यूक्रेन में रूस का भीषण कहर: मिसाइल और ग्लाइड बम हमलों में 33 की मौत, बच्चों ने भी गंवाई जान

यूक्रेन में रूस का भीषण कहर: मिसाइल और ग्लाइड बम हमलों में 33 की मौत, बच्चों ने भी गंवाई जान

कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध में जारी खूनी संघर्ष के बीच रूसी वायुसेना और मिसाइल बलों ने यूक्रेन के रिहायशी इलाकों पर सबसे भीषण हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया है। पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र और राजधानी कीव समेत कई प्रमुख इलाकों में रात और सुबह के समय दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और निर्देशित ग्लाइड बमों (Glide Bombs) ने भारी तबाही मचाई है। ताजा हमलों में पांच मासूम बच्चों सहित कम से कम 33 आम नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 18 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या उन यात्रियों और राहगीरों की है जो सुबह अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए बस स्टॉप पर खड़े थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे निर्दोष नागरिकों पर किया गया सुनियोजित और बर्बर हमला करार दिया है।

क्रामाटोर्स्क में बस स्टॉप पर गिरा बम: 12 से अधिक यात्रियों की मौके पर मौत

हमले का सबसे भयावह मंजर डोनेट्स्क प्रांत के रणनीतिक शहर क्रामाटोर्स्क (Kramatorsk) में देखने को मिला।

  • सार्वजनिक परिवहन को बनाया निशाना: सुबह जब लोग काम पर जाने के लिए क्रामाटोर्स्क के एक मुख्य बस स्टॉप और वहां खड़ी दो यात्री बसों में सवार हो रहे थे, तभी रूसी फाइटर जेट से गिराया गया भारी ग्लाइड बम सीधे बस स्टॉप पर आ गिरा।

  • मलबे और आग का तांडव: बम गिरते ही भीषण धमाका हुआ और दोनों बसें आग के गोले में तब्दील हो गईं। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और शरीर के चिथड़े सड़क पर बिखर गए। स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने जलती बसों से कई शव बरामद किए।

  • सार्वजनिक बस सेवा बंद: इस खौफनाक हमले के बाद डोनेट्स्क क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख वादिम फिलाश्किन ने नागरिकों की जान की सुरक्षा के मद्देनजर क्रामाटोर्स्क और पास के शहर स्लोवियांस्क में सार्वजनिक बस परिवहन को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया।

पांच बच्चों ने गंवाई जान: रिहायशी इमारतें जमींदोज

यूक्रेनी रक्षा और आपातकालीन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नए हमले की श्रृंखला में पूर्वी और उत्तरी यूक्रेन के कई रिहायशी अपार्टमेंट्स भी तबाह हुए हैं।

मलबे के नीचे दबने और छर्रों की चपेट में आने से पांच मासूम बच्चों की जान चली गई, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। बचाव कर्मी कंक्रीट के बड़े स्लैब हटाकर अब भी लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। राजधानी कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के अनुसार, राजधानी पर भी ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए गए, जहां 3 लोगों की जान गई और 14 लोग घायल हुए।

जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से लगाई गुहार: 'सिर्फ बातों से नहीं बचेगी जान'

इस बड़े नरसंहार के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर क्षतिग्रस्त इलाकों की तस्वीरें साझा करते हुए पश्चिमी सहयोगियों और नाटो (NATO) देशों से कड़ा रुख अपनाने की अपील की।

जेलेंस्की ने कहा, 'रूस लगातार निर्दोष बच्चों और आम नागरिकों को अपनी मिसाइलों का निशाना बना रहा है। केवल मौखिक संवेदनाएं और जुबानी समर्थन हमारे लोगों को नहीं बचा सकते। यूक्रेन को तत्काल आधुनिक एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Patriot), लड़ाकू विमानों के लिए गोला-बारूद और इंटरसेप्टर तकनीक की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि हथियारों की आपूर्ति में होने वाली हर देरी सीधे तौर पर इंसानी जिंदगियों की कीमत चुकाती है।

पलटवार: रूस के डेटा सेंटर और बुनियादी ढांचे पर ड्रोन स्ट्राइक

तनाव का यह दौर केवल यूक्रेनी सीमा तक ही सीमित नहीं रहा। इस भीषण हमले के जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के अंदर गहरे इलाकों में ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।

रूस की सबसे बड़ी आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी 'यांडेक्स' (Yandex) के सासोवो (Sasovo) स्थित एक बड़े डेटा हब पर यूक्रेनी ड्रोनों ने हमला कर दिया, जिससे सर्वर सेंटर में भीषण आग लग गई और कंपनी को कामकाज रोकना पड़ा। युद्ध शुरू होने के बाद किसी रूसी तकनीकी डेटा सेंटर पर यह पहला बड़ा हमला माना जा रहा है। दोनों ओर से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, तेल रिफाइनरियों और रिहायशी ठिकानों को निशाना बनाए जाने से यह युद्ध अब और अधिक विनाशकारी और अनियंत्रित दौर में प्रवेश कर चुका है।