देवेंद्र फडणवीस का CJP पर तीखा हमला: बोले- 'यह कॉकरोच जनता पार्टी नहीं

देवेंद्र फडणवीस का CJP पर तीखा हमला: बोले- 'यह कॉकरोच जनता पार्टी नहीं

महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग उस वक्त और तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वायरल राजनीतिक आंदोलन से उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। फडणवीस ने तंज कसते हुए सीजेपी का नया नामकरण कर दिया और कहा कि इसे कोई सामान्य या स्वतंत्र राजनीतिक दल समझने की भूल न करे, बल्कि इसका असली मतलब 'कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम' है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो चेहरे आगे दिखाई दे रहे हैं वे सिर्फ मोहरे हैं, जबकि पर्दे के पीछे से वही ताकतें सक्रिय हैं जो भाजपा के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार फैलाने में जुटी हुई हैं।

सीएम फडणवीस ने विपक्ष की रणनीति की कलई खोलते हुए दावा किया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुकी है। ऐसे में विपक्षी खेमे में बने सियासी खालीपन को भरने और युवाओं को भ्रमित करने के लिए सीजेपी जैसे संगठनों को राजनीतिक हथियार के रूप में आगे किया जा रहा है।

'सीजेपी सिर्फ मुखौटा, असली खिलाड़ी पर्दे के पीछे': फडणवीस के गंभीर आरोप

एक विशेष इंटरव्यू और पार्टी सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने सीजेपी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे बहुत बारीकी से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा:

"सीजेपी को अगर गहराई से देखें, तो मेरा स्पष्ट मत है कि यह वास्तव में 'कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम' है। आज कांग्रेस की साख जनता के बीच समाप्त हो चुकी है। विपक्षी खेमे में एक बहुत बड़ा सियासी खालीपन पैदा हो चुका है, जिसे भरने का दम अब कांग्रेस में नहीं रहा। जब पारंपरिक राजनीतिक दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों और मजबूत नेतृत्व के सामने टिक नहीं पाते, तो वे नए-नए प्रयोग करते हैं। यह नई रणनीति का हिस्सा है, जहां युवाओं के नाम पर एक संगठन खड़ा कर उसे भाजपा विरोधी टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। चेहरे आगे कुछ और हैं, लेकिन स्क्रिप्ट कहीं और से लिखी जा रही है।'"

फडणवीस ने यह भी आरोप लगाया कि जब-जब देश में किसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन होते हैं, तो सोशल मीडिया पर अंतरराष्ट्रीय स्तर से माहौल बनाकर भारत की छवि खराब करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि विरोध की आड़ में अराजकता फैलाने वाले तत्वों को ऐसे मंचों से हवा दी जाती है।

'भारत जोड़ो यात्रा' और 'घोर वामपंथी' गठजोड़ का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के दौरान बने माहौल का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने जो 'भारत जोड़ो यात्रा' निकाली थी, वह सिर्फ उसकी अपनी यात्रा नहीं थी। उसमें 180 से अधिक अलग-अलग एनजीओ और घोर वामपंथी संगठनों को एक साथ जोड़ा गया था।

फडणवीस ने कहा कि जब विपक्ष वैचारिक मोर्चे पर भाजपा और हिंदुत्व को हराने में नाकाम हो गया, तो उसने 'गोली चलाओ और भाग जाओ' (Hit and Run) की राजनीति शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि रामायण काल में जिस तरह राक्षस रूप बदलते थे, उसी तरह आज विपक्ष अपने नाम और संगठन बदलकर नए रूप में सामने आ रहा है ताकि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जा सकें।

'संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश'

देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि सीजेपी और उससे जुड़े तत्व एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनका मुख्य एजेंडा सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) जैसी स्वतंत्र संस्थाओं की विश्वसनीयता पर हमला करना है।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा:

"अगर आपको राजनीति करनी है, तो भाजपा का खुलकर विरोध कीजिए, हमारी नीतियों की आलोचना कीजिए, लेकिन भाजपा का विरोध करते-करते भारत का विरोध मत करने लगिए। ये लोग संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन असल में घोर वामपंथी एजेंडे को थोपना चाहते हैं। यह लड़ाई आसान नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी और जनता इस तरह के प्रोपेगैंडा को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है।'"

फडणवीस के इस कड़े बयान के बाद महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल तेज हो गई है और इसे आगामी चुनावी घमासान से पहले भाजपा का आक्रामक वैचारिक जवाबी हमला माना जा रहा है।