लद्दाख में BRO के भीतर बड़े घोटाले का पर्दाफाश: फंड गबन मामले में असिस्टेंट इंजीनियर और दो एजेंट गिरफ्तार

लद्दाख में BRO के भीतर बड़े घोटाले का पर्दाफाश: फंड गबन मामले में असिस्टेंट इंजीनियर और दो एजेंट गिरफ्तार

सामरिक दृष्टि से देश के सबसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के भीतर चल रहे एक बहुत बड़े वित्तीय घोटाले और रक्षा फंड के गबन का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई की टीम ने इस भ्रष्टाचार नेटवर्क के मुख्य सरगना और करगिल में तैनात बीआरओ के एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) को लेबर (मजदूर) सप्लाई करने वाले दो शातिर दलालों के साथ धर-दबोचा है। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से मिली बेहद गोपनीय और गंभीर शिकायतों के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कड़ी कार्रवाई की है, जिसने देश की सीमा पर बुनियादी ढांचे का निर्माण करने वाली सबसे प्रतिष्ठित संस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) जब लद्दाख के बेहद संवेदनशील 'खात्से-बटालिक सेक्टर' में प्रभारी अधिकारी के रूप में तैनात था, तब उसने देश की सुरक्षा के लिए आवंटित फंड में सेंध लगाने की साजिश रची थी। इंजीनियर ने लेबर सप्लाई करने वाले दो स्थानीय एजेंटों के साथ मिलकर कागजों पर ऐसे सैकड़ों 'फर्जी मजदूरों' (Ghost Laborers) की फर्जी हाजिरी और तैनाती दिखा दी, जो वास्तव में धरातल पर कभी थे ही नहीं।

कागजों पर पैदा किए सैकड़ों फर्जी मजदूर: सरकारी खजाने से सीधे इंजीनियर के खाते में पहुंची रिश्वत

इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर तरीके से तैयार की गई थी। असिस्टेंट इंजीनियर ने दोनों एजेंटों के साथ मिलकर बीआरओ के सरकारी खजाने से इन फर्जी मजदूरों के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये की दिहाड़ी और भत्तों का भुगतान नियमित रूप से पास करवाया।

एक बार जब यह सरकारी धनराशि उन दोनों एजेंटों के बैंक खातों में ट्रांसफर हो जाती थी, तो वे अपना तय कमीशन काटकर बाकी की मोटी रकम सीधे असिस्टेंट इंजीनियर के व्यक्तिगत और बेनामी बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर या नकद जमा कर देते थे। सीबीआई ने तकनीकी सर्विलांस और बैंक खातों के फॉरेंसिक ऑडिट के जरिए इस अवैध लेन-देन के पुख्ता डिजिटल सबूत जुटाए हैं, जिसके बाद ही इन तीनों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।

लद्दाख से हिमाचल तक हड़कंप: 4 एफआईआर दर्ज और 26 जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

सीमा सड़क संगठन की अलग-अलग संवेदनशील और रणनीतिक परियोजनाओं में हुए इस कथित फंड गबन के सिलसिले में सीबीआई ने एक साथ चार अलग-अलग प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की हैं। इन गिरफ्तारियों से ठीक एक दिन पहले, जांच एजेंसी के सैकड़ों अधिकारियों ने एक साथ लद्दाख और उसके पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश सहित कुल 26 वीवीआईपी और संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।

इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई को आरोपियों के ठिकानों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, बीआरओ की गोपनीय फाइलें, फर्जी लेबर मस्टर रोल और करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों मुख्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर जल्द ही लद्दाख की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा, जहां देश की सीमा सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील वित्तीय अपराध में उनकी अधिकतम पुलिस रिमांड मांगी जाएगी ताकि इस सिंडिकेट में शामिल कुछ अन्य बड़े अधिकारियों के चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।