आसमान से बरस रही है आग, आयुष मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी; जानें हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण और बचने के अचूक उपाय

आसमान से बरस रही है आग, आयुष मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी; जानें हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण और बचने के अचूक उपाय

देशभर में इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का सितम जारी है, जहां पारा लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। सुबह की शुरुआत होते ही चुभने वाली धूप और दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं (लू) अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी हैं। देश के कई राज्यों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति है और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक (Heat Stroke), तेज बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है। इसी बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने आम जनता के लिए एक विशेष पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। इस गाइडलाइन में साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि इस मौसम में की गई ज़रा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि इस भीषण तपन में खुद को सुरक्षित और हाइड्रेटेड कैसे रखें।

दोपहर की जानलेवा धूप से दूरी है बेहद जरूरी

आयुष मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय बिना किसी बेहद जरूरी काम के घर या दफ्तर से बाहर न निकलें। सूर्य की सीधी किरणें और अत्यधिक तापमान शरीर के थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम (खुद को ठंडा रखने की क्षमता) को बिगाड़ देती हैं, जिससे शरीर का तापमान अचानक $104^\circ\text{F}$ या उससे ऊपर पहुंच सकता है।

विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक की धूप सबसे घातक मानी जाती है। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो हमेशा हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे और पसीना आसानी से सूख सके।

इन 5 श्रेणी के लोगों के लिए सबसे बड़ा रिस्क

मंत्रालय के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और लू का थपेड़ा हर किसी पर अलग तरह से असर करता है। कुछ लोगों के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा जोखिम भरा (High-Risk) है, जिन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए:

  • नवजात और छोटे बच्चे

  • गर्भवती महिलाएं

  • बुजुर्ग (60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग)

  • धूप में लगातार काम करने वाले मजदूर और रेहड़ी-पटरी वाले

  • पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, किड़नी की समस्या या डायबिटीज से पीड़ित मरीज

मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर छांव, आराम करने की जगह और ठंडे शुद्ध पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

हीट स्ट्रोक के इन 6 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हीट स्ट्रोक या लू अचानक नहीं लगती, बल्कि हमारा शरीर डैमेज होने से पहले कई तरह के संकेत देने लगता है। यदि आपके या आपके किसी जानने वाले के शरीर में ये लक्षण दिखें, तो इसे तुरंत आपातकालीन स्थिति समझें:

  1. असहनीय और तेज सिरदर्द होना।

  2. चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना या अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।

  3. जी मिचलाना या लगातार उल्टियां होना।

  4. अत्यधिक गर्मी के बावजूद पसीना आना पूरी तरह बंद हो जाना और त्वचा का लाल व सूखा हो जाना।

  5. बेहोशी आना या भ्रम (Confusion) की स्थिति पैदा होना।

  6. दिल की धड़कन (Pulse Rate) का असाधारण रूप से तेज हो जाना।

महत्वपूर्ण नोट: ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज को तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं, उनके कपड़े ढीले करें, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और बिना देरी किए नजदीकी डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें।

आयुष मंत्रालय ने बताए शरीर को ठंडा रखने के पारंपरिक पेय पदार्थ

एलोपैथिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष मंत्रालय ने शरीर को अंदर से वातानुकूलित (Cool) रखने के लिए सदियों पुराने पारंपरिक भारतीय घरेलू उपायों और आयुर्वेदिक अर्क को बेहद कारगर बताया है। धूप से आने के बाद या घर से निकलने से पहले इन चीजों का सेवन अमृत के समान है:

  • ताजा छाछ और नारियल पानी: ये दोनों पेय शरीर में प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करते हैं।

  • आम्र प्रपानक (कच्चे आम का पन्ना): यह लू के असर को खत्म करने का सबसे अचूक और पारंपरिक घरेलू उपाय है।

  • चिंचा पानक (इमली का शरबत) और निम्बूकफल पानक (नींबू पानी): ये शरीर के तापमान को संतुलित रखते हैं और आंतों को ठंडक पहुंचाते हैं।

खानपान में शामिल करें ठंडी तासीर वाली सब्जियां और फल

इस मौसम में आप जो कुछ भी खाते हैं, उसका सीधा असर आपके शरीर की गर्मी पर पड़ता है। अत्यधिक तेल, मिर्च-मसाले और तला-भुना खाना शरीर में पित्त और गर्मी को बढ़ाता है, जिससे हीट स्ट्रोक की संभावना अधिक हो जाती है। इसके विपरीत, अपनी दैनिक डाइट में पानी से भरपूर और ठंडी तासीर वाली चीजों को शामिल करें। रोजाना सलाद में खीरा, ककड़ी, टमाटर और पेठे का जूस शामिल करें। तरबूज और खरबूजा जैसे मौसमी फल शरीर में पानी का स्तर घटने नहीं देते।

प्यास न भी लगे, तब भी पानी पीते रहना ही सबसे बड़ा कवच

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की रिपोर्ट के अनुसार, जब हमारा शरीर अत्यधिक गर्मी के कारण खुद को पसीने के जरिए ठंडा रख पाने में फेल हो जाता है, तब हीट स्ट्रोक मल्टी-ऑर्गन फेलियर का कारण बनता है। इससे बचने का एकमात्र और सबसे सरल उपाय है 'निरंतर हाइड्रेशन'।

सिर्फ तब पानी न पीएं जब आपको तेज प्यास लगे, बल्कि हर आधे घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहने की आदत डालें। इसके अलावा, चाय, कॉफी, अत्यधिक चीनी वाले पैक्ड जूस और कोल्ड ड्रिंक्स से पूरी तरह दूरी बना लें, क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन और एडेड शुगर शरीर को अंदर से और ज्यादा डिहाइड्रेट (पानी की कमी) कर देते हैं।