TMC में खुली बगावत, महिला सांसद ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज पर लगाया संसद में गाली देने का आरोप, स्पीकर ओम बिरला से की बड़ी शिकायत

TMC में खुली बगावत, महिला सांसद ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज पर लगाया संसद में गाली देने का आरोप, स्पीकर ओम बिरला से की बड़ी शिकायत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर का अंतर्कलह अब खुलकर देश के सामने आ गया है। पार्टी में बगावत की आग इस कदर भड़क चुकी है कि एक वरिष्ठ महिला सांसद ने अपनी ही पार्टी के एक कद्दावर पुरुष सांसद के खिलाफ सीधे देश की संसद के भीतर मोर्चा खोल दिया है। टीएमसी की दिग्गज सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक आधिकारिक पत्र लिखकर अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी पर संसद के अंदर बदतमीजी, मौखिक दुर्व्यवहार और गाली-गलौज करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। इस कदम के बाद से ही दिल्ली से लेकर कोलकाता तक की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, न्याय की गुहार लगाते हुए की कार्रवाई की मांग

सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेजे गए अपने आधिकारिक शिकायत पत्र में न्याय की गुहार लगाते हुए बेहद तल्ख शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने पत्र में लिखा कि वह तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा परिसर के भीतर बार-बार उनके साथ मौखिक रूप से अभद्र व्यवहार किया है। काकोली घोष ने यह भी दावा किया कि कल्याण बनर्जी का यह महिला विरोधी रवैया सिर्फ उनके प्रति नहीं, बल्कि कई अन्य महिला सांसदों के खिलाफ भी रहा है, जिसके लिए उन्हें हर हाल में दंडित किया जाना बेहद जरूरी है।

महिला विंग के अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा, अब हुआ नाम का बड़ा खुलासा

इस बड़ी शिकायत से ठीक पहले डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद समेत पार्टी के अन्य सभी सांगठनिक पदों से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। उस समय अपने त्यागपत्र में उन्होंने पार्टी के ही एक तथाकथित पढ़े-लिखे सांसद के महिला विरोधी व्यवहार को वजह बताया था, लेकिन तब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर किसी के नाम का खुलासा नहीं किया था। अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए इस पत्र ने पूरे सस्पेंस से पर्दा उठा दिया है कि वह शिक्षित और वरिष्ठ सांसद कोई और नहीं, बल्कि अपने आक्रामक और विवादित बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ही हैं।

ममता और अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना, नेतृत्व पर सहयोग न करने का आरोप

काकोली घोष दस्तीदार के इस कदम ने न सिर्फ कल्याण बनर्जी बल्कि टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के भीतर हुए इस पूरे दुर्व्यवहार के मामले को लेकर उन्होंने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से भी संपर्क साधा था। लेकिन दुख की बात यह रही कि पार्टी आलाकमान से उन्हें इस संवेदनशील मामले में कोई पर्याप्त सहयोग, कार्रवाई का आश्वासन या सहानुभूति नहीं मिली। इसी उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने सबसे पहले अपने पदों को छोड़ने का फैसला किया और अब सीधे संसद के सर्वोच्च आसन से न्याय की गुहार लगाई है।

चुनाव में हार के बाद आंतरिक कलह से घिरीं ममता बनर्जी, बढ़ीं मुश्किलें

हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के सदमे और राजनीतिक नुकसान से तृणमूल कांग्रेस अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि इस आंतरिक बगावत ने ममता बनर्जी की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं। संसद के भीतर अपनी ही पार्टी के पुरुष सांसद द्वारा एक महिला सांसद को प्रताड़ित करने का संगीन आरोप लगना और उसकी शिकायत आंतरिक स्तर पर सुलझाने के बजाय सीधे विपक्षी दल के नियंत्रण वाले लोकसभा अध्यक्ष के पास पहुंचना, टीएमसी के लिए एक बहुत बड़ी सियासी फजीहत बन गया है। इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी के नेतृत्व और उनकी पार्टी की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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