मोदी सरकार के मंत्रालयों का फाइनल 'रिपोर्ट कार्ड' जारी! जानिए किस मंत्रालय ने मारी बाजी और पीएम मोदी ने वीआईपी कल्चर पर क्यों कसी नकेल

मोदी सरकार के मंत्रालयों का फाइनल 'रिपोर्ट कार्ड' जारी! जानिए किस मंत्रालय ने मारी बाजी और पीएम मोदी ने वीआईपी कल्चर पर क्यों कसी नकेल

केंद्र की मोदी सरकार के सभी मंत्रालयों और मंत्रियों के कामकाज का एक बड़ा और बेहद कड़ा लेखा-जोखा सामने आ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की एक मैराथन बैठक में देश के सभी मंत्रालयों का फाइनल 'रिपोर्ट कार्ड' पेश किया गया। कैबिनेट सचिवालय द्वारा तैयार किए गए एक बेहद आधुनिक और नए असेसमेंट सिस्टम (मूल्यांकन प्रणाली) के तहत साल 2025 के प्रदर्शन के आधार पर यह स्कोरकार्ड तैयार किया गया है। इस समीक्षा में विभिन्न पैमानों पर सबसे बेहतरीन और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों की बकायदा पहचान की गई है। रिपोर्ट कार्ड सामने आने के बाद पीएम मोदी ने मंत्रियों को सरकारी खर्चों में भारी कटौती करने और किसी भी तरह की फिजूलखर्ची से बचने की सख्त हिदायत दी है।

नई मूल्यांकन प्रणाली: जानिए साल 2025 में किस आधार पर तय हुई मंत्रालयों की परफॉर्मेंस

कैबिनेट सचिवालय द्वारा विकसित की गई इस नई और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली के जरिए सभी सरकारी विभागों के कामकाज की बहुत बारीकी से स्क्रूटनी की गई। बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने सभी मंत्रालयों का विस्तृत स्कोरकार्ड मंत्रियों के सामने रखा। इस उच्च स्तरीय बैठक में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा सहित कई वरिष्ठ नौकरशाहों और अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया कि कैसे सरकारी कामकाज और योजनाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ, पारदर्शी और तेज बनाया जाए।

इन कड़े पैमानों पर कसा गया मंत्रालयों को: सिर्फ कागजी काम से नहीं चली बात

इस बार मंत्रालयों का मूल्यांकन सिर्फ उनके रूटीन या कोर काम के आधार पर नहीं किया गया, बल्कि वैश्विक और आंतरिक संकट की स्थितियों में उनकी सक्रियता को मुख्य आधार बनाया गया। मुख्य रूप से इन चार पैमानों पर मंत्रालयों को नंबर दिए गए:

  • जन शिकायत निवारण: आम जनता द्वारा दर्ज कराई गई समस्याओं और शिकायतों को किस मंत्रालय ने कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से सुलझाया।

  • फाइल मैनेजमेंट: सरकारी दफ्तरों में लालफीताशाही को खत्म करते हुए अटकी हुई फाइलों का निपटारा कितनी तेजी से किया गया।

  • रणनीतिक सूझबूझ: विभिन्न मंत्रालयों के आपसी तालमेल (अंतर-मंत्रालयी मामलों) में किसने सबसे सटीक और दूरदर्शी सुझाव दिए।

  • संकट प्रबंधन: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध जैसे गंभीर वैश्विक संकटों के बीच किस मंत्रालय ने देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखने में सबसे बेहतरीन काम किया।

बेस्ट परफॉर्मर्स: मोदी सरकार के इन मंत्रालयों ने हासिल किया टॉप स्कोर

इस कड़ी और त्रिस्तरीय समीक्षा में कुछ मंत्रालयों ने अपने बेहतरीन काम की बदौलत टॉप स्कोर हासिल कर बाजी मारी है। हालांकि, खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों को भी चिन्हित करके उन्हें अपनी कमियां सुधारने की कड़ी चेतावनी दी गई है, लेकिन सरकार की तरफ से फिलहाल उनके नामों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों की सूची इस प्रकार है:

मंत्रालय शानदार प्रदर्शन का क्षेत्र (Top Category) मुख्य उपलब्धि
उपभोक्ता मामले मंत्रालय जन शिकायत निवारण और संकट प्रबंधन आम जनता की शिकायतों का सबसे तेज निपटारा किया और पश्चिम एशिया संकट को बेहतर ढंग से संभाला।
कोयला मंत्रालय फाइलों का त्वरित निपटान दफ्तरों में पेंडिंग फाइलों को तेजी से क्लियर किया और उत्कृष्ट विभागीय प्रबंधन दिखाया।
ऊर्जा मंत्रालय ऊर्जा सुरक्षा देश में ऊर्जा की मांग और आपूर्ति का संतुलन बनाए रखा तथा तय लक्ष्यों को समय पर पूरा किया।
स्वास्थ्य मंत्रालय स्वास्थ्य सुविधाएं और नीतिगत मोर्चे देश के सुदूर इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने और नई स्वास्थ्य नीतियों पर शानदार काम किया।

पीएम मोदी के सख्त निर्देश: मंत्रियों के वीआईपी कल्चर और फिजूलखर्ची पर पूर्ण विराम

चार घंटे से भी अधिक समय तक चली इस बेहद अहम बैठक में मोदी 3.0 सरकार की दूसरी वर्षगांठ (9 जून) से ठीक पहले सरकार के भविष्य की दिशा और कड़े नियम तय कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रियों को दोटूक शब्दों में वीआईपी कल्चर (VIP Culture) से पूरी तरह दूर रहने और जमीन पर रहकर काम करने की सलाह दी है।

मंत्रियों के कामकाज और आचरण को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा जारी किए गए कुछ सबसे प्रमुख और कड़े दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:

  • विदेशी दौरों पर सख्त पाबंदी: जब तक कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा देश के हित में बेहद जरूरी न हो या भारत के भविष्य के कूटनीतिक लक्ष्यों के लिए अनिवार्य न हो, तब तक मंत्रियों के विदेशी दौरों को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

  • काफिलों में होगी कटौती: मंत्रियों को सड़कों पर चलते समय अपने बड़े-बड़े वीआईपी काफिलों को छोटा करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों की गाड़ियों के काफिले से आम जनता को होने वाली परेशानी को रोकने के लिए जल्द ही एक नया अभियान शुरू हो सकता है।

  • अंतरराष्ट्रीय समिट फिलहाल रद्द: सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ और फिजूलखर्ची को रोकने के लिए भारत में होने वाली अफ्रीका समिट और 'बिग कैट एलायंस' जैसी बड़ी इंटरनेशनल मीटिंग्स को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है।

  • ऊर्जा संकट पर विशेष नजर: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी गतिरोध के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने ऊर्जा मंत्रालय को बायोगैस, सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के इस्तेमाल और उत्पादन को युद्धस्तर पर बढ़ाने का निर्देश दिया है।

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