'10 सालों से भारत में बैन हूं, लेकिन फिर भी…': पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम ने भारतीय फैंस के प्यार पर तोड़ी चुप्पी, बॉलीवुड में कमबैक और गानों को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

'10 सालों से भारत में बैन हूं, लेकिन फिर भी…': पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम ने भारतीय फैंस के प्यार पर तोड़ी चुप्पी, बॉलीवुड में कमबैक और गानों को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

पाकिस्तान के मशहूर प्लेबैक सिंगर आतिफ असलम (Atif Aslam) की आवाज का जादू आज भी सरहद पार भारत में सिर चढ़कर बोलता है। साल 2016 में हुए उरी हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर अनौपचारिक रूप से कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद से ही आतिफ असलम का बॉलीवुड में गानों का सिलसिला थम गया था। हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय इंटरव्यू के दौरान आतिफ असलम ने भारत में अपने बैन और भारतीय प्रशंसकों से मिलने वाले बेशुमार प्यार पर दिल खोलकर बात की है। आतिफ असलम ने कहा कि यद्यपि वे बीते लगभग 10 सालों से भारत में किसी नई बॉलीवुड फिल्म के लिए रिकॉर्डिंग नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन आज भी उनके गानों को भारत में सबसे ज्यादा सुना जाता है और भारतीय फैंस का प्यार उनके लिए जरा भी कम नहीं हुआ है।

आतिफ असलम का मानना है कि कला और संगीत की कोई राजनीतिक सीमा नहीं होती। जब 2016 में भारत में ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) और अन्य सांस्कृतिक संगठनों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर रोक लगाई, तो यह उनके और उनके भारतीय प्रशंसकों दोनों के लिए एक बड़ा झटका था। उस समय आतिफ बॉलीवुड के सबसे महंगे और मांग वाले गायकों में से एक थे। 'जहर' फिल्म के 'वो लम्हे' से लेकर 'अजब प्रेम की गजब कहानी' के 'तू जाने ना', 'रेस' के 'पहली नजर में' और 'टाइगर जिंदा है' के 'दिल दियां गल्लां' तक, आतिफ असलम ने बॉलीवुड को अनगिनत चार्टबस्टर और ब्लॉकबस्टर रोमांटिक गाने दिए हैं जो आज भी हर भारतीय संगीत प्रेमी की प्लेलिस्ट में शीर्ष पर रहते हैं।

संगीत की कोई सीमा नहीं होती: आतिफ असलम ने बयां किया दर्द और प्यार

अपने भावुक संबोधन में आतिफ असलम ने कहा, "मैं पिछले करीब 10 सालों से भारत में आधिकारिक रूप से काम करने से प्रतिबंधित हूं, लेकिन इसके बावजूद जब मैं दुनिया भर में कहीं भी कॉन्सर्ट करता हूं—चाहे वह लंदन हो, दुबई हो या अमेरिका—तो मेरी ऑडियंस में सबसे ज्यादा संख्या भारतीय फैंस की होती है। वे मेरे गानों की हर एक लाइन मेरे साथ गाते हैं। स्पॉटीफाई और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आज भी मुझे सबसे ज्यादा स्ट्रीम भारत से ही मिलता है। यह इस बात का सबूत है कि संगीत किसी सरहद या पाबंदी का मोहताज नहीं होता।"

आतिफ असलम ने यह भी साझा किया कि वे आज भी भारत के कई संगीतकारों, गीतकारों और निर्देशकों से व्यक्तिगत स्तर पर जुड़े हुए हैं और उनके साथ बहुत ही आत्मीय संबंध साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि कला के क्षेत्र में काम करने वाले लोग हमेशा एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। भले ही परिस्थितियां और कूटनीतिक नीतियां बदल गई हों, लेकिन भारतीय श्रोताओं ने उन्हें जो सम्मान और पहचान दी है, उसके लिए वे जीवन भर आभारी रहेंगे।

हाल के वर्षों में भारतीय अदालतों (उच्चतम न्यायालय) ने भी कई याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी कलाकारों पर पूर्ण कानूनी प्रतिबंध जैसी कोई स्थिति संविधान के तहत अनिवार्य नहीं है। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि आतिफ असलम और राहत फतेह अली खान जैसे दिग्गज गायक एक बार फिर बॉलीवुड फिल्मों में वापसी कर सकते हैं। आतिफ असलम ने अपने कमबैक को लेकर कहा कि अगर समय और परिस्थितियां सही रहीं और उन्हें कोई अच्छा प्रोजेक्ट ऑफर हुआ, तो वे एक बार फिर अपने भारतीय प्रशंसकों के लिए गाना गाना पसंद करेंगे।

आतिफ असलम के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके भारतीय फैंस लगातार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फैंस का कहना है कि वे आज भी बॉलीवुड फिल्मों में आतिफ असलम की सुरीली आवाज को मिस करते हैं और चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ते जल्द सामान्य हों ताकि वे अपने पसंदीदा सिंगर के नए गानों का लुत्फ उठा सकें।

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