों रुपये बटोर रही थी, उसका सातवें दिन सिंगल डिजिट में सिमट जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया और भारी-भरकम हिंसा को लेकर उपजे विवादों ने फिल्म की निरंतरता को तगड़ा झटका दिया है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, औद्योगिक नगरी कानपुर, उन्नाव, प्रयागराज, वाराणसी और मेरठ के मल्टीप्लेक्सों से लेकर सिंगल स्क्रीन थिएटर्स तक 'रॉकी भाई' के नाम पर उमड़ी शुरुआती भीड़ अब धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही है। हालांकि सात दिनों के भीतर फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 229.60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन और 274.25 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन जुटाकर 200 करोड़ का क्लब पार कर लिया है। विदेशी बाजारों (ओवरसीज) में भी फिल्म ने सातवें दिन लगभग 1.50 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे इसका ओवरसीज ग्रॉस 40.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर यश की 'टॉक्सिक' ने एक हफ्ते में दुनिया भर से 315 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन अर्जित कर लिया है। लेकिन 800 करोड़ रुपये से अधिक के विशालकाय बजट में बनी इस फिल्म के लिए यह कमाई पर्याप्त नहीं मानी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में फिल्म को अपनी मूल लागत निकालने के लिए बॉक्स ऑफिस पर एक चमत्कारिक उछाल की दरकार होगी।

100 करोड़ की धमाकेदार शुरुआत के बाद वीकडेज में धड़ाम: जानिए पहले हफ्ते का दिनवार लेखा-जोखा

फिल्म 'टॉक्सिक' के बॉक्स ऑफिस सफर का विश्लेषण किया जाए तो यह किसी रोलर-कोस्टर राइड की तरह दिखता है। 26 अगस्त बुधवार को जब फिल्म रिलीज हुई थी, तो इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 101.10 करोड़ रुपये की बंपर नेट कमाई के साथ शुरुआत की थी। इस ऐतिहासिक ओपनिंग ने बॉलीवुड और साउथ दोनों के कई पुराने कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया था। लेकिन असली चुनौती दूसरे दिन से शुरू हुई जब गुरुवार को फिल्म का कलेक्शन सीधे 63 प्रतिशत गिरकर 37.65 करोड़ रुपये पर आ गया। इसके बाद तीसरे दिन शुक्रवार को फिल्म ने 27.20 करोड़, चौथे दिन शनिवार को 25.15 करोड़ और पांचवें दिन रविवार को 23.00 करोड़ रुपये का व्यापार किया। वीकेंड के दौरान आमतौर पर फिल्मों के कारोबार में बड़ा उछाल देखने को मिलता है, लेकिन टॉक्सिक के मामले में शनिवार और रविवार का कलेक्शन शुक्रवार की तुलना में भी कम रहा, जिसने ट्रेड एनालिस्ट्स को चौंका दिया।

कामकाजी सप्ताह की शुरुआत यानी छठे दिन (सोमवार) को फिल्म की कमाई में एक भीषण गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को फिल्म का कलेक्शन सीधे 7.45 करोड़ रुपये पर आ गिरा, जो रविवार के मुकाबले लगभग 68 प्रतिशत की गिरावट थी। सातवें दिन बुधवार को भी स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया और फिल्म लगभग 8 करोड़ के आसपास ही जूझती रही। सातवें दिन पूरे भारत में फिल्म के कुल 12,892 शोज चले, जहां कुल ऑक्यूपेंसी महज 15 से 18 प्रतिशत के बीच सिमट कर रह गई। थिएटर मालिकों का कहना है कि वीकडेज में मॉर्निंग और नून शोज में सिनेमाहॉल लगभग खाली नजर आ रहे हैं, जबकि केवल शाम और नाइट शोज में ही थोड़ी-बहुत हलचल दर्ज की जा रही है।

हिंदी बेल्ट ने बचाई लाज, यूपी-बिहार के सिंगल स्क्रीन्स पर कैसा रहा 'राया' और 'टिकट' का असर

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस डार्क गैंगस्टर थ्रिलर की सबसे बड़ी ताकत इसका हिंदी डब वर्जन साबित हुआ है। फिल्म में यश ने 'राया' और उसके बेटे 'टिकट' के रूप में डबल रोल निभाया है, जिसका स्वैग हिंदी पट्टी के दर्शकों को खूब पसंद आया है। पहले दिन हिंदी वर्जन ने 55.40 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई की थी, जो साल 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिंदी ओपनिंग बन गई। सातवें दिन भी कुल 8 करोड़ की कमाई में से अकेले हिंदी वर्जन ने 5.60 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा योगदान दिया है। वहीं मूल कन्नड़ भाषा में फिल्म सातवें दिन केवल 1.75 करोड़ रुपये, तेलुगु में 60 लाख रुपये, तमिल में 20 लाख रुपये और मलयालम में मात्र 5 लाख रुपये ही जुटा सकी।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों—लखनऊ के वेव, फीनिक्स और आशियाना स्थित मल्टीप्लेक्सों से लेकर कानपुर के साउथ एक्स और उन्नाव के स्थानीय सिनेमाघरों में शुरुआती तीन दिन तक भारी क्रेज देखा गया था। विशेषकर युवा दर्शक यश के खूंखार गैंगस्टर लुक और भारी डायलॉगबाजी पर तालियां बजाते दिखे। लेकिन 3 घंटे 14 मिनट का लंबा रनटाइम, जटिल स्क्रीनप्ले और अत्यधिक रक्तपात के कारण फैमिली ऑडियंस ने फिल्म से दूरी बना ली। कानपुर के सिनेमा वितरकों का मानना है कि 'केजीएफ' फ्रेंचाइजी में जो एक भावनात्मक मां-बेटे का तार जुड़ा हुआ था, वह भावनात्मक जुड़ाव 'टॉक्सिक' में मिसिंग है। फिल्म केवल बदले, सत्ता और डार्क अंडरवर्ल्ड के ताने-बाने पर टिकी है, जिसके कारण छोटे कस्बों और फैमिली क्राउड के बीच इसकी माउथ पब्लिसिटी कमजोर साबित हुई।

800 करोड़ का विशाल बजट और 'A' सर्टिफिकेट विवाद: क्या खतरे में है मेकर्स का निवेश?

फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में सबसे बड़ी चर्चा इसके बजट को लेकर हो रही है। केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्माण लगभग 800 से 850 करोड़ रुपये के भारी बजट में हुआ है। फिल्म में यश के अलावा नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और अक्षय ओबेरॉय जैसे दिग्गजों की एक विशाल स्टारकास्ट शामिल है। इतने बड़े बजट की फिल्म को हिट की श्रेणी में आने के लिए कम से कम 900 से 1000 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन करना अनिवार्य होता है। पहले हफ्ते में 315 करोड़ का आंकड़ा छूना किसी भी सामान्य फिल्म के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि हो सकता है, लेकिन 'टॉक्सिक' के विशाल आकार को देखते हुए यह रफ्तार धीमी मानी जा रही है।

इसके अलावा फिल्म को मिले 'ए' (वयस्क) सर्टिफिकेट और अत्यधिक हिंसक दृश्यों ने भी इसके दर्शक वर्ग को सीमित कर दिया है। रिलीज के तुरंत बाद बुकमाईशो (BookMyShow) पर दर्शकों की रेटिंग्स के अचानक गायब होने को लेकर भी सोशल मीडिया पर भारी बवाल मचा था, जिससे यह आरोप लगा कि फिल्म के मेकर्स निगेटिव रिव्यूज को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। समीक्षकों ने फिल्म के तकनीकी पक्षों, बैकग्राउंड म्यूजिक, सिनेमैटोग्राफी और यश के ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस की तो जमकर तारीफ की है, लेकिन कमजोर पटकथा और बेवजह खींचे गए दृश्यों की कड़ी आलोचना की है।

दूसरे वीकेंड पर टिकीं सभी उम्मीदें: क्या 500 करोड़ के क्लब में कदम रख पाएगी फिल्म?

पहले हफ्ते के सुस्त वीकडेज के बाद अब सबकी निगाहें आने वाले दूसरे वीकेंड (शुक्रवार, शनिवार और रविवार) पर टिकी हुई हैं। यदि फिल्म दूसरे वीकेंड में एक मजबूत उछाल (जंप) दर्ज करने में कामयाब रहती है, तभी यह घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ नेट और दुनिया भर में 450 से 500 करोड़ ग्रॉस के सम्मानजनक आंकड़े तक पहुंच पाएगी। बॉक्स ऑफिस के जानकारों का मानना है कि फिलहाल सिनेमाघरों में 'टॉक्सिक' के सामने कोई बहुत बड़ी अखिल भारतीय (पैन-इंडिया) फिल्म की चुनौती नहीं है, जिसका फायदा इसे आने वाले शनिवार और रविवार को मिल सकता है।

हालांकि, अगर दूसरे वीकेंड में भी कलेक्शन 10 से 15 करोड़ के दायरे में ही अटका रहा, तो फिल्म के लिए अपनी विशाल लागत की भरपाई कर पाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाएगा। ऐसे में मेकर्स की उम्मीदें अब डिजिटल राइट्स (ओटीटी), सैटेलाइट राइट्स और म्यूजिक राइट्स की बिक्री पर टिक जाएंगी, जिसके दम पर वे अपने संभावित वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने की कोशिश करेंगे। बहरहाल, पहले हफ्ते में 315 करोड़ रुपये कमाकर 'टॉक्सिक' ने यश के स्टारडम का लोहा तो मनवा दिया है, लेकिन वीकडेज की इस सुस्ती ने यह भी साबित कर दिया है कि आधुनिक दौर में सिर्फ स्टार पावर के दम पर किसी फिल्म को ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर नहीं बनाया जा सकता; उसके लिए एक मजबूत, सुसंगत और भावनात्मक रूप से जोड़ने वाली कहानी का होना पहली शर्त है।