क्या आप भी गलत तरीके से धो रहे हैं हाथ? जानिए 20 सेकंड का सही नियम, बीमारियों से बचने के अचूक स्टेप्स
हाथ धोना हम सबकी रोजमर्रा की जिंदगी का एक बेहद सामान्य और अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन सच्चाई यह है कि अधिकांश लोग इस पर जरूरी ध्यान ही नहीं देते। बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि हाथ साफ रखने चाहिए, पर भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर केवल हथेली पर थोड़ा सा साबुन मलकर चंद सेकंड में पानी से बहा देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह तरीका पूरी तरह अधूरा है और इससे हाथों पर चिपके खतरनाक सूक्ष्मजीवी बैक्टीरिया और वायरस पूरी तरह खत्म नहीं होते। हाथों को कीटाणुरहित बनाने के लिए हर हिस्से को कायदे से रगड़ना और कम से कम 20 सेकंड का समय देना अनिवार्य है। हर साल 15 अक्टूबर को दुनियाभर में 'विश्व हाथ धुलाई दिवस' (Global Handwashing Day) मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को हाथ धोने की सही वैज्ञानिक प्रक्रिया समझाना और यह बताना है कि स्वच्छता का यह छोटा सा कदम न केवल आपको गंभीर बीमारियों से बचाता है बल्कि आपके परिवार और समाज में संक्रमण फैलने की चेन को भी मजबूती से तोड़ता है।
क्यों जरूरी है हाथों की नियमित सफाई? जानिए संक्रमण का वैज्ञानिक चक्र
हम पूरे दिन में अनगिनत सतहों, दरवाजों, मोबाइल स्क्रीन, रुपयों और सार्वजनिक चीजों को छूते रहते हैं, जिस वजह से धूल और अनगिनत कीटाणु हमारी त्वचा पर जमा हो जाते हैं। अनजाने में जब हम इन्हीं हाथों से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं, तो रोगाणु हमारे शरीर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं और पाचन तंत्र व श्वसन प्रणाली पर सीधा हमला बोल देते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधानों से यह साबित हो चुका है कि हाथों की समुचित और नियमित सफाई डायरिया और पेट के अन्य गंभीर संक्रमणों के मामलों में करीब 33 फीसदी तक की कमी ला सकती है, जबकि निमोनिया, फ्लू और सांस से जुड़ी अन्य घातक बीमारियों के खतरे को लगभग 20 प्रतिशत तक कम कर सकती है। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही किसी मौसमी बीमारी या वायरल फ्लू से जूझ रहा है, तब भी सही तरीके से हाथ धोकर वह अपने आसपास के निर्दोष लोगों तक संक्रमण फैलने से आसानी से रोक सकता है।
कितनी देर तक और कैसे धोएं हाथ? 20 सेकंड का आसान फॉर्मूला
स्वास्थ्य संगठनों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के स्पष्ट निर्देश हैं कि हाथों को हमेशा साफ बहते हुए पानी और साबुन के साथ कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह रगड़ना चाहिए। जल्दबाजी में पांच या दस सेकंड में हाथ धो लेने से साबुन का केमिकल एक्शन पूरा नहीं हो पाता और बैक्टीरिया वहीं चिपके रह जाते हैं। यदि आपको समय का सही अंदाजा लगाने में दिक्कत होती है, तो एक बेहद सरल और आजमाया हुआ तरीका है—हाथ धोते वक्त मन ही मन में दो बार 'हैप्पी बर्थडे' (Happy Birthday) गीत गुनगुनाएं। जितनी देर में यह गाना दो बार पूरा होगा, उतनी देर में आपके 20 सेकंड का अनिवार्य समय पूरा हो जाएगा। शुरुआत हमेशा बहते पानी से हाथ गीले करके करें, चाहे पानी ठंडा हो या गुनगुना। इसके बाद पर्याप्त साबुन लेकर गाढ़ा झाग बनाएं और हथेलियों के साथ-साथ हाथों के पिछले हिस्से, उंगलियों के बीच की खाली जगह, नाखूनों के निचले छोर और दोनों कलाइयों तक अच्छी तरह मालिश करते हुए साफ करें। इसके बाद बहते पानी से सारा साबुन धो डालें और हमेशा एक साफ व सूखे कपड़े अथवा डिस्पोजेबल पेपर टॉवल से ही हाथ सुखाएं, क्योंकि गीली त्वचा पर रोगाणु सूखे हाथों की तुलना में कई गुना तेजी से चिपकते और फैलते हैं। संभव हो तो सार्वजनिक स्थानों पर नल बंद करने और वॉशरुम का दरवाजा खोलने के लिए भी पेपर टॉवल या अपनी कोहनी का ही प्रयोग करें।
दिनभर में किन-किन मौकों पर हाथ साफ करना बेहद अनिवार्य है?
प्रसिद्ध स्वास्थ्य संस्थान क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हाथ धोना केवल भोजन करने की मेज तक सीमित नहीं होना चाहिए। रसोई में खाना बनाने से पहले, खाना बनाते समय और भोजन परोसने के बाद हाथ धोना बहुत जरूरी है, खासकर जब आप कच्चा मीट, पोल्ट्री या कच्ची सब्जियां छू रहे हों। कूड़ेदान छूने, कंपोस्ट संभालने या रसोई के काउंटर की सफाई के फौरन बाद हाथों को साबुन से धोना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, घर में पालतू जानवरों को दुलारने, उनके भोजन का बर्तन साफ करने या उनके रहने की जगह छूने के बाद कीटाणु त्वचा पर आ सकते हैं। यदि आपके घर में कोई बीमार व्यक्ति या छोटा बच्चा है, तो उनकी तीमारदारी करने, डायपर बदलने अथवा किसी बुजुर्ग को शौचालय में सहारा देने के तुरंत बाद हाथ जरूर साफ करें। स्वयं टॉयलेट जाने के बाद, खांसने, छींकने, नाक साफ करने या किसी भी खुले घाव पर मरहम-पट्टी लगाने से पहले व बाद में हाथ धोना न भूलें। सार्वजनिक परिवहन, लिफ्ट के बटन, रेलिंग और सीढ़ियों के हैंडल जैसी सतहों को छूकर जब भी आप बाहर से अपने घर में दाखिल हों, तो सबसे पहला काम जूते उतारकर सीधे वॉशबेसिन पर जाकर हाथ धोना होना चाहिए। यहां तक कि अपनी आंखों में कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से ठीक पहले भी हाथों को पूरी तरह साफ और सूखा होना जरूरी है।
एंटीबैक्टीरियल साबुन बनाम साधारण साबुन: क्या महंगा साबुन जरूरी है?
अक्सर विज्ञापनों को देखकर आम लोगों में यह भ्रम फैल जाता है कि रोगाणुओं से बचने के लिए केवल महंगे एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) साबुन ही काम करते हैं, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सामान्य घरेलू साबुन और बहता साफ पानी दैनिक जीवन में कीटाणुओं को शरीर से दूर करने के लिए पूरी तरह सक्षम और पर्याप्त हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, आम नागरिकों के लिए एंटीबैक्टीरियल साबुन साधारण साबुन के मुकाबले कोई विशेष अतिरिक्त सुरक्षा नहीं देता, बल्कि इसका अत्यधिक रासायनिक असर कभी-कभी बैक्टीरिया में प्रतिरोधक क्षमता (रेजिस्टेंस) विकसित कर सकता है। हालांकि, अस्पतालों के आईसीयू या ऑपरेशन थिएटर में काम करने वाले डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए उनके तय प्रोटोकॉल के मुताबिक विशेष मेडिकल-ग्रेड साबुन के मानक अलग हो सकते हैं।
हैंड सैनिटाइजर का सही इस्तेमाल और बहुत ज्यादा हाथ धोने के नुकसान
जब आप यात्रा कर रहे हों और आपके पास साफ बहता पानी और साबुन उपलब्ध न हो, तब अल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइजर एक बेहतरीन आपातकालीन विकल्प साबित होता है। हालांकि, सैनिटाइजर कभी भी साबुन और पानी का पूर्ण विकल्प नहीं बन सकता, क्योंकि यह ग्रीस, रासायनिक अवशेष और चिपचिपी गंदगी को साफ करने में नाकाम रहता है। जब भी सैनिटाइजर चुनें, ध्यान दें कि उसमें कम से कम 60 प्रतिशत एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) या 70 प्रतिशत आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (Isopropyl Alcohol) मौजूद हो। इसे बच्चों की पहुंच से हमेशा दूर रखें और उनके सामने ही इस्तेमाल कराएं, क्योंकि इसे गलती से मुंह में लेना या निगलना विषाक्त हो सकता है। अंत में यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि हर चीज की अति नुकसानदेह होती है। यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक डर या वहम के कारण दिनभर में जरूरत से ज्यादा बार हाथ धोता रहता है, तो त्वचा की कुदरती नमी और प्राकृतिक तेल पूरी तरह खत्म हो जाते हैं, जिससे हाथ खुरदरे होने लगते हैं और त्वचा फटने या छिलने लगती है। इससे आगे चलकर एक्जिमा या कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस (Contact Dermatitis) की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए यदि आपकी दिनचर्या ऐसी है जहां बार-बार हाथ धोना मजबूरी है, तो हाथ सुखाने के तुरंत बाद एक अच्छे मॉइस्चराइजर या हैंड क्रीम का इस्तेमाल जरूर करें ताकि त्वचा की सुरक्षा परत सलामत रहे।