क्या गर्मी में फ्रिज का बर्फीला पानी पीना है खतरनाक... जानिए अचानक 'चिल्ड वाटर' पीने पर डॉक्टर्स की बड़ी चेतावनी
उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का प्रकोप जारी है। ऐसे में जब लोग बाहर की भीषण गर्मी और पसीने से लथपथ होकर घर लौटते हैं, तो सबसे पहले फ्रिज का रुख करते हैं और बर्फ जैसा ठंडा पानी (Ice Cold Water) गटगटाकर पी जाते हैं। यह ठंडा पानी गले को तुरंत राहत और मानसिक संतुष्टि जरूर देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत सेहत के लिए कितनी भारी पड़ सकती है? चिकित्सा विशेषज्ञों (Doctors) का साफ कहना है कि कड़कती धूप से आने के तुरंत बाद बहुत ज्यादा ठंडा या चिल्ड पानी पीना शरीर के लिए बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं होता है। खासकर जब शरीर बाहर के तापमान के कारण पहले से ही गर्म हो, तब अचानक बर्फ जैसा पानी पीने से सेहत से जुड़ी कई गंभीर और असहज करने वाली समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
क्यों धूप से आते ही अचानक ठंडा पानी पीने से मना करते हैं डॉक्टर्स
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब हम तेज धूप और गर्मी के बीच से घर लौटते हैं, तो हमारा शरीर आंतरिक रूप से खुद को ठंडा करने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया में लगा होता है। इस दौरान शरीर का ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) काफी तेज होता है और त्वचा के जरिए पसीना बहाकर शरीर अपने तापमान को सामान्य (थर्मोरेगुलेशन) करने की कोशिश कर रहा होता है। ऐसे संवेदनशील समय में जब आप अचानक बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ वाला पानी पी लेते हैं, तो शरीर को एक तीव्र 'टेम्परेचर शॉक' (तापमान का झटका) लगता है। इस अचानक आए बदलाव के कारण हमारी रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) तेजी से सिकुड़ जाती हैं, जिससे अचानक सिरदर्द होना, चक्कर आना या घबराहट जैसी दिक्कतें महसूस होने लगती हैं।
आपके पाचन तंत्र (Digestion) को धीमा कर सकता है फ्रिज का पानी
मेडिकल एक्सपर्ट्स और पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत ज्यादा ठंडा पानी हमारे मुंह और गले को तो तुरंत ठंडक का अहसास करा देता है, लेकिन यह अंदरूनी अंगों के लिए ठीक नहीं है। दरअसल, हमारे शरीर को अंदरूनी तौर पर धीरे-धीरे और सामान्य तरीके से ठंडा होने की जरूरत होती है। जब हम अत्यधिक ठंडा पानी पीते हैं, तो यह हमारे डाइजेशन सिस्टम यानी पाचन तंत्र की गति को कुछ समय के लिए पूरी तरह धीमा कर देता है। इसके चलते पेट के अंदर मौजूद डाइजेस्टिव एंजाइम्स (पाचक रस) की सक्रियता कम हो जाती है और पेट को भोजन को पचाने के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही वजह है कि गर्मियों में कई लोगों को पेट फूलना (Bloating), अपच, गैस और पेट दर्द की लगातार शिकायत बनी रहती है।
पसीना आने के तुरंत बाद चिल्ड पानी पीने से गले में इन्फेक्शन का खतरा
गर्मियों के मौसम में पसीने से तरबतर होने के ठीक बाद बर्फ जैसा ठंडा पानी पीने का सबसे पहला और सीधा असर हमारे श्वसन तंत्र पर पड़ता है। स्वास्थ्य रिपोर्टों के मुताबिक, गर्म शरीर में अचानक ठंडा पानी जाने से गले में तेज जलन हो सकती है। इसके कारण गले में खराश होना, बलगम (म्यूकस) का अचानक बढ़ जाना, लगातार सूखी या गीली खांसी आना और सांस लेने में हल्की तकलीफ जैसी समस्याएं जन्म ले लेती हैं। जिन लोगों की इम्यूनिटी थोड़ी कमजोर होती है या जिन्हें ठंडी चीजों से जल्दी एलर्जी होती है, उनमें यह टॉन्सिल और गले का इन्फेक्शन बहुत तेजी से ट्रिगर होता है।
वेगस नर्व पर पड़ता है असर, ब्रेन फ्रीज और हार्ट के मरीजों के लिए बड़ा रिस्क
मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से कुछ लोगों को 'ब्रेन फ्रीज' की समस्या हो सकती है, जिसमें अचानक से सिर में तेज और चुभने वाला दर्द शुरू हो जाता है। ऐसा तब होता है जब ठंडा पानी मुंह और तालू की संवेदनशील नसों को अचानक प्रभावित करता है। इसके अलावा, जिन लोगों को पहले से ही दिल की बीमारी (Heart Problems) या हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है, उनके लिए तो बर्फ का पानी बेहद नुकसानदेह माना जाता है। अचानक शरीर के भीतर तापमान बदलने से हमारी 'वेगस नर्व' (Vagus Nerve) प्रभावित हो सकती है, जो सीधे तौर पर हमारे दिल की धड़कन को नियंत्रित करती है। वेगस नर्व के उत्तेजित होने से कुछ समय के लिए हार्ट रेट अचानक कम हो सकती है या ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
तो फिर गर्मी में खुद को हाइड्रेट कैसे रखें? यहाँ हैं डॉक्टर्स के बेहतरीन सुझाव
डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि जब भी आप तेज धूप या गर्मी से घर लौटें, तो कम से कम 5 से 10 मिनट तक पंखे या सामान्य हवा में आराम से बैठें ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके। इसके बाद ही पानी पिएं। पानी पीने के लिए इन स्वस्थ विकल्पों को अपनाएं:
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मिट्टी के घड़े का पानी: मिट्टी के मटके या घड़े का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है और इसका पीएच (pH) लेवल भी संतुलित रहता है, जो शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता।
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हल्का ठंडा या सामान्य पानी: नॉर्मल रूम टेम्परेचर का पानी या मटके का पानी धीरे-धीरे पिएं।
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हेल्दी समर ड्रिंक्स: शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने और बेहतर हाइड्रेशन के लिए नींबू पानी, ताजी छाछ, नारियल पानी, पुदीने का शरबत या ओआरएस (ORS) के घोल का इस्तेमाल करें। ये पेय शरीर को बिना किसी साइड इफेक्ट के अंदर से प्राकृतिक ठंडक और ऊर्जा प्रदान करते हैं।