लंदन दौरे पर उद्योग मंत्री के न जाने पर सियासी घमासान: 'चार दिन की छुट्टी' पर DMK ने पूछा पीरियड्स से जुड़ा सवाल, विवाद बढ़ने पर एस. कीर्तना की टीम ने दी सफाई
तमिलनाडु की सियासत में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) की हालिया लंदन यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक तीखे सियासी और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से की गई इस महत्वपूर्ण विदेश यात्रा में प्रदेश की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना के शामिल न होने पर विपक्ष लगातार सवाल खड़े कर रहा था।
इस बीच, सरकार में मंत्री आधव अर्जुन द्वारा दिए गए 'चार दिन की छुट्टी' वाले बयान ने विवाद में नया तूल पकड़ लिया। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की नेता वैष्णवी ने इस बयान को सीधे तौर पर महिलाओं के पीरियड्स (माहवारी) से जोड़ते हुए टीवीके (TVK) नेतृत्व की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले के तूल पकड़ते ही उद्योग मंत्री की टीम को सामने आकर आधिकारिक सफाई जारी करनी पड़ी।
'चार दिन की छुट्टी' वाले बयान पर डीएमके ने साधा निशाना
विपक्ष का मुख्य सवाल यह था कि जब मुख्यमंत्री राज्य में औद्योगिक निवेश लाने के लिए ब्रिटेन के दौरे पर गए थे, तो संबंधित विभाग की कैबिनेट मंत्री एस. कीर्तना डेलिगेशन का हिस्सा क्यों नहीं थीं?
इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री विजय के करीबी माने जाने वाले मंत्री आधव अर्जुन ने मीडिया में बयान दिया था कि उद्योग मंत्री स्वास्थ्य कारणों से चार दिनों की छुट्टी पर थीं, जिस कारण वे इस दौरे पर नहीं जा सकीं।
आधव अर्जुन के इसी बयान पर पलटवार करते हुए डीएमके नेता वैष्णवी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
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"मंत्री आधव अर्जुन का कहना है कि उद्योग मंत्री स्वास्थ्य कारणों से चार दिन के अवकाश पर थीं। सार्वजनिक जीवन में इन 'चार दिनों की छुट्टी' का क्या संकेत निकाला जाए? क्या इसका सीधा अर्थ पीरियड्स से है? और यदि ऐसा है, तो एक जिम्मेदार पद पर बैठी महिला मंत्री के संदर्भ में इसे इस तरह सार्वजनिक विमर्श का विषय क्यों बनाया जा रहा है?"
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वैष्णवी ने आगे कहा कि आज के दौर में महिला एथलीट और पेशेवर महिलाएं पीरियड्स को बेहद सामान्य और स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया के रूप में संभालते हुए देश-दुनिया में परचम लहराती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि खेल मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाले नेता के पास महिलाओं की कार्यशैली और सम्मान को लेकर क्या बुनियादी समझ भी नहीं है?
विवाद बढ़ने पर आई सफाई: अस्पताल में भर्ती थीं मंत्री, हुई गर्दन की सर्जरी
बयानबाजी और सोशल मीडिया पर बढ़ते विवाद के बीच उद्योग मंत्री एस. कीर्तना के आधिकारिक कार्यालय और टीम ने स्थिति स्पष्ट की। इंस्टाग्राम पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में बताया गया कि मंत्री की अनुपस्थिति के पीछे कोई सामान्य या अस्पष्ट कारण नहीं, बल्कि एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी थी।
टीम द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:
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मंत्री एस. कीर्तना गर्दन में गंभीर समस्या से जूझ रही थीं, जिसके चलते उन्हें चेन्नई के प्रसिद्ध कामाक्षी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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अस्पताल में उनकी गर्दन की जरूरी सर्जरी की गई थी।
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डॉक्टरों ने उन्हें ऑपरेशन के बाद कम से कम 20 दिनों के पूर्ण बेड रेस्ट की सख्त चिकित्सीय सलाह दी थी।
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इसके बावजूद, अपने प्रशासनिक दायित्वों और जनता के प्रति जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए कीर्तना महज चार दिनों के भीतर ही अस्पताल से डिस्चार्ज होकर काम पर लौट आईं।
कैबिनेट की सबसे युवा और एकमात्र महिला चेहरा हैं एस. कीर्तना
गौरतलब है कि तमिलनाडु की मौजूदा सरकार में एस. कीर्तना सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्रियों में शुमार हैं और मंत्रिपरिषद में एकमात्र महिला मंत्री का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनके महत्वपूर्ण उद्योग मंत्रालय संभालने और तेजी से उभरते राजनीतिक कद के कारण वे अक्सर विपक्षी दलों और सोशल मीडिया ट्रोल्स के निशाने पर भी रहती हैं।
कीर्तना की टीम ने स्पष्ट किया है कि विदेशी दौरे से उनकी अनुपस्थिति केवल और केवल उनकी सर्जरी और अस्पताल में भर्ती होने की वजह से थी। ऐसे संवेदनशील स्वास्थ्य मसले को तोड़-मरोड़कर पेश करना और बिना सच्चाई जाने व्यक्तिगत व अशोभनीय टिप्पणियां करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।