फिटनेस की सनक या ट्रोलर्स का दोगलापन: जब वजन घटाकर फिट हुए ये मशहूर सितारे, तो तारीफ की जगह मिले 'बीमार' और 'ओजेंपिक' के ताने, जानिए सेलेब्स के ट्रांसफॉर्मेशन का दर्द

फिटनेस की सनक या ट्रोलर्स का दोगलापन: जब वजन घटाकर फिट हुए ये मशहूर सितारे, तो तारीफ की जगह मिले 'बीमार' और 'ओजेंपिक' के ताने, जानिए सेलेब्स के ट्रांसफॉर्मेशन का दर्द

ग्लैमर और चकाचौंध की दुनिया में दिखने का दबाव हमेशा से सितारों पर भारी रहा है। फिल्म इंडस्ट्री में जहां पहले बढ़ते वजन को लेकर अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को 'बॉडी शेमिंग' और 'फैट शेमिंग' का दंश झेलना पड़ता था, वहीं अब एक नया और बेहद विचित्र चलन सामने आया है—'स्किनी शेमिंग'। कई मशहूर सितारों ने जब अपनी कड़ी मेहनत, डाइट और वर्कआउट के दम पर भारी वजन घटाकर खुद का कायापलट किया, तो उन्हें अपनी इस उपलब्धि पर शाबाशी मिलने के बजाय इंटरनेट ट्रोल्स के कड़वे तानों, बीमारी की अटकलों और दवाओं के इस्तेमाल के आरोपों का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया के इस दोहरे चरित्र ने यह साबित कर दिया है कि ट्रोलर्स के लिए कोई भी इंसान कभी 'परफेक्ट' नहीं हो सकता। आइए जानते हैं उन प्रमुख सितारों के बारे में जिनके ट्रांसफॉर्मेशन पर प्यार लुटाने के बजाय नेटिजन्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया।

करण जौहर: अचानक स्लिम होने पर लगा 'ओजेंपिक' का ठप्पा और 'कमजोर' दिखने के ताने

बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर करण जौहर अपने फैशन और स्टाइल के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। पिछले कुछ समय में करण जौहर ने अपने शरीर पर अभूतपूर्व काम करते हुए तेजी से वजन घटाया और एकदम छरहरा अवतार हासिल कर लिया। जैसे ही करण ने अपनी नई तस्वीरें और इवेंट्स के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, तारीफों से पहले आलोचनाओं की बाढ़ आ गई।

यूजर्स ने उनकी धंसी हुई गालों और अचानक बदले चेहरे को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इंटरनेट पर यह अफवाह तेजी से फैल गई कि करण ने किसी कड़ी मेहनत के बिना वजन घटाने वाली बहुचर्चित डायबिटीज दवा 'ओजेंपिक' (Ozempic) का सहारा लिया है। कई लोगों ने यहां तक कमेंट किया कि वे "बीमार और बेहद कमजोर" नजर आ रहे हैं। इस बेबुनियाद ट्रोलिंग से तंग आकर करण जौहर को खुद सार्वजनिक मंच पर सफाई देनी पड़ी कि उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन शुद्ध रूप से कठोर वर्कआउट, स्ट्रिक्ट न्यूट्रिशन और अनुशासित जीवनशैली का नतीजा है, न कि किसी दवा का।

शहनाज गिल: 'पंजाब की कटरीना' का स्लिम लुक देख भड़के लोग, कहा- खो गई मासूमियत

'बिग बॉस 13' के जरिए घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली शहनाज गिल को उनके चुलबुले अंदाज और गोल-मटोल (Chubby) लुक के लिए दर्शकों ने बेपनाह प्यार दिया था। रियलिटी शो से बाहर आने के बाद जब शहनाज ने बॉलीवुड में कदम रखने का फैसला किया, तो उन्होंने लॉकडाउन के दौरान करीब 12 किलो वजन घटाकर सबको हैरान कर दिया।

हालांकि, जहां उनके कोर फैंस ने इस बदलाव का स्वागत किया, वहीं सोशल मीडिया का एक बड़ा तबका उनके पीछे पड़ गया। ट्रोल्स ने उन्हें यह कहकर निशाना बनाना शुरू कर दिया कि वजन घटाने के चक्कर में उन्होंने अपना असली 'क्यूट चार्म' और मासूमियत खो दी है। कुछ ने उन्हें "कुपोषित" और "आर्टिफिशियल" तक कह डाला। शहनाज ने कई साक्षात्कारों में यह दर्द बयां किया कि जब वह भारी वजन के साथ थीं तब लोग उन्हें मोटी कहकर चिढ़ाते थे और जब उन्होंने खुद को पतला कर लिया, तो लोग कहने लगे कि वे पहले जैसी प्यारी नहीं रहीं।

राम कपूर: टीवी के सबसे चहेते 'चबी' हीरो का ट्रांसफॉर्मेशन, फैंस ने जताई सेहत की चिंता

टीवी के ब्लॉकबस्टर सीरियल 'बड़े अच्छे लगते हैं' और 'कसम से' के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले अभिनेता राम कपूर अपनी भारी-भरकम और चार्मिंग पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते थे। दर्शकों ने उन्हें हमेशा एक ऐसे नायक के रूप में स्वीकार किया था जो सिक्स-पैक एब्स के बिना भी बेहद रोमांटिक और प्रभावशाली लगता था।

लेकिन जब राम कपूर ने अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए करीब 30 किलो से अधिक वजन घटाया और अपनी मस्कुलर व लीन तस्वीरें शेयर कीं, तो उनके फैंस दो गुटों में बंट गए। जहां कुछ लोगों ने 45 वर्ष की उम्र में उनके अनुशासन को सराहा, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें ट्रोल करते हुए लिखा कि वे पहचान में ही नहीं आ रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि उनका चेहरा उतर गया है और उनका पुराना रौब खत्म हो चुका है। कुछ लोगों ने तो यह कयास तक लगाने शुरू कर दिए कि कहीं उन्हें कोई गंभीर बीमारी तो नहीं हो गई है।

गणेश आचार्य: 98 किलो वजन घटाकर भी नहीं मिला चैन, सोशल मीडिया पर बने मीम्स

बॉलीवुड के मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य का वजन एक समय 200 किलो के करीब पहुंच चुका था। जब उनके बढ़ते वजन के कारण उनके घुटनों और सेहत पर गंभीर संकट मंडराने लगा, तो उन्होंने जिम में घंटों पसीना बहाकर और कठिन डाइट फॉलो करके अपना 98 किलो वजन कम किया। यह ट्रांसफॉर्मेशन किसी भी इंसान के लिए एक चमत्कार और प्रेरणादायक सफर जैसा था।

लेकिन सोशल मीडिया पर इस जबरदस्त मेहनत का स्वागत करने के बजाय लोगों ने उनके शरीर की लटकती त्वचा (Loose Skin) और चेहरे के ढीलेपन का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। उनके डांस वीडियोज पर भद्दे कमेंट्स किए गए कि भारी शरीर में वे ज्यादा एनर्जेटिक लगते थे। यह मामला दर्शाता है कि कैसे समाज किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य सुधार की सराहना करने के बजाय उसकी शारीरिक बनावट पर मीम्स बनाने को प्राथमिकता देता है।

फरदीन खान: 'फैट-टू-फिट' यात्रा पर उठी प्लास्टिक सर्जरी और बोटोक्स की उंगलियां

बॉलीवुड अभिनेता फरदीन खान जब कई सालों के अंतराल के बाद कैमरे के सामने लौटे, तो उनका ट्रांसफॉर्मेशन देखकर हर कोई दंग रह गया था। कुछ साल पहले बढ़े हुए वजन और बदले हुलिए के कारण उन्हें इंटरनेट पर बुरी तरह ट्रोल किया गया था। इसके बाद फरदीन ने खुद को पूरी तरह बदला और लगभग 18 से 20 किलो वजन घटाकर अपनी पुरानी 'चॉकलेट बॉय' वाली शार्प जॉलाइन वापस हासिल की।

परंतु जैसे ही उनकी नई तस्वीरें वायरल हुईं, ट्रोलर्स ने उनकी फिटनेस यात्रा को खारिज करते हुए इसे 'बोटोक्स', 'फेसलिफ्ट' और 'सर्जरी' का कमाल करार दे दिया। लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि अचानक इतना वजन कम करना प्राकृतिक नहीं हो सकता। फरदीन को अपने कमबैक प्रोजेक्ट्स से ज्यादा अपने चेहरे और वजन पर होने वाली गैर-जरूरी बहसों का सामना करना पड़ा।

भारती सिंह और अविका गौर: जब महिला कॉमेडियन और अभिनेत्रियों पर कसा गया तंज

मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह ने जब इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए 15-16 किलो वजन घटाया, तो शुरुआत में खूब सुर्खियां बनीं। लेकिन जल्द ही सोशल मीडिया पर लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया कि वजन कम होने से भारती की कॉमेडी का वह नेचुरल फन और 'क्यूट गोलू-मोलू' अंदाज खत्म हो गया है।

इसी तरह टीवी शो 'बालिका वधू' फेम अविका गौर ने जब अपने बढ़ते वजन और डिप्रेशन से लड़कर खुद को पूरी तरह फिट किया, तो उन्हें भी 'अचानक बहुत पतली होने' और 'उम्र से बड़ी दिखने' के ताने सुनने पड़े। अभिनेत्रियों के मामले में यह दोहरा रवैया और ज्यादा घातक साबित होता है, जहां उन्हें हर पैमाने पर जज किया जाता है।

सोशल मीडिया का दोगलापन: न मोटे पसंद, न पतले – आखिर संतुलन कहां है?

इन तमाम मामलों से एक बड़ा और गंभीर सामाजिक सवाल उभरता है कि आखिर दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स की अपेक्षाएं क्या हैं? जब कोई सितारा अधिक वजन के साथ खुश रहता है, तो उसे आलसी, अनफिट और बदसूरत बताकर ट्रोल किया जाता है। वहीं जब वही सितारा महीनों की कड़ी तपस्या, स्ट्रिक्ट डाइट और पसीना बहाकर वजन कम करता है, तो उसे बीमार, सूखा हुआ या दवाइयों का शौकीन बता दिया जाता है।

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि 'स्किनी शेमिंग' और 'फैट शेमिंग' दोनों ही इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा आघात पहुंचाते हैं। सितारों का जीवन केवल पर्दे पर मनोरंजन देने तक सीमित नहीं है, वे भी आम इंसानों की तरह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और उम्र के बदलावों से गुजरते हैं। किसी के वजन कम करने के फैसले को उसकी शारीरिक तंदुरुस्ती और स्वास्थ्य सुधार के नजरिए से देखा जाना चाहिए, न कि सोशल मीडिया के खोखले पैमानों पर नफरत फैलाकर।

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