'मुझे डर लगता है...', थेरेपी वाले बयान पर बुरी तरह ट्रोल हुईं शहनाज गिल ने तोड़ी चुप्पी, बताई इंटरव्यू न देने की असली वजह!
अपनी बेबाकी और चुलबुलेपन के लिए मशहूर शहनाज गिल हाल ही में सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई थीं। दरअसल, एक्ट्रेस ने थेरेपी को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्हें किसी थेरेपी की जरूरत नहीं है, बल्कि उनके सामने अकड़ दिखाने वाले लोगों को इसकी जरूरत है। उनके इस बयान को इंटरनेट पर बेहद असंवेदनशील माना गया। अब लगातार हो रही इस आलोचना पर शहनाज ने खुलकर अपनी बात रखी है और अपनी मजबूरी फैंस के सामने बयां की है।
'मेरे शब्दों का गलत मतलब निकाला गया'
द फ्री प्रेस जर्नल के साथ हुई एक हालिया बातचीत में शहनाज ने इस विवाद पर अपना पक्ष रखा। एक्ट्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को पूरी तरह से गलत तरीके से लिया गया। शहनाज ने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई बार पत्रकार जानबूझकर ऐसे सवाल पूछते हैं, जिनका मकसद सिर्फ सामने वाले को उकसाना (ट्रिगर करना) होता है। वह इस तरह के सवालों के पीछे की मंशा को समझती हैं, लेकिन आम लोग उनके शब्दों को नहीं समझ पाते और बात का बतंगड़ बन जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह सेलिब्रिटी नहीं होतीं, तो शायद उनकी बातों को इतना तूल नहीं दिया जाता।
'मैं खुद को सही से एक्सप्रेस नहीं कर पाती...'
अपनी सबसे बड़ी कमजोरी को स्वीकार करते हुए शहनाज ने बेहद ईमानदारी से कहा कि वह अक्सर अपने ख्यालों को सही शब्दों में बयां नहीं कर पाती हैं। वह दिमाग में कुछ और सोच रही होती हैं, लेकिन मुंह से कुछ और ही निकल जाता है। हालात ये हो जाते हैं कि अक्सर उनके दोस्तों को बीच में आकर लोगों को समझाना पड़ता है कि शहनाज के कहने का असली मतलब क्या था। एक्ट्रेस ने माना कि अपनी भावनाओं को सही तरीके से न समझा पाना ही उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब बनता है।
ट्रोलिंग के डर ने बना दी मीडिया से दूरी
जब शहनाज से मीडिया से दूरी बनाने और इंटरव्यू न देने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने अपने अंदर के डर का खुलासा किया। एक्ट्रेस ने कहा कि वह जब भी पूरी ईमानदारी से जवाब देती हैं, तो उन्हें ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ता है और यही खौफ उन्हें हमेशा सताता है। हालांकि, अपनी आगामी फिल्म 'इश्कनामा' की रिलीज के कारण उन्हें मजबूरी में मीडिया का सामना करना पड़ रहा है। शहनाज ने स्वीकार किया कि दर्शकों और कलाकारों के बीच मीडिया ही सबसे बड़ा पुल है, जिसके बिना आगे बढ़ना नामुमकिन है।