जो रूट का लगातार शानदार प्रदर्शन और सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स पर मंडराता खतरा

जो रूट का लगातार शानदार प्रदर्शन और सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स पर मंडराता खतरा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी महान बल्लेबाजों की सूची बनाई जाती है, तो भारत के सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम सबसे ऊपर स्वर्ण अक्षरों में लिखा मिलता है। टेस्ट और वनडे क्रिकेट में अपने लंबे करियर के दौरान सचिन ने ऐसे-ऐसे रिकॉर्ड्स बनाए जिन्हें कभी अटूट माना जाता था। हालांकि, आधुनिक युग में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) जिस गजब की निरंतरता, शानदार फॉर्म और रनों की भूख के साथ टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसने पूरी दुनिया के क्रिकेट विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या रूट आने वाले समय में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा टेस्ट रनों और शतकों का महा-रिकॉर्ड तोड़ देंगे। रूट जिस तेजी से रन बना रहे हैं, उसे देखते हुए कई क्रिकेट पंडितों का मानना है कि वे टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं। इसके बावजूद, क्रिकेट के जानकारों और आंकड़ों के जानकारों का यह साफ तौर पर मानना है कि जो रूट टेस्ट में चाहे जितने भी रन और शतक क्यों न बना लें, लेकिन सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज कुछ ऐसे 5 जादुई और ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड हैं, जिनका टूटना इस धरती पर लगभग असंभव है। आइए जानते हैं उन 5 अजेय रिकॉर्ड्स के बारे में।

पहला असंभव रिकॉर्ड: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतकों का महा-पहाड़ और 34,357 कुल रन

सचिन तेंदुलकर के करियर का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित कीर्तिमान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट और वनडे मिलाकर) में उनके 100 अंतरराष्ट्रीय शतक (100 International Centuries) हैं। दुनिया का कोई भी अन्य बल्लेबाज अभी तक इस आंकड़े के आसपास भी नहीं पहुंच पाया है। विराट कोहली जरूर कुछ समय तक इस दौड़ में आगे रहे हैं, लेकिन जो रूट मुख्य रूप से केवल टेस्ट क्रिकेट और कभी-कभार टी20 या सीमित फॉर्मेट खेलते हैं। रूट के टेस्ट शतकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन वनडे और टी20 फॉर्मेट में उनकी शतकों की कुल संख्या सचिन के 100 शतकों के रिकॉर्ड से कोसों दूर है। इसके अलावा, सभी प्रारूपों को मिलाकर सचिन के नाम कुल 34,357 अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज हैं। आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल, वर्कलोड मैनेजमेंट और खिलाड़ियों के संन्यास लेने की जल्दी को देखते हुए किसी भी खिलाड़ी के लिए इतने लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में खेलते हुए इस पहाड़नुमा आंकड़े को छू पाना नामुमकिन सा लगता है।

दूसरा असंभव रिकॉर्ड: करियर में खेले गए 200 टेस्ट मैचों का ऐतिहासिक और अटूट आंकड़ा

क्रिकेट के सबसे लंबे और कठिन प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की फिटनेस, सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। अपने 24 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में सचिन तेंदुलकर ने कुल 200 टेस्ट मैच (200 Test Matches) खेलने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। दुनिया के इतिहास में आज तक कोई भी दूसरा खिलाड़ी 200 टेस्ट मैच खेलने के करीब भी नहीं पहुंच पाया है। जेम्स एंडरसन ने 188 टेस्ट मैच जरूर खेले, लेकिन वे गेंदबाज थे। जो रूट वर्तमान में शानदार फॉर्म में हैं और वे 150 से अधिक टेस्ट मैच खेल चुके हैं, लेकिन आधुनिक क्रिकेट में जिस तरह से व्यस्त फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP), टी20 लीग्स और इंजरी का खतरा मंडराता रहता है, उसमें किसी भी बल्लेबाज के लिए 200 टेस्ट मैच खेलना शारीरिक रूप से असंभव माना जाता है। सचिन का यह रिकॉर्ड हमेशा अमर रहेगा।

तीसरा असंभव रिकॉर्ड: वनडे क्रिकेट में पहला दोहरा शतक और 200 से ज्यादा मैच खेलने का सफर

भले ही आज के वनडे और टी20 क्रिकेट में दोहरे शतक लगाना एक आम बात बन गई हो और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों ने कई दोहरे शतक जड़ दिए हों, लेकिन अंतरराष्ट्रीय पुरुष एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे पहले दोहरा शतक (First Double Century in ODI - 200 Not Out) जड़ने का ऐतिहासिक कारनामा सचिन तेंदुलकर ने ही साल 2010 में ग्वालियर के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किया था। इसके अलावा, सचिन ने अपने करियर में कुल 463 एकदिवसीय मैच (463 ODIs) खेले। आज के दौर में जब खिलाड़ी टेस्ट, वनडे और टी20 के बीच संतुलन बनाने के लिए किसी एक फॉर्मेट से समय से पहले संन्यास ले लेते हैं, तब 400 से ज्यादा वनडे मैच खेलने की कल्पना करना भी बेमानी है। जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है और वे वनडे क्रिकेट से काफी हद तक दूर हो चुके हैं, इसलिए सचिन के इन वनडे रिकॉर्ड्स तक पहुंचना उनके लिए असंभव है।

चौथा असंभव रिकॉर्ड: अपने डेब्यू से लेकर करियर के आखिरी दिन तक का बेजोड़ और लंबा सफर

सचिन तेंदुलकर ने मात्र 16 साल की उम्र में साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खतरनाक गेंदबाजों के सामने अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और साल 2013 में अपना आखिरी मैच खेला। उनका यह करियर 24 साल और 1 दिन (24 Years and 1 Day) तक लगातार बिना किसी बड़े ब्रेक के चला। इस दौरान उन्होंने दुनिया के लगभग हर हिस्से में, हर तरह की पिच पर और शोएब अख्तर, वसीम अकरम, ग्लेन मैकग्रा, शेन वार्न, कोर्टनी वॉल्श जैसे खूंखार गेंदबाजों का डटकर मुकाबला किया। आधुनिक दौर में खिलाड़ियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव इतना अधिक होता है कि कोई भी खिलाड़ी 20-22 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर पर टिक नहीं पाता है। जो रूट का करियर भी शानदार रहा है, लेकिन सचिन जितने लंबे और दबावमुक्त सफर को दोहराना किसी भी आधुनिक क्रिकेटर के लिए लोहे के चने चबाने जैसा है।

पांचवां असंभव रिकॉर्ड: 6 बार पुरुष क्रिकेट विश्व कप (World Cups) खेलने का विश्व रिकॉर्ड

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप (World Cup) किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा मंच होता है। सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में लगातार 6 क्रिकेट विश्व कप (1992, 1996, 1999, 2003, 2007 और 2011) खेले और 2011 में विश्व कप जीतने का अपना सपना भी पूरा किया। किसी भी खिलाड़ी के लिए लगातार 24 साल तक शीर्ष फॉर्म में बने रहना और 6 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट्स का हिस्सा बनना अपने आप में एक अद्भुत शारीरिक और मानसिक उपलब्धि है। विश्व कप हर चार साल में होता है, इसलिए 6 विश्व कप खेलने के लिए किसी खिलाड़ी को कम से कम 22 से 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहना होगा, जो आज के क्रिकेट माहौल में असंभवप्राय है। निष्कर्ष यह है कि जो रूट बेशक टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने या शतक जड़ने के मामले में सचिन के कुछ रिकॉर्ड्स को चुनौती दे दें या उन्हें पार कर लें, लेकिन क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के ये 5 विश्व रिकॉर्ड ऐसे हैं जिन्हें आने वाली कई पीढ़ियों तक तोड़ पाना किसी भी बल्लेबाज के लिए नामुमकिन ही रहेगा।