'लोगों को भड़काकर वियतनाम भाग जाते हैं राहुल गांधी', निशिकांत दुबे का बड़ा हमला; इल्हान उमर से मुलाकातों पर पूछे तीखे सवाल

'लोगों को भड़काकर वियतनाम भाग जाते हैं राहुल गांधी', निशिकांत दुबे का बड़ा हमला; इल्हान उमर से मुलाकातों पर पूछे तीखे सवाल

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के तुरंत बाद राहुल गांधी के कथित वियतनाम दौरे को लेकर दुबे ने सवाल खड़े किए हैं। झारखंड के दुमका में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के भीतर युवाओं और जनता को भड़काकर माहौल खराब करते हैं और फिर अचानक विदेश रवाना हो जाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में राहुल गांधी 270 से अधिक बार विदेश यात्राएं कर चुके हैं।

'किसके इशारे पर इल्हान उमर से मिलते हैं राहुल?': अमेरिकी सांसद का किया जिक्र

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय मुलाकातों पर गंभीर सवाल उठाते हुए अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर और रो खन्ना का नाम लिया। भाजपा सांसद ने दावा किया कि राहुल गांधी जब भी अमेरिका या अन्य देशों में जाते हैं, तो वे भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले तत्वों से संपर्क साधते हैं।

दुबे ने कहा, "इल्हान उमर वह जनप्रतिनिधि हैं जिन्होंने पाकिस्तान जाकर कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताने वाला बयान दिया था। आज अमेरिकी प्रशासन इल्हान उमर के परिवार और वित्तीय लेन-देन पर जांच व छापे की कार्रवाई कर रहा है। मेरा राहुल गांधी से सीधा सवाल है कि वे अमेरिका जाकर किसके निर्देश और किसके इशारे पर इल्हान उमर से नियमित मुलाकातें करते रहे हैं?"

विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने की साजिश का आरोप

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि देश में चल रहे हालिया सड़क प्रदर्शन केवल लोकतांत्रिक विरोध नहीं हैं, बल्कि यह विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर भारत की स्थिरता को चोट पहुंचाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को सरकार बदलनी है, तो उसका संवैधानिक और सही जरिया लोकतांत्रिक चुनाव हैं, न कि सड़कों पर अराजकता फैलाना। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की यात्राओं में ऑनलाइन गैंबलिंग सिंडिकेट और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लोगों की कथित मौजूदगी की जांच की भी मांग उठाई।

कांग्रेस का पलटवार: 'विपक्ष के सवालों से ध्यान भटकाने की हताश कोशिश'

निशिकांत दुबे के इन आरोपों पर विपक्षी खेमे और कांग्रेस की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा की विभाजनकारी राजनीति और हताशा का परिणाम करार दिया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि जब भी विपक्ष जनता के अधिकार, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर सरकार को घेरता है, भाजपा नेता आधारहीन षड्यंत्रकारी कहानियां गढ़ने लगते हैं। कांग्रेस ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की निजी और पेशेवर यात्राओं को बेवजह तूल देकर सरकार असल सामाजिक और आर्थिक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

विदेश दौरों पर फिर छिड़ी सियासी जंग

चुनावी सुधारों, परिसीमन की सुगबुगाहट और संसद के आगामी सत्र से ठीक पहले राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा जहां इसे देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैये के तौर पर पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे विपक्ष की आवाज दबाने और नेताओं के निजी जीवन पर पहरा बैठाने की साजिश बता रही है।