नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला! खून से लथपथ हुए शिअद प्रमुख, पीएम नरेंद्र मोदी ने हरसिमरत कौर को फोन कर जाना हाल, मचा हड़कंप
महाराष्ट्र के पवित्र धार्मिक स्थल नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे के पास उस समय भारी अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई, जब शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर एक अज्ञात हमलावर ने जानलेवा हमला कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुखबीर सिंह बादल अपनी पत्नी और बठिंडा से अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने और दर्शन करने पहुँचे थे। सुबह लगभग 11 बजे के आसपास जब वे गुरुद्वारा परिसर के निकट मौजूद थे, तभी निहंग पोशाक में आए एक व्यक्ति ने अचानक धारदार हथियार (कृपाण) से उन पर हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में सुखबीर सिंह बादल के हाथ और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वे लहूलुहान हो गए। मौके पर मौजूद उनके निजी सुरक्षाकर्मियों और पंजाब पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बीच-बचाव किया और हमलावर को अपने कब्जे में ले लिया, वरना एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने सुखबीर सिंह बादल को सुरक्षित घेरे में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। पवित्र गुरुद्वारे के भीतर हुई इस हिंसक वारदात के बाद नांदेड़ और पंजाब के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। चश्मदीदों के अनुसार हमलावर बेहद आक्रामक तेवर में आया था और उसने सीधे सुखबीर बादल पर वार करने की कोशिश की थी। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे गुरुद्वारा परिसर की नाकेबंदी कर दी और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरसिमरत कौर बादल को किया फोन
सुखबीर सिंह बादल पर हुए इस जानलेवा हमले की खबर फैलते ही देश के शीर्ष नेतृत्व में भारी चिंता व्यक्त की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना की सूचना मिलते ही तुरंत संज्ञान लिया और सुखबीर सिंह बादल की पत्नी व लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल से टेलीफोन पर बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने हरसिमरत कौर से सुखबीर सिंह बादल के स्वास्थ्य और चोटों के बारे में विस्तृत जानकारी ली तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने एक पवित्र धार्मिक स्थल पर हुई इस हिंसा पर गहरी संवेदना और चिंता व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन इस मामले की तह तक जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हरसिमरत कौर बादल ने प्रधानमंत्री को सुखबीर बादल की वर्तमान स्थिति और डॉक्टरों द्वारा दिए जा रहे इलाज के बारे में अवगत कराया। पीएम मोदी द्वारा व्यक्तिगत रूप से फोन करके हाल-चाल जानने को राजनीतिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती की सुरक्षा में बड़ी चूक बताया है। प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में और तेजी से जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा ब्योरा और पुलिस द्वारा हमलावर की गिरफ्तारी
नांदेड़ पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर निहंग बाने में गुरुद्वारा परिसर के आसपास ही घूम रहा था। जैसे ही सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करके बाहर निकले, हमलावर ने अपनी कृपाण निकालकर उन पर सीधा हमला कर दिया। हमलावर द्वारा किए गए पहले वार को सुखबीर सिंह बादल ने रोकने का प्रयास किया, जिससे उनके हाथ पर गहरा घाव हो गया। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को जमीन पर दबोच लिया और उसका हथियार जब्त कर लिया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए नांदेड़ के पुलिस कमिश्नर से बात की और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या हमलावर किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा हुआ है या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि हमलावर अकेले ही आया था या उसके कुछ अन्य साथी भी गुरुद्वारा परिसर के आसपास मौजूद थे।
अमृतसर से नांदेड़ तक: सुखबीर बादल पर पहले भी हो चुका है हमला
यह पहला मौका नहीं है जब शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को इस तरह की जानलेवा हिंसा का सामना करना पड़ा है। इससे पहले दिसंबर 2024 में पंजाब के अमृतसर स्थित पवित्र स्वर्ण मंदिर (श्री हरिमंदिर साहिब) परिसर में भी सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाकर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया था। उस समय श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई धार्मिक सजा (तनखाह) के तहत सुखबीर सिंह बादल स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेवादार की पोशाक में ड्यूटी दे रहे थे, तभी एक पूर्व उग्रवादी नारायण सिंह चौरा ने उन पर पिस्टल से गोली चला दी थी। उस समय भी पास में तैनात सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हमलावर का हाथ मोड़ दिया था, जिससे गोली दीवार में जा लगी थी और सुखबीर बादल बाल-बाल बच गए थे।
स्वर्ण मंदिर की घटना के बाद अब नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में हुआ यह हमला इस बात को साबित करता है कि सुखबीर सिंह बादल कट्टरपंथियों और विरोधियों के निशाने पर लगातार बने हुए हैं। पंजाब से बाहर किसी अन्य राज्य के धार्मिक स्थल पर उन पर हुआ यह दूसरा बड़ा हमला सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अकाली दल के नेताओं का कहना है कि सुखबीर बादल की सुरक्षा श्रेणी की समीक्षा की जानी चाहिए क्योंकि उनके जीवन पर मंडरा रहा खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
सुखबीर सिंह बादल पर हुए इस हमले के बाद पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने इस घटना की पुरजोर निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और धार्मिक मर्यादा पर हमला करार दिया है। चीमा ने कहा कि गुरुद्वारे जैसे पवित्र स्थान पर जहाँ लोग शांति और भक्ति के लिए आते हैं, वहाँ इस तरह का खूनी खेल खेला जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि घटना के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
पंजाब के विभिन्न राजनीतिक दलों, जिनमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता शामिल हैं, ने भी इस हमले की निंदा की है और सुखबीर सिंह बादल के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इस घटना के बाद नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। महाराष्ट्र पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं कि वीआईपी सुरक्षा प्राप्त नेता के इतना करीब हथियारबंद व्यक्ति कैसे पहुँच गया। बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी के फोन और उच्चस्तरीय जांच के आदेशों के बाद नांदेड़ पुलिस मामले की हर पहलू से गहन तफ्तीश कर रही है।