'मर गया तो कांड नहीं भूल सकते...' Nana Patekar के निधन पर बोलीं Tanushree Dutta, बिगड़े बोल पर भड़के फैंस

'मर गया तो कांड नहीं भूल सकते...' Nana Patekar के निधन पर बोलीं Tanushree Dutta, बिगड़े बोल पर भड़के फैंस

मुंबई। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन के बाद जहां एक तरफ पूरा बॉलीवुड, राजनेता और देश भर के करोड़ों प्रशंसक गहरे सदमे और शोक में डूबे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत में 'मी टू' (#MeToo) आंदोलन का चेहरा रहीं पूर्व अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एक ऐसा तीखा बयान दे दिया है जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है। एक समय में नाना पाटेकर पर गंभीर आरोप लगाकर पूरे देश में हलचल मचा देने वाली तनुश्री दत्ता ने अभिनेता के जाने पर किसी भी तरह की संवेदना जताने से साफ इनकार कर दिया है। तनुश्री के इस बेबाक और कड़े रुख के बाद सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है, जहां नाना पाटेकर के प्रशंसकों ने इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा करार देते हुए अभिनेत्री को जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया है।

'किसी के मरने से उसका किया कांड नहीं मिट जाता': तनुश्री का कड़ा बयान

नाना पाटेकर के निधन के बाद जब एक मीडिया बातचीत और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए तनुश्री दत्ता से उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के बेहद सख्त टिप्पणी की।

तनुश्री ने कहा कि जब कोई दुनिया से चला जाता है, तो समाज अचानक उसे 'महान' और 'देवता' साबित करने में जुट जाता है, लेकिन वे इस पाखंड का हिस्सा नहीं बन सकतीं। तनुश्री ने साफ लफ्जों में कहा कि किसी के मर जाने का मतलब यह कतई नहीं होता कि उसने अतीत में जो कुछ किया, वह सब भुला दिया जाए या माफ कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो गलत हुआ था, जिसने उनके पूरे करियर और मानसिक शांति को तबाह कर दिया, उसकी टीस आज भी उनके दिल में जिंदा है और वे झूठी सहानुभूति या श्रद्धांजलि का ढोंग कतई नहीं करेंगी।

2008 का 'हॉर्न ओके प्लीज' विवाद और 2018 का #MeToo आंदोलन

तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच का यह कड़वा विवाद करीब 18 साल पुराना है।

साल 2008 में फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' के एक स्पेशल डांस नंबर की शूटिंग के दौरान तनुश्री दत्ता ने आरोप लगाया था कि नाना पाटेकर ने सेट पर उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और जबरन अंतरंग डांस स्टेप्स जोड़ने की कोशिश की। उस समय इस घटना के बाद सेट पर काफी हंगामा हुआ था और तनुश्री की गाड़ी पर भी हमला किया गया था। इसके ठीक दस साल बाद, 2018 में जब तनुश्री ने एक बार फिर इस मुद्दे को उठाया, तो भारत में 'मी टू' कैंपेन की शुरुआत हुई थी और दर्जनों अभिनेत्रियों ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने कड़वे अनुभवों को साझा किया था। हालांकि, उस समय मुंबई पुलिस ने जांच के बाद सबूतों के अभाव में बी-समरी रिपोर्ट दाखिल कर नाना पाटेकर को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन तनुश्री ने इस लड़ाई को कभी स्वीकार नहीं किया।

सोशल मीडिया पर फूटा फैंस का गुस्सा: संवेदनशीलता की मांग

तनुश्री दत्ता का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

नाना पाटेकर के लाखों प्रशंसक तनुश्री पर भड़क उठे हैं और उनके इस बयान को बेहद असंवेदनशील बता रहे हैं। यूज़र्स का कहना है कि भारतीय संस्कृति में यह परंपरा रही है कि जब कोई व्यक्ति इस दुनिया से विदा हो जाता है, तो उसके प्रति कटुता को त्याग दिया जाता है। कई लोगों ने लिखा कि भले ही उनके बीच कानूनी या व्यक्तिगत मतभेद रहे हों, लेकिन किसी के निधन के तुरंत बाद इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना मर्यादाहीन है। वहीं, कुछ लोगों ने तनुश्री का बचाव करते हुए कहा कि हर इंसान को अपने दर्द और नाराजगी को जाहिर करने का अधिकार है और किसी से जबरन शोक जताने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

कड़वाहट के साए में बीती अंतिम विदाई

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गुरुवार देर रात पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर पंचतत्व में विलीन हो गया। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जिसमें सिनेमा जगत के कई दिग्गजों ने नम आंखों से शिरकत की।

लेकिन तनुश्री दत्ता के इस ताजा बयान ने यह दिखा दिया है कि सालों पुराना यह विवाद नाना पाटेकर के जाने के बाद भी पूरी तरह शांत नहीं हो सका है। जहां एक वर्ग नाना पाटेकर को उनकी दमदार अदाकारी, फकीरी अंदाज और किसानों के लिए किए गए निस्वार्थ सामाजिक कार्यों के लिए युगों-युगों तक याद रखेगा, वहीं दूसरी ओर तनुश्री दत्ता के बिगड़े बोल ने इस शोक के माहौल में एक असहज और कड़वी बहस छेड़ दी है।