चिराग के विरोधी खेमे में बड़ी टूट, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल BJP में शामिल

चिराग के विरोधी खेमे में बड़ी टूट, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल BJP में शामिल

बिहार की सियासत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) को बड़ा सियासी झटका लगा है। बुधवार को पारस गुट के सबसे कद्दावर नेताओं में शुमार और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने आधिकारिक तौर पर लोक जनशक्ति पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। श्रवण अग्रवाल के साथ ही राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी की छात्र इकाई के प्रदेश अध्यक्ष राहुल यादव ने भी अपने पद से इस्तीफा देकर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है, जिससे पारस खेमे में बड़ी टूट साफ नजर आ रही है।

पटना में हुआ भव्य मिलन समारोह, बीजेपी मंत्रियों ने दिलाई सदस्यता

बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक विशेष मिलन समारोह के दौरान इन सभी नेताओं को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री व बिहार बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और सीवान के कद्दावर विधायक व पूर्व मंत्री मंगल पांडेय मुख्य रूप से मौजूद रहे। श्रवण अग्रवाल और राहुल यादव के अलावा सीवान जिले की जिला परिषद अध्यक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की केंटन नेता लीलावती गिरी भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ लालू यादव की लालटेन का साथ छोड़कर कमल के साथ आ गईं, जिससे विपक्षी खेमे को भी तगड़ा झटका लगा है।

पशुपति पारस को बताया अभिभावक, लेकिन पार्टी छोड़ने की वजह पर साधी चुप्पी

भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद श्रवण अग्रवाल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा, "आज देश जिसके हाथों में पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है, हमने उसी राष्ट्रवादी विचारधारा और पार्टी (बीजेपी) के साथ चलने का बड़ा निर्णय लिया है।" जब पत्रकारों ने उनसे पारस गुट छोड़ने की असली वजह पूछी, तो उन्होंने इस पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली। हालांकि, उन्होंने अपने पुराने नेता पशुपति कुमार पारस के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वह हमेशा हमारे अभिभावक रहे हैं और मैं उनका आदर करता रहूंगा, लेकिन अब हम सब मिलकर बीजेपी को आगे बढ़ाएंगे।

"बीजेपी पर सबका भरोसा बढ़ रहा है" - मंत्री दिलीप जायसवाल का बड़ा बयान

इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और मिलन समारोह के बाद बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने विपक्ष और सहयोगी दलों से आ रहे नेताओं का स्वागत करते हुए कहा, "दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बीजेपी पर आज समाज के हर वर्ग और हर दल के नेताओं की आस्था लगातार मजबूत हो रही है। यही कारण है कि आज सीवान जिले और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी से इतनी बड़ी संख्या में कद्दावर नेताओं ने हमारी पार्टी की सदस्यता ली है। इनके आने से बिहार में एनडीए (NDA) गठबंधन जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत होगा।"

चिराग पासवान बनाम पशुपति पारस: बिहार में कमजोर पड़ रहा है चाचा का कुनबा

बिहार की राजनीति और विशेषकर दलित-पासवान वोट बैंक की लड़ाई में चिराग पासवान ने खुद को असली वारिस साबित कर दिया है। पिछले कुछ समय से पशुपति पारस की पार्टी के कई छोटे-बड़े नेता लगातार चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) या फिर बीजेपी का रुख कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल का जाना पारस गुट के लिए एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि वह टीवी डिबेट्स और मीडिया के सामने पार्टी का मुख्य चेहरा हुआ करते थे। इस बड़ी टूट के बाद अब पशुपति पारस के राजनीतिक भविष्य और उनकी पार्टी के अस्तित्व पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।