साउथ स्टार और पूर्व मंत्री बाबू मोहन का खौफनाक खुलासा
दक्षिण भारतीय फिल्मों के जाने-माने हास्य अभिनेता, चरित्र अभिनेता और पूर्व मंत्री बाबू मोहन (Babu Mohan) ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला राज उजागर किया है, जिसने मनोरंजन और राजनीतिक जगत दोनों में भारी खलबली मचा दी है। हाल ही में एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान बाबू मोहन ने अपनी जिंदगी से जुड़े एक बेहद डरावने वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि एक वक्त ऐसा आया था जब उनकी बढ़ती कामयाबी, लोकप्रियता और राजनीतिक कद से जलने वाले विरोधियों ने उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का एक खौफनाक षड्यंत्र रचा था। उन्हें जान से मारने के लिए उनके पसंदीदा पान में जहर (Poison in Paan) मिलाकर दिया गया था। अगर ऐन वक्त पर पुलिस का एक चेतावनी भरा फोन कॉल न आया होता, तो उस दिन उनके साथ कोई बहुत बड़ी अनहोनी हो जाती।
रोजाना 30 से ज्यादा पान खाने की थी लत, विरोधियों ने इसी कमजोरी को बनाया अपना हथियार
बाबू मोहन ने अपनी इस आपबीती को बयां करते हुए बताया कि जब वह अपने अभिनय और राजनीतिक करियर के शिखर पर थे, तब उन्हें मीठा और विशेष पान खाने की जबरदस्त लत हुआ करती थी। वे एक दिन में लगभग 30 से अधिक पान चबा जाया करते थे। शूटिंग सेट से लेकर सार्वजनिक सभाओं, रैलियों और बैठकों तक में वे अक्सर पान खाते हुए ही नजर आते थे। उनकी इसी सार्वजनिक लत और दिनचर्या की भनक उनके उन विरोधियों को लग गई जो उनकी तरक्की से बुरी तरह चिढ़ते थे। दुश्मनों ने इसी आदत को अपना हथियार बनाया और उस पान की दुकान वाले के जरिए, जहां से वे अक्सर अपना पसंदीदा पान मंगवाया करते थे, पान के बीड़े में धीमा जहर मिलवा दिया।
'पान मुंह में रखने ही वाला था कि आया पुलिस का कॉल' – ऐसे बची बाबू मोहन की जान
उस खौफनाक दिन को याद करते हुए बाबू मोहन ने बताया कि पान विक्रेता से मिला वह पान उनके पास पहुंच चुका था और वे उसे अपने मुंह में दबाने ही वाले थे कि अचानक उनके मोबाइल पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (एसपी) का इमरजेंसी फोन आ गया। पुलिस अधिकारी ने फोन पर बेहद घबराए हुए स्वर में सीधे चेतावनी दी, "बाबू मोहन जी, आप जो पान खाने जा रहे हैं, उसे तुरंत फेंक दीजिए! हमें खुफिया जानकारी मिली है कि उसमें जहर मिलाया गया है!" पुलिस के इस ऐन मौके पर दिए गए अलर्ट ने उनकी जिंदगी बचा ली। उन्होंने तुरंत उस पान को हाथ से दूर फेंक दिया। इस घटना ने उन्हें अंदर तक हिलाकर रख दिया और उसी पल उन्होंने अपने जीवन में कभी भी दोबारा पान न छूने की कसम खा ली।
ग्लेमर, शोहरत और सियासत के पीछे छिपे जानलेवा खतरे की कड़वी सच्चाई
अपनी एक्टिंग की शुरुआत साल 1986 में करने से पहले आंध्र प्रदेश के राजस्व विभाग में एक निष्ठावान सरकारी कर्मचारी रहे बाबू मोहन ने इस घटना से मिले सबसे बड़े सबक को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि चकाचौंध से भरी ग्लैमर की दुनिया और राजनीति के ऊंचे ओहदों पर बाहर से जितनी चमक-दमक दिखाई देती है, उसके पर्दे के पीछे उतने ही खौफनाक खतरे, अंधी दुश्मनी और साजिशें छिपी होती हैं। यद्यपि उन्होंने इंटरव्यू में सुरक्षा कारणों से इस साजिश के पीछे शामिल राजनीतिक या फिल्मी हस्ती के नाम का सीधा खुलासा करने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि सफलता के शिखर पर पहुंचने वालों को अपने आसपास के माहौल और खान-पान को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए।
एनटीआर के दौर से लेकर टीडीपी, बीआरएस और अब तक का राजनीतिक सफर
साउथ सिनेमा में अपनी बेहतरीन कॉमेडी टाइमिंग से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले बाबू मोहन का राजनीतिक करियर भी बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। एनटी रामाराव के समय तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले बाबू मोहन आंध्र प्रदेश सरकार में चंद्रबाबू नायडू की कैबिनेट के दौरान श्रम मंत्री भी रह चुके हैं। बाद में वे बीआरएस और बीजेपी में रहे, लेकिन अक्टूबर 2023 में बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद वे पुनः अपनी पुरानी पार्टी टीडीपी में शामिल हो गए थे। 'द पैराडाइज' जैसे प्रोजेक्ट्स में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाने वाले इस दिग्गज अभिनेता के इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से ही पूरे साउथ फिल्म उद्योग में उनकी सुरक्षा और अतीत के इस जानलेवा घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।