मानसून में तेजी से फैल रहा आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस); जानें इसके 5 प्रमुख लक्षण और बचाव के जरूरी उपाय
मानसून के मौसम में नमी और उमस बढ़ने के कारण संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस काफी सक्रिय हो जाते हैं, जिससे कई तरह की मौसमी बीमारियां घेरने लगती हैं। इन्हीं में से एक आम समस्या आई फ्लू (Eye Flu) या कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) है, जिसके मामले इस सीजन में तेजी से बढ़ रहे हैं। यह एक संक्रामक बीमारी है जो आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है।
क्या है कंजंक्टिवाइटिस?
कंजंक्टिवाइटिस आंख की उस पतली और पारदर्शी झिल्ली (कंजंक्टाइवा) में होने वाली सूजन या संक्रमण है, जो आंख के सफेद हिस्से और पलकों की अंदरूनी सतह को ढकती है। गंदे हाथों से आंखों को छूना, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना या मानसून की नमी इस संक्रमण के तेजी से फैलने की मुख्य वजहें हैं।
आई फ्लू के 5 मुख्य लक्षण
अगर आपको अपनी आंखों में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और डॉक्टर से सलाह लें:
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आंखों का लाल होना: यह कंजंक्टिवाइटिस का सबसे आम संकेत है, जिसमें आंख का सफेद हिस्सा सूज जाने के कारण गुलाबी या लाल दिखने लगता है।
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आंखों से पानी और डिस्चार्ज निकलना: संक्रमण के कारण आंखों से लगातार पानी बहता रहता है। कई मामलों में सुबह उठने पर पलकें चिपचिपी हो जाती हैं और पीला या सफेद डिस्चार्ज भी निकल सकता है।
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खुजली, जलन और किरकिराहट: आंखों में लगातार चुभन महसूस होती है और ऐसा लगता है जैसे आंख के अंदर धूल या रेत का कोई कण चला गया हो।
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पलकों में सूजन: संक्रमण बढ़ने पर पलकों और उसके आसपास के हिस्से में सूजन आ जाती है।
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रोशनी से परेशानी (Photophobia): इस दौरान तेज रोशनी आंखों में चुभ सकती है और अस्थायी तौर पर धुंधलापन महसूस हो सकता है।
बचाव और सावधानी के तरीके
विशेषज्ञों के मुताबिक, थोड़ी सी सावधानी बरतकर आई फ्लू के संक्रमण से बचा जा सकता है:
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बार-बार गंदे हाथों से अपनी आंखों को न छुएं। समय-समय पर अपने हाथ साबुन से धोते रहें।
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अपने तौलिए, रुमाल या चश्मे को किसी अन्य व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
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अगर आपको या आपके परिवार में किसी को आई फ्लू हो गया है, तो संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें।
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जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, वे संक्रमण पूरी तरह ठीक होने तक लेंस का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें।
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किसी भी तरह की घरेलू या ओवर-द-काउंटर आई ड्रॉप डालने से पहले डॉक्टर या नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।