'आलिया से कहीं ज्यादा टैलेंटेड हैं पूजा', सौतेले भाई राहुल भट्ट का बेबाक बयान, दोनों बहनों के व्यक्तित्व और काम पर तोड़ी चुप्पी
बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर बड़े कलाकारों और उनके परिवारों की आपस की बॉन्डिंग, तुलना और निजी जिंदगी सुर्खियों का हिस्सा बन जाती है। हाल ही में मशहूर फिल्म निर्देशक महेश भट्ट के परिवार को लेकर एक ऐसा ही चौंकाने वाला बयान सामने आया है, जिसने सिनेमा प्रेमियों और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। फिल्म निर्माता महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट ने अपनी दोनों सौतेली बहनों आलिया भट्ट और पूजा भट्ट के अभिनय और उनकी शख्सियत को लेकर खुलकर अपने विचार रखे हैं। राहुल भट्ट का मानना है कि अभिनय कौशल और व्यक्तित्व की दृष्टि से देखा जाए तो 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री पूजा भट्ट अपनी छोटी बहन और मौजूदा दौर की टॉप अदाकारा आलिया भट्ट से कहीं अधिक प्रतिभाशाली हैं। उनके इस बयान के बाद बॉलीवुड गलियारों में दोनों बहनों के करियर और सिनेमाई योगदान पर एक नई बहस छिड़ गई है।
राहुल भट्ट ने एक साक्षात्कार के दौरान परिवार के सदस्यों के आपसी तालमेल और उनके फिल्मी सफर पर अपनी बेबाक राय जाहिर की। जब उनसे आलिया भट्ट और पूजा भट्ट के काम और स्टारडम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के पूजा भट्ट का पक्ष लिया। राहुल ने कहा कि आज के दौर में आलिया भले ही देश-विदेश में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी हैं और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए रिकॉर्ड बना रही हैं, लेकिन जब बात स्क्रीन प्रेजेंस, नैसर्गिक अदाकारी और बोल्ड पर्सनैलिटी की आती है, तो पूजा भट्ट का कोई मुकाबला नहीं है। राहुल के मुताबिक पूजा जी का व्यक्तित्व बेहद मजबूत, स्पष्टवादी और निडर है, जो उनके निभाए हर किरदार में साफ झलकता है।
पूजा भट्ट के काम और अनोखे अंदाज के कायल हैं राहुल भट्ट
राहुल भट्ट ने अपनी बात को विस्तार से रखते हुए कहा कि पूजा भट्ट ने अपने दौर में जिस तरह के जोखिम भरे और संवेदनशील किरदार निभाए, उस दौर में बहुत कम अभिनेत्रियां ऐसा करने की हिम्मत जुटा पाती थीं। 90 के दशक में 'डैडी', 'दिल है कि मानता नहीं', 'सड़क', 'जख्म' और 'तमन्ना' जैसी फिल्मों में पूजा भट्ट ने अपने अभिनय का लोहा मनवाया था। राहुल ने बताया कि पूजा का सिनेमा के प्रति नजरिया केवल एक ग्लैमरस हीरोइन बनने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने किरदारों की गहराई को महसूस कर उन्हें पर्दे पर जीवंत किया। राहुल का कहना है कि पूजा भट्ट की सोचने-समझने की क्षमता और उनकी मजबूत शख्सियत उन्हें परिवार के अन्य लोगों से पूरी तरह अलग बनाती है। वह एक ऐसी कलाकार हैं जिन्होंने कैमरे के सामने और कैमरे के पीछे बतौर निर्देशक भी अपने टैलेंट को पूरी दुनिया के सामने साबित किया है।
पूजा भट्ट के व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि पूजा कभी किसी के दबाव में नहीं रहीं। उन्होंने हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जी है और पर्दे पर भी वही चीजें पेश कीं, जिनमें उन्हें गहराई नजर आई। राहुल के अनुसार पूजा का व्यक्तित्व किसी से छिपा नहीं है; वह जितनी संवेदनशील एक अभिनेत्री के रूप में पर्दे पर नजर आती हैं, असल जिंदगी में वह उतनी ही मजबूत और बेबाक इंसान हैं। उनकी यही खूबी उन्हें हर मामले में आलिया से काफी आगे खड़ा करती है।
आलिया भट्ट की सफलता और स्टारडम पर भी रखी राय
हालांकि राहुल भट्ट ने अपनी छोटी बहन आलिया भट्ट की उपलब्धियों को सिरे से खारिज नहीं किया। उन्होंने यह स्वीकार किया कि आलिया इस समय भारतीय सिनेमा की सबसे कामयाब और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं। 'हाईवे', 'राजी', 'गंगूबाई काठियावाड़ी' और हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स जैसी फिल्मों के जरिए आलिया ने अपनी एक जबरदस्त पहचान बनाई है और आज के दर्शक उन्हें बेहद पसंद करते हैं। राहुल ने कहा कि आलिया बेहद मेहनती हैं और उनके पास आज के आधुनिक दौर का बेहतरीन क्राफ्ट और मैनेजमेंट है, जिसके दम पर वह लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही हैं।
इसके बावजूद राहुल का जोर इस बात पर रहा कि सफलता और टैलेंट दो अलग-अलग पहलू हो सकते हैं। आज के समय में फिल्मों का निर्माण, मार्केटिंग और पीआर तंत्र बहुत मजबूत हो चुका है, जिसका फायदा मौजूदा पीढ़ी के सितारों को भरपूर मिलता है। जबकि 90 के दशक में पूजा भट्ट के दौर में सिर्फ और सिर्फ वास्तविक कला, चेहरे के भाव और प्राकृतिक आकर्षण ही दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाता था। राहुल का मानना है कि आलिया का स्टारडम आज के जमाने के हिसाब से बहुत बड़ा हो सकता है, लेकिन पूजा भट्ट का टैलेंट अधिक मौलिक, गहरा और प्रभावशाली था।
भट्ट परिवार की आंतरिक गतिशीलता और रिश्तों का ताना-बाना
महेश भट्ट का परिवार अक्सर अपनी व्यक्तिगत जिंदगी और खुले विचारों को लेकर चर्चा में रहता है। महेश भट्ट की पहली पत्नी किरण भट्ट (लोरेन ब्राइट) से पूजा भट्ट और राहुल भट्ट हैं, जबकि उनकी दूसरी शादी अभिनेत्री सोनी राजदान से हुई, जिनसे आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट का जन्म हुआ। राहुल भट्ट अतीत में भी अपने पिता और परिवार के समीकरणों को लेकर बेहद मुखर रहे हैं। एक समय ऐसा भी था जब राहुल ने अपने और अपने पिता के रिश्तों के बीच की दूरियों को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया था, लेकिन समय के साथ परिवार में एक आपसी समझ विकसित हुई है।
राहुल ने स्पष्ट किया कि उनके इस बयान को किसी पारिवारिक मनमुटाव या आपसी जलन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह सिर्फ एक निष्पक्ष कलात्मक राय है, जिसे वह एक दर्शक और परिवार के सदस्य के तौर पर महसूस करते हैं। राहुल का कहना है कि वह आलिया की मेहनत और उनके मुकाम का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन जब तुलनात्मक रूप से कलात्मक गहराई और व्यक्तित्व की बात आती है, तो उनके दिल में पूजा भट्ट का स्थान हमेशा सबसे ऊपर रहेगा। पूजा ने जिस तरह से अपनी जिंदगी के उतार-चढ़ावों का सामना किया और फिर बिग बॉस ओटीटी जैसे मंच पर अपनी गरिमा बनाए रखी, वह उनके सशक्त चरित्र को दर्शाता है।
सोशल मीडिया और सिनेमा प्रेमियों के बीच बयान की गूंज
राहुल भट्ट का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस के बीच जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। सिनेमा के पुराने और नए दौर के दर्शक इस मुद्दे पर दो खेमों में बंटते नजर आ रहे हैं। 90 के दशक के सिनेमा के शौकीनों का कहना है कि राहुल की बात बिल्कुल सच है क्योंकि पूजा भट्ट के समय में अभिनेत्रियों को अपनी अदाकारी साबित करने के लिए बहुत सीमित साधन मिलते थे और पूजा ने हमेशा लीक से हटकर काम किया। वहीं दूसरी तरफ आलिया भट्ट के युवा फैंस का तर्क है कि आलिया ने हर जॉनर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर यह साबित किया है कि वह वर्तमान पीढ़ी की सबसे सशक्त अभिनेत्री हैं।
सिनेमा विशेषज्ञों का मानना है कि दो अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकारों की तुलना करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि दोनों के समय की पटकथाएं, निर्देशन शैली और दर्शकों की पसंद पूरी तरह बदल चुकी होती हैं। फिर भी एक ही परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल भट्ट का अपनी ही बहनों के बारे में यह खुलकर बोलना निश्चित रूप से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में लंबे समय तक चर्चा का केंद्र बना रहेगा।