पासपोर्ट सिर्फ यात्रा का जरिया, नागरिकता का आधार नहीं; विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, बताया अब कितने देशों में मिलेगी वीजा फ्री एंट्री

पासपोर्ट सिर्फ यात्रा का जरिया, नागरिकता का आधार नहीं; विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, बताया अब कितने देशों में मिलेगी वीजा फ्री एंट्री

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने देश की पासपोर्ट सेवाओं और भारतीयों के लिए वैश्विक गतिशीलता (ग्लोबल मोबिलिटी) को लेकर कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आंकड़े साझा किए हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट बुनियादी तौर पर विदेश यात्रा करने के लिए एक वैध ट्रैवल डॉक्यूमेंट (यात्रा दस्तावेज) है, इसे नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार का पूरा ध्यान अब पासपोर्ट की पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, डिजिटल और आम जनता के लिए बेहद आसान बनाने पर केंद्रित है।

10 साल में 6 गुना बढ़े केंद्र, अब पुलिस वेरिफिकेशन के बाद महज 6 दिनों में हाथ में होगा पासपोर्ट

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में पासपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। पिछले 10 सालों में देश के भीतर पासपोर्ट केंद्रों की संख्या में 6 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2014 में जहां देशभर में केवल 77 पासपोर्ट केंद्र थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 545 हो चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि साल 2025 में कुल 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी सेवाएं देशवासियों को दी गईं, जिनमें अकेले नए पासपोर्टों की संख्या 1.39 करोड़ रही। अब पुलिस वेरिफिकेशन की अवधि को छोड़ दिया जाए, तो विभाग को नया पासपोर्ट जारी करने में केवल 6 दिनों का समय लगता है, जबकि पासपोर्ट कार्यालयों के भीतर नागरिकों का औसत वेटिंग टाइम घटकर 45 मिनट से भी कम रह गया है।

भारतीय पासपोर्ट की बढ़ी ताकत: 27 देशों में वीजा-मुक्त एंट्री, 47 देशों में 'वीजा ऑन अराइवल'

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख का सीधा असर भारतीय पासपोर्ट की ताकत (Passport Power) पर भी देखने को मिल रहा है। विदेश मंत्रालय ने गर्व से बताया कि भारतीय नागरिकों को बिना किसी पूर्व वीजा के 'वीजा-मुक्त प्रवेश' (Visa-Free Entry) देने वाले देशों की संख्या अब बढ़कर 27 हो गई है, जो साल 2019 में केवल 16 थी। इसके अलावा, दुनिया के 47 देश अब भारतीय पर्यटकों को पहुंचते ही 'वीजा ऑन अराइवल' (Visa on Arrival) की शानदार सुविधा दे रहे हैं, जबकि 66 देशों ने भारतीयों के लिए त्वरित 'ई-वीजा' (e-Visa) की व्यवस्था शुरू कर दी है। आम जनता की सहूलियत के लिए मंत्रालय इस साल 10 नए पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSKs) भी खोलने जा रहा है।

यूरोपियन देशों के साथ हुए मोबिलिटी समझौते, छात्रों और बिजनेस क्लास को होगा सीधा फायदा

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने पिछले कुछ समय में मुख्य रूप से यूरोपीय देशों के साथ कई महत्वपूर्ण मोबिलिटी और माइग्रेशन पार्टनरशिप समझौते (Mobility Agreements) किए हैं। इन अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सबसे बड़ा फायदा भारतीय शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों, प्रोफेशनल ट्रेनर्स, सामान्य पर्यटकों और व्यापारिक वर्ग को मिल रहा है, जिससे उनके लिए विदेशों में आना-जाने की कानूनी प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है। इसके साथ ही, इन समझौतों के जरिए विदेशों में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की सुरक्षित और व्यवस्थित वापसी के लिए भी एक मजबूत और पारदर्शी सिस्टम तैयार किया गया है।