दिवाली से पहले Zepto, Blinkit और 'बिरयानी बाय किलो' पर FDA का हंटर; तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 105 फूड लाइसेंस सस्पेंड

दिवाली से पहले Zepto, Blinkit और 'बिरयानी बाय किलो' पर FDA का हंटर; तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 105 फूड लाइसेंस सस्पेंड

दिवाली के महापर्व से ठीक पहले खाद्य पदार्थों की भारी मांग और खपत के बीच महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मिलावटखोरी और स्वच्छता नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ व्यापक राज्यव्यापी अभियान चलाया है। अपनी सख्त कार्यशैली के लिए विख्यात आईएएस अधिकारी और महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के कड़े निर्देशों पर विभाग ने 4 और 5 नवंबर को पूरे राज्य में औचक निरीक्षण किया।

इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के कड़े नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पूरे राज्य में 105 प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिए गए हैं, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते 7 आउटलेट्स को पूरी तरह बंद (Closure Order) करने का आदेश दिया गया है।

क्विक कॉमर्स और नामी फूड चेन भी जद में: जेप्टो, ब्लिंकइट और बिरयानी बाय किलो नपे

एफडीए की इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर 10-मिनट डिलीवरी का दावा करने वाले क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और नामी फूड चेन्स पर पड़ा है:

  • जेप्टो (Zepto): मुंबई के वर्ली स्थित डार्क स्टोर/आउटलेट पर हाइजीन और स्टोरेज नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबित किया गया।

  • ब्लिंकइट (Blinkit - Blink Commerce Pvt Ltd): मुंबई में ब्लिंकइट से जुड़े आउटलेट्स के खाद्य लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए।

  • बिरयानी बाय किलो (Biryani By Kilo): लोकप्रिय बिरयानी ब्रांड के आउटलेट पर भी नियमों के उल्लंघन पर निलंबन की गाज गिरी।

  • टॉसिन पिज्जा व जंबो बर्गर: वर्ली स्थित टॉसिन पिज्जा और जंबो बर्गर आउटलेट्स के खिलाफ भी लाइसेंस सस्पेंशन की कार्रवाई हुई।

  • राजधानी बिरयानी सेंटर (बोरीवली, मुंबई): यहां गंभीर खामियां पाए जाने पर प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह सील व बंद करने का आदेश दिया गया।

  • डी-मार्ट (D-Mart, नागपुर): कामठी रोड स्थित डी-मार्ट आउटलेट पर लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर रिफाइंड सोयाबीन तेल का बड़ा स्टॉक जब्त किया गया।

एफडीए ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान ये सभी प्रतिष्ठान किसी भी प्रकार का खाद्य कारोबार या डिलीवरी संचालित नहीं कर सकेंगे।

संभागवार आंकड़े: कहां कितने लाइसेंस हुए निलंबित?

महाराष्ट्र एफडीए की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे राज्य में की गई कार्रवाई का संभागवार विवरण इस प्रकार है:

  • नासिक संभाग: 39 लाइसेंस निलंबित

  • मुंबई संभाग: 28 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड (इनमें 1 को बंद करने का आदेश)

  • पुणे संभाग: 20 लाइसेंस निलंबित (3 आउटलेट्स बंद कराए गए)

  • अमरावती संभाग: 15 लाइसेंस निलंबित (2 प्रतिष्ठान बंद)

  • छत्रपति संभाजीनगर: 2 लाइसेंस सस्पेंड

  • ठाणे संभाग: 1 लाइसेंस निलंबित

1.35 करोड़ का संदिग्ध माल जब्त, एफआईआर और गिरफ्तारियां

अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 69 से अधिक प्रतिष्ठानों से 39,485 किलोग्राम से अधिक का संदिग्ध, असुरक्षित और मिलावटी खाद्य स्टॉक जब्त किया, जिसका कुल बाजार मूल्य ₹1.35 करोड़ से अधिक आंका गया है। जब्त सामग्रियों में संदिग्ध मावा/खोया, मिठाइयां, कुकिंग ऑयल, पनीर और अत्यधिक कृत्रिम रंगों (Food Coloring) से बने खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

इसके अलावा, प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹7.96 लाख का माल पकड़ा गया। इस सिलसिले में तीन अलग-अलग पुलिस थानों में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई, दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और परिवहन में इस्तेमाल हो रहे दो वाहनों को भी जब्त किया गया।

किन खामियों के चलते हुई कार्रवाई?

निरीक्षण के दौरान जांच टीमों को कई चौंकाने वाली लापरवाहियां देखने को मिलीं:

  1. अस्वच्छ भंडारण (Unhygienic Storage): खाद्य पदार्थों को धूल, गंदगी और खुले वातावरण में रखा गया था।

  2. पेस्ट कंट्रोल का अभाव: कई डार्क स्टोर्स और किचन में चूहों, कीड़े-मकोड़ों की रोकथाम के कोई पुख्ता उपाय नहीं थे।

  3. तापमान नियंत्रण (Temperature Control) की विफलता: डेयरी और फ्रोजन फूड्स के लिए आवश्यक कोल्ड-चेन मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।

  4. मेडिकल फिटनेस और अनिवार्य रिकॉर्ड न होना: खाना बनाने और पैक करने वाले कर्मचारियों के अनिवार्य मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और बैच रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिले।

एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे की सख्त चेतावनी: 'मौत होने पर उम्रकैद तक की सजा'

एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को चेताया है कि त्योहार के नाम पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुंढे ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ के सेवन से किसी नागरिक की जान जाती है, तो कानूनन दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार व्यापारियों को उम्रकैद की सजा और ₹10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने साफ किया कि एफडीए की यह सघन निगरानी पूरी दिवाली और उसके बाद भी लगातार जारी रहेगी।