चंडीगढ़ में गर्मी के बीच लगा 'शराब का लंगर', फ्री वोदका वाली चुस्की बांटना स्टंटबाज मालिक को पड़ा भारी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
चंडीगढ़ में पब्लिसिटी बटोरने और सोशल मीडिया पर रील बनाने के चक्कर में एक शराब ठेके के मालिक को कानून का ऐसा पाठ पढ़ना पड़ा कि अब वह जेल की हवा खा रहा है। भीषण गर्मी से बेहाल लोगों को राहत देने के नाम पर चंडीगढ़ के एक नामी इलाके में सरेआम 'शराब का लंगर' लगा दिया गया। राह चलते लोगों को बर्फ के गोले (आइस चुस्की) में वोदका मिलाकर मुफ्त में परोसी जा रही थी। जैसे ही इसका वीडियो इंटरनेट पर आया, यह आग की तरह फैल गया। यूजर्स ने इसे 'शराब का लंगर' नाम दे दिया, लेकिन अब इस 'लंगर' के आयोजक यानी ठेका मालिक पर प्रशासन का ऐसा डंडा चला है कि दुकान का लाइसेंस भी रद्द होने की कगार पर पहुंच गया है।
जानिए क्या है 'फ्री वोदका चुस्की' का पूरा मामला
यह पूरा मामला चंडीगढ़ के पॉश इलाके सेक्टर 9 का है। दरअसल, बीती 23 मई की दोपहर करीब 2 बजे सेक्टर 9 के इनर मार्केट में स्थित एक शराब ठेके के बाहर कुछ लोगों ने बकायदा एक रिफ्रेशमेंट स्टॉल लगाया। गर्मी से परेशान राहगीरों को लुभाने के लिए यहां बर्फ के गोले बांटे जाने लगे, लेकिन ट्विस्ट यह था कि इस गोले में आम सिरप की जगह 'स्मिर्नॉफ मिंटी जामुन' (एक मशहूर फ्लेवर्ड वोदका) मिलाई जा रही थी। देखते ही देखते वहां मुफ्त की वोदका चुस्की लेने वालों की भीड़ जुट गई। किसी ने इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद आबकारी विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस एक्शन में, 53 वर्षीय ठेका मालिक राजेश सचदेवा गिरफ्तार
वीडियो वायरल होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग तुरंत हरकत में आया। जांच में सामने आया कि यह ठेका 'मेसर्स बजाज स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड' (लाइसेंसिंग यूनिट 06) के तहत संचालित होता है और इसका नाम 'लिकर वर्ल्ड वाइन शॉप' है। वीडियो सामने आने के ठीक दो दिन बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पंचकूला के साकेतरी गांव के रहने वाले 53 वर्षीय राजेश सचदेवा को गिरफ्तार कर लिया, जो इस दुकान के मालिक हैं। मुफ्त की शराब बांटकर पब्लिसिटी पाने का यह आइडिया अब मालिक के लिए गले की हड्डी बन चुका है।
'शराब का लंगर' लगाने में टूटे आबकारी विभाग के ये कड़े नियम
चंडीगढ़ प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया है और नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में 'मेसर्स बजाज स्पिरिट्स' को दो कड़े कारण बताओ नोटिस थमा दिए हैं। इस एक कृत्य से कई गंभीर कानूनों का उल्लंघन हुआ है:
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तय परिसर के बाहर शराब परोसना: पंजाब लिकर लाइसेंस रूल्स, 1956 के नियम 37(2) के मुताबिक, कोई भी लाइसेंस धारक तय दुकान या परिसर की सीमा के बाहर शराब नहीं बेच या परोस सकता। सड़क पर सरेआम वोदका बांटना इस नियम का सीधा उल्लंघन है।
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मुफ्त शराब और प्रलोभन पर रोक: इसी कानून के नियम 37(10) के तहत किसी भी ग्राहक को आकर्षित करने के लिए मुफ्त में शराब बांटना या किसी भी तरह का प्रलोभन देना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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डिजिटल विज्ञापन पर 5 लाख का जुर्माना: नई आबकारी नीति 2026-27 के क्लॉज 68 के अनुसार, सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शराब का प्रचार करना या उसे बढ़ावा देना सख्त मना है। ऐसा करने पर सीधे 5 लाख रुपये के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान है।
लाइसेंस रद्द होने की तलवार, मालिक पर दर्ज हुई गंभीर धाराएं
इस मामले में अब आरोपी ठेका मालिक चौतरफा कानूनी कार्रवाई से घिर गया है। पंजाब आबकारी अधिनियम की धारा 36 के तहत आबकारी कलेक्टर को यह अधिकार है कि वह ऐसे उल्लंघनों पर दुकान का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दे। प्रशासन ने कंपनी को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए 1 जून, 2026 को दोपहर 3 बजे तलब किया है। इसके साथ ही, चंडीगढ़ के सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) और पंजाब आबकारी अधिनियम की धारा 68-1-14 के तहत एफआईआर (नंबर 49) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।