IIT बॉम्बे में एक और बड़ा हादसा: हॉस्टल में अचानक भड़की भीषण आग, 2 छात्रों समेत 5 लोग बुरी तरह झुलसे
मुंबई। देश के शीर्ष इंजीनियरिंग और शोध संस्थानों में शुमार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के पवई स्थित कैंपस में एक बड़ा और भयावह हादसा सामने आया है। संस्थान के हॉस्टल परिसर में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसकी चपेट में आकर दो छात्रों समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। आग की लपटें और काला धुआं इतनी तेजी से फैला कि हॉस्टल के कमरों में मौजूद छात्रों के बीच चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कैंपस के सुरक्षा तंत्र, आपातकालीन राहत दल और मुंबई फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अचानक उठीं लपटें और दमघोंटू धुआं: कैसे हुआ हादसा?
शुरुआती प्रत्यक्षदर्शियों और छात्रों के अनुसार, घटना के समय ज्यादातर छात्र अपने कमरों में पढ़ाई कर रहे थे या विश्राम में थे:
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शॉर्ट सर्किट या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की आशंका: प्राथमिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण हॉस्टल विंग के इलेक्ट्रिकल पैनल, डक्ट या किसी कमरे में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
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तेजी से फैला धुआं: चिंगारी भड़कते ही कमरे में रखे फर्नीचर, गद्दे और स्टेशनरी सामान ने तेजी से आग पकड़ ली। कुछ ही मिनटों में गलियारों में दमघोंटू धुआं भर गया, जिससे छात्रों को बाहर निकलने का रास्ता देखने में भारी कठिनाई हुई।
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बचाव में झुलसे लोग: आग बुझाने और कमरों में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में दो छात्र और हॉस्टल के तीन मेंटेनेंस व सपोर्ट स्टाफ गंभीर रूप से झुलस गए। धुएं के कारण कई अन्य छात्रों को सांस लेने में भी तकलीफ हुई।
राहत और बचाव कार्य: अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
दमकल विभाग और एंबुलेंस की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया:
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तुरंत रेस्क्यू: दमकल कर्मियों ने हॉस्टल के अन्य कमरों को खाली कराया और आग को इमारत के बाकी हिस्सों में फैलने से रोका।
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इलाज की स्थिति: झुलसे हुए छात्रों और कर्मचारियों को पवई स्थित हीरानंदानी अस्पताल और कैंपस हेल्थ सेंटर में स्थानांतरित किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों का बर्न इंजरी और इनहेलेशन ट्रॉमा (धुआं फेफड़ों में जाने) का उपचार किया जा रहा है।
छात्रों में आक्रोश: कैंपस में बुनियादी सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
इस घटना के बाद आईआईटी बॉम्बे के छात्र समुदाय में गहरा रोष और चिंता देखी जा रही है। छात्रों का आरोप है कि पुराने हॉस्टलों में इलेक्ट्रिकल वायरिंग और फायर सेफ्टी ऑडिट लंबे समय से उपेक्षित हैं:
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फायर अलार्म और एक्सटिंग्विशर की स्थिति: छात्रों ने सवाल उठाया है कि क्या हॉस्टल में लगे फायर अलार्म समय पर बजे और क्या आपातकालीन निकास द्वारों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे।
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प्रशासन की प्रतिक्रिया: संस्थान प्रबंधन ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए एक उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की जाएगी और घटना के सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाकर जिम्मेदार पक्षों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।