शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन: ममता बनर्जी का एक और नेता गिरफ्तार, बंदूक की नोंक पर 70 लाख की वसूली का आरोप
पश्चिम बंगाल की सियासत में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में सोमवार (29 जून 2026) को ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और बड़ा झटका लगा है। कोलकाता नगर निगम (KMC) के एक और पूर्व टीएमसी पार्षद और रसूखदार नेता को भारी भरकम जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से अब तक केएमसी के 13 पूर्व तृणमूल पार्षदों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
पूर्व मेयर फिरहाद हकीम का करीबी शम्स इकबाल गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार पुलिस के हत्थे चढ़े नेता का नाम शम्स इकबाल है। इकबाल गार्डन रीच इलाके से तृणमूल कांग्रेस का एक बेहद प्रभावशाली चेहरा माना जाता है और वह कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम का बेहद करीबी सहयोगी है। वार्ड नंबर 134 का प्रतिनिधित्व करने वाले शम्स इकबाल को एक स्थानीय व्यवसायी से लाखों रुपये की अवैध उगाही करने के आरोप में रविवार देर रात धर-दबोचा गया।
बंदूक की नोंक पर ₹70 लाख की उगाही और जान से मारने की धमकी
गार्डन रीच पुलिस स्टेशन में स्थानीय व्यवसायी मोहम्मद शादाब द्वारा दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के बाद पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की है। शिकायतकर्ता के मुताबिक:
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कारोबार के बदले टैक्स: शम्स इकबाल और उसके गुर्गों ने जून 2023 से ही व्यवसायी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। आरोप है कि इलाके में शांति से व्यापार चलाने के बदले में मोटी रकम की मांग की गई थी।
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हथियार के बल पर वसूली: डर के मारे व्यवसायी ने टुकड़ों में कुल 70 लाख रुपये इकबाल को सौंप दिए। आरोप यह भी है कि बाद में बंदूक की नोंक पर और पैसों की मांग की गई तथा पैसा न देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी गई। आरोपी इतने प्रभावशाली थे कि पीड़ित परिवार डर के कारण महीनों तक पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया था।
आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज
व्यवसायी मोहम्मद शादाब की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी शम्स इकबाल और उसके दो साथियों— मोहम्मद फराज और फिरोज कुरैशी के खिलाफ पुलिस ने नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की है। इकबाल पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की रंगदारी, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को आरोपी को कोलकाता की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस मामले की तह तक जाने और हथियारों की बरामदगी के लिए उसकी कस्टडी (रिमांड) की मांग करेगी।
केएमसी में हाहाकार, अब तक 13 पूर्व टीएमसी पार्षद अरेस्ट
पश्चिम बंगाल के इस सियासी और प्रशासनिक फेरबदल के बीच कोलकाता नगर निगम (KMC) में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार बदलने और सख्त कार्रवाई शुरू होने के बाद से अब कई अन्य पीड़ित व्यवसायी भी खुलकर सामने आ रहे हैं और अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जो पहले टीएमसी नेताओं के रसूख के डर से चुप बैठे थे। आपको बता दें कि पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के पद से हटने के बाद, नगर निगम में नए चुनाव होने तक वर्तमान में केएमसी सिविक बोर्ड का पूरा कामकाज एक एडमिनिस्ट्रेटर (प्रशासक) द्वारा संभाला जा रहा है।