'सलमान खान ने दिया था फिल्म का ऑफर, मैंने ठुकरा दिया': शोएब अख्तर का बड़ा खुलासा, बोले- 'लोग हिरोइनों के साथ नाम जोड़ते
विश्व क्रिकेट के इतिहास में अपनी तूफानी गेंदबाजी से बल्लेबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने हाल ही में बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा से जुड़े अपने एक अनसुने और बेहद दिलचस्प किस्से का खुलासा किया है। शोएब ने बताया कि जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहतर थे, तब उन्हें भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की तरफ से कई बड़े ऑफर्स मिले थे। यहां तक कि बॉलीवुड के 'दबंग' सुपरस्टार सलमान खान ने भी उन्हें अपनी एक फिल्म में काम करने का सीधा ऑफर दिया था। इसके अलावा ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गैंगस्टर' के लिए भी उनसे संपर्क साधा गया था। हालांकि, शोएब अख्तर ने इन सभी लुभावने ऑफर्स को बिना किसी झिझक के ठुकरा दिया था। शोएब ने इसके पीछे की असली वजह का खुलासा करते हुए कहा कि वे एक साथ क्रिकेट और फिल्मों की दो अलग-अलग दुनिया में नहीं जी सकते थे और उन्हें डर था कि फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद लोग उनका नाम बेवजह अभिनेत्रियों (हिरोइनों) के साथ जोड़ने लगेंगे।
सलमान खान का फिल्म ऑफर और शोएब अख्तर का इनकार
एक लोकप्रिय पाकिस्तानी टॉक शो में होस्ट ताबिश हाशमी से बातचीत के दौरान शोएब अख्तर ने अपने बॉलीवुड कनेक्शन पर खुलकर बात की। शोएब ने बताया कि 2000 के दशक में जब वे अपने क्रिकेट करियर के चरम पर थे, तब बॉलीवुड के कई बड़े फिल्ममेकर्स और दिग्गज अभिनेता उनके संपर्क में थे। शोएब ने खुलासा किया कि सुपरस्टार सलमान खान ने खुद उन्हें एक बॉलीवुड प्रोजेक्ट की पेशकश की थी। सलमान चाहते थे कि शोएब उनकी फिल्म में एक अहम किरदार निभाएं। लेकिन शोएब अख्तर ने बहुत सोच-विचार के बाद सलमान के इस ऑफर को बेहद शालीनता से अस्वीकार कर दिया। शोएब के अनुसार, क्रिकेट की दुनिया में अपनी फिटनेस और परफॉर्मेंस को बनाए रखने के लिए जिस समर्पण की जरूरत थी, उसके साथ फिल्म शूटिंग के लंबे शेड्यूल को संभालना उनके लिए कतई संभव नहीं था।
'गैंगस्टर' फिल्म में मिला था रोल, डायरेक्टर्स बोले- विलेन के लिए कुछ करने की जरूरत नहीं
शोएब अख्तर ने बातचीत के दौरान यह भी साफ किया कि महेश भट्ट और अनुराग बसु की साल 2006 में आई सुपरहिट थ्रिलर फिल्म 'गैंगस्टर' के लिए भी उन्हें अप्रोच किया गया था। शोएब ने उन अफवाहों को खारिज किया जिनमें कहा जाता था कि उन्हें इमरान हाशमी वाला लीड रोल ऑफर हुआ था। शोएब ने स्पष्ट किया कि उन्हें इमरान हाशमी का रोल नहीं, बल्कि फिल्म में एक दूसरा महत्वपूर्ण और दमदार किरदार (संभवतः गैंगस्टर दया शंकर का नेगेटिव रोल) ऑफर किया गया था। शोएब ने हंसते हुए बताया कि उस दौरान तीन से चार नामी बॉलीवुड डायरेक्टर्स ने उनसे मुलाकात की थी और कहा था कि आपकी बॉडी लैंग्वेज, लंबे बाल और आक्रामक पर्सनालिटी इतनी दमदार है कि पर्दे पर विलेन का रोल निभाने के लिए आपको ज्यादा कुछ एक्टिंग करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, बस स्क्रीन पर खड़ा होना ही काफी होगा।
'लोग हिरोइनों के साथ नाम जोड़ते': दो नावों पर पैर रखने से क्यों बचे शोएब?
बॉलीवुड के इतने बड़े ऑफर्स को ठुकराने के पीछे के कारणों को समझाते हुए शोएब अख्तर ने अपनी मानसिक स्थिति और प्राथमिकताओं को साझा किया। शोएब ने कहा कि मैं एक साथ दो समानांतर दुनिया में सर्वाइव नहीं कर सकता था। अगर मैं फिल्में चुनता, तो मुझे 6 से 7 महीने लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना होता और फिर बाकी बचे 6 से 7 महीने फिल्मों के सेट पर शूटिंग में बिताने पड़ते। शोएब ने बेबाकी से कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखते ही मीडिया का पूरा फोकस आपके खेल से हटकर आपकी निजी जिंदगी पर आ जाता है और लोग हर दूसरी महिला व को-स्टार हिरोइन के साथ आपका नाम लिंक करने लगते हैं। शोएब ने कहा कि मुझे लाइट्स, कैमरा और ग्लैमर के पीछे भागने का कोई शौक नहीं था। एक तरफ क्रिकेट में 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने के लिए शरीर को फिट रखने का भारी तनाव था, तो दूसरी तरफ फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर हिट कराने का अलग दबाव होता। इसी वजह से मैंने फैसला किया कि मैं सिर्फ और सिर्फ अपने देश के लिए क्रिकेट खेलूंगा।
'फिजिकली मैं सलमान जैसा, लेकिन दिल से वे मुझसे बहुत बड़े': शोएब ने की भाईजान की तारीफ
फिल्म का ऑफर ठुकराने के बावजूद शोएब अख्तर के दिल में सलमान खान के लिए बेहद गहरा आदर और सम्मान है। शोएब ने सलमान खान के व्यक्तित्व और उनके मानवीय पहलुओं की जमकर तारीफ की। पूर्व पाकिस्तानी पेसर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शारीरिक बनावट (फिजीक) के मामले में लोग कहते हैं कि मैं थोड़ा-बहुत सलमान की तरह दिखता हूं, लेकिन हकीकत यह है कि सलमान खान मुझसे कहीं ज्यादा बेहतर और महान इंसान हैं। मैं उनके मुकाबले कुछ भी नहीं हूं। शोएब ने कहा कि सलमान बेहद नेक दिल, दरियादिल और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। वे 'बीइंग ह्यूमन' फाउंडेशन के जरिए और व्यक्तिगत स्तर पर गरीबों और जरूरतमंदों की जिस तरह से मदद और चैरिटी करते हैं, वह वाकई प्रेरणादायक है। शोएब ने बताया कि भारत दौरों के दौरान सलमान खान के साथ उनकी कई बार मुलाकातें हुईं और वे हमेशा एक बड़े भाई और सच्चे दोस्त की तरह गर्मजोशी से मिले।
अपनी बायोपिक में सलमान खान को ही देखना चाहते हैं शोएब अख्तर
शोएब अख्तर और बॉलीवुड का नाता केवल उनके खुद के अभिनय तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि उनकी अपनी जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक को लेकर भी हमेशा उत्सुकता रही है। जब पूर्व में शोएब से एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि अगर कभी उनके जीवन और क्रिकेट के सफर पर कोई बायोपिक फिल्म बनती है, तो वे किस बॉलीवुड स्टार को पर्दे पर 'शोएब अख्तर' का किरदार निभाते हुए देखना पसंद करेंगे? इस पर शोएब ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत सलमान खान का नाम लिया था। शोएब का मानना है कि मैदान पर जिस आक्रामकता, मस्कुलर बॉडी और स्वैग के साथ वे गेंदबाजी के लिए दौड़ते थे, उस खास एनर्जी और स्क्रीन प्रेजेंस को पर्दे पर अगर कोई अभिनेता पूरी शिद्दत और न्याय के साथ उतार सकता है, तो वे सिर्फ सलमान खान ही हैं।
क्रिकेट और सिनेमा के बीच की सीमा रेखा और शोएब की विरासत
शोएब अख्तर का यह खुलासा यह साबित करता है कि वे अपने खेल और राष्ट्रीय पहचान को लेकर कितने गंभीर थे। 1990 और 2000 के दशक में जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट डिप्लोमेसी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान अपने चरम पर था, तब कई पाकिस्तानी गायकों, कलाकारों और क्रिकेटरों ने भारतीय मनोरंजन उद्योग का रुख किया था। मोहसिन खान जैसे पूर्व पाकिस्तानी ओपनर ने तो रीना रॉय से शादी कर बॉलीवुड फिल्मों में सफल करियर भी बनाया था। लेकिन शोएब अख्तर ने अपने चरम दौर में करोड़ों के बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स को इसलिए ना कह दिया ताकि उनका पूरा ध्यान अपनी 161.3 किमी प्रति घंटे की उस रिकॉर्ड-तोड़ रफ्तार और क्रिकेट की विरासत पर बना रहे। आज जब वे अपने करियर को मुड़कर देखते हैं, तो उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि वे जानते हैं कि क्रिकेट के मैदान पर जो अमर पहचान उन्होंने बनाई, वह किसी भी फिल्मी शोहरत से कहीं ज्यादा बड़ी और टिकाऊ है।