क्या सचमुच टूटने की कगार पर है TMC, 80 में से 50 विधायक और 20 सांसद बदल सकते हैं पाला, भाजपा के इस बड़े दावे से बंगाल में मंचा हड़कंप

क्या सचमुच टूटने की कगार पर है TMC, 80 में से 50 विधायक और 20 सांसद बदल सकते हैं पाला, भाजपा के इस बड़े दावे से बंगाल में मंचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन के बाद भी सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बहुत बड़ा संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है, जिससे पार्टी में अब तक की सबसे बड़ी टूट की आशंका गहरा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ सांसद ने बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि टीएमसी के आधे से ज्यादा विधायक और दर्जनों सांसद अपनी ही पार्टी का साथ छोड़कर पाला बदलने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद बंगाल में टीएमसी के पास कुल 80 विधायक बचे हैं, जिनमें से एक बड़ा धड़ा अब बगावत के मूड में नजर आ रहा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यदि यह दावा सच साबित हुआ, तो बंगाल की राजनीति से टीएमसी का वजूद हमेशा के लिए संकट में पड़ सकता है।

भाजपा सांसद सौमित्र खान का बड़ा धमाका, कहा- केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलते ही खत्म हो जाएगी TMC

मीडिया गलियारों में चल रही खबरों के मुताबिक, भाजपा सांसद सौमित्र खान ने एक बयान जारी कर बंगाल की राजनीति में सनसनी फैला दी है। उन्होंने साफ शब्दों में दावा किया है कि इस समय टीएमसी के करीब 50 विधायक और 20 सांसद अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से बुरी तरह नाराज चल रहे हैं। सौमित्र खान ने कहा, "अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सिर्फ एक बार अपनी सहमति दे देता है, तो पश्चिम बंगाल में टीएमसी नाम की कोई पार्टी ही नहीं बचेगी। ये तमाम असंतुष्ट नेता भाजपा में शामिल होने के लिए पलकें बिछाए इंतजार कर रहे हैं।" कयास लगाए जा रहे हैं कि संसद के आगामी मानसून सत्र के आसपास टीएमसी के ये बागी सांसद और विधायक सामूहिक रूप से पाला बदलकर पासा पलट सकते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर टीएमसी नेतृत्व की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

100 से ज्यादा पार्षदों का इस्तीफा, फिरहाद हाकिम और काकोली घोष दस्तीदार जैसे दिग्गज चेहरे भी खफा

भाजपा सांसद का यह सनसनीखेज बयान ऐसे नाजुक समय पर आया है जब टीएमसी पहले से ही आंतरिक कलह से जूझ रही है। खबर है कि पार्टी के 100 से ज्यादा पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा, ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले पार्टी के बड़े चेहरे जैसे फिरहाद हाकिम और सांसद काकोली घोष दस्तीदार भी पार्टी के वर्तमान नेतृत्व से बेहद खफा बताए जा रहे हैं। हालांकि फिरहाद हाकिम ने अभी तक खुलकर मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा है, लेकिन काकोली घोष दस्तीदार की नाराजगी अब जगजाहिर हो चुकी है। हाल ही में उनके बेटे ने भी इस बात के संकेत दिए थे कि उनकी मां जल्द ही सांसद पद से अपना इस्तीफा सौंप सकती हैं, जिसने टीएमसी की चिंताओं को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

20 सांसदों के पाला बदलने की पटकथा तैयार, आंतरिक रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

'संघवाद प्रतिदिन' की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी के भीतर चल रही यह बगावत सिर्फ राज्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के गलियारों तक पहुंच चुकी है। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि टीएमसी के कम से कम 12 सांसदों ने भाजपा में शामिल होने या उसे बाहर से समर्थन देने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके अलावा, इस गुप्त सूची में 5 से 6 अन्य बड़े नाम भी शामिल हैं जो लगातार भाजपा के संपर्क में बने हुए हैं। रिपोर्ट में रणनीति के तहत अभी इन सांसदों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ 12 से अधिक सांसदों की बातचीत अंतिम दौर में है और यह आंकड़ा बहुत जल्द 20 तक पहुंच सकता है।

टीएमसी के दो विधायकों ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से की मुलाकात, शिष्टाचार भेंट या बड़ी बगावत का संकेत?

इस पूरे राजनीतिक ड्रामे के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा से एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के दो प्रमुख विधायकों— ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस से एक विशेष मुलाकात की। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि इस मुलाकात के दौरान राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां खुद मौजूद थे। हालांकि, इस बैठक को दोनों विधायकों ने महज एक 'शिष्टाचार भेंट' करार दिया है, लेकिन राजनीति में टाइमिंग का बड़ा महत्व होता है। यह मुलाकात ठीक उस घटनाक्रम के कुछ दिनों बाद हुई है जब ऋतब्रत बनर्जी ने दिल्ली स्थित पुराने बंग भवन में शुभेंदु अधिकारी से सीक्रेट मीटिंग की थी। चुनाव के बाद बदलती परिस्थितियों में विपक्षी खेमे के विधायकों की सूबे के मुखिया से यह नजदीकी बंगाल में किसी नई सियासी पटकथा की तरफ साफ इशारा कर रही है।

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